'हर व्यक्ति शंकराचार्य नहीं लिख सकता'... स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद विवाद पर सामने आया सीएम योगी का तगड़ा रिएक्शन
सीएम योगी आदित्यनाथ ने विधानसभा में शंकराचार्य विवाद पर तोड़ी चुप्पी. कहा- कानून से ऊपर कोई नहीं, हर व्यक्ति खुद को शंकराचार्य नहीं लिख सकता. पढ़ें पूरी खबर.
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उत्तर प्रदेश विधानसभा में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद से जुड़े हालिया विवाद पर पहली बार खुलकर रिएक्शन दिया. मुख्यमंत्री योगी ने सदन में स्पष्ट लहजे में कहा कि मर्यादाओं का उल्लंघन किसी भी सूरत में स्वीकार्य नहीं है और हर व्यक्ति को देश के कानून का सम्मान करना चाहिए.
'हर व्यक्ति शंकराचार्य नहीं लिख सकता'
शंकराचार्य पद को लेकर सीएम योगी ने कहा, "देश के अंदर शंकराचार्य की पवित्र परंपरा है. जगद्गुरू शंकराचार्य ने देश के चार कोनों में चार पीठों की स्थापना की. उत्तर में ज्योतिष पीठ की स्थापना, दक्षिण में श्रृंगेरी, पूर्व में पुरी और पश्चिम में द्वारका. चार पीठ के चार वेद हैं. ऋग्वेद, यजुर्वेद, सामवेद और अथर्ववेद. इनके सबके अपने मंत्र हैं. आदि जगत गुरु शंकराचार्य ने अनिवार्य किया कि जिस पीठ के लिए जो पात्र होगा, उसे परंपरा के अनुसार मान्य किया गया."
उन्होंने कड़े शब्दों में कहा कि "हर व्यक्ति शंकराचार्य नहीं लिख सकता. हर व्यक्ति आचार्य के रूप में जहां-तहां जाकर माहौल खराब नहीं कर सकता. मर्यादाओं का पालन सबको करना होगा."
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'जो मुद्दा नहीं था, उसे जानबूझकर बनाया गया'
मौनी अमावस्या के दिन माघ मेले में हुई अव्यवस्था पर बोलते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि 4.5 करोड़ की भीड़ के बीच जिस तरह रास्ते को ब्लॉक किया गया, वह किसी जिम्मेदार व्यक्ति का आचरण नहीं हो सकता. उन्होंने व्यवस्था और अनुशासन पर जोर देते हुए कहा, "माघ मेले में जो मुद्दा नहीं था, उसे जानबूझकर मुद्दा बनाया गया. क्या हर व्यक्ति मुख्यमंत्री बनकर पूरे प्रदेश में घूम सकता है. क्या कोई मंत्री का बोर्ड लगाकर घूम सकता है. क्या कोई सपा का अध्यक्ष बनकर प्रदेश में घूम सकता है. नही. एक सिस्टम है, एक व्यवस्था है."
सीएम योगी ने कहा कि 'मेरे लिए भी वही कानून है, जो किसी आम व्यक्ति के लिए है. कोई व्यक्ति कानून से ऊपर नहीं हो सकता. मेरा यह मानना है कि भारत के हर व्यक्ति को कानून मानना चाहिए."
सीएम योगी ने सपा को यूं लिया निशाने पर
मुख्यमंत्री ने समाजवादी पार्टी पर निशाना साधा. उन्होंने कहा कि अगर विपक्ष उन्हें शंकराचार्य मानता था, तो पूर्व में वाराणसी में उन पर लाठीचार्ज क्यों कराया गया और एफआईआर क्यों दर्ज की गई? उन्होंने सपा को खरी-खरी सुनाते हुए कहा, "अगर सपा के लोग उन्हें पूजना चाहते हैं तो पूजे. लेकिन हम लोग मर्यादित लोग हैं, कानून के शासन पर विश्वास करते हैं, कानून का शासन पालन करते हैं, पालन करवाना भी जानते हैं. आप लोग इसके नाम पर गुमराह करना बंद करिए."
नीचे शेयर किए गए लाइव में 2 घंटे के बाद देखें शंकराचार्य विवाद पर सीएम योगी ने क्या-क्या कहा:
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