कांग्रेस छोड़कर अखिलेश यादव का हाथ थामेंगे नसीमुद्दीन सिद्दीकी? 15 फरवरी को सपा में ज्वाइनिंग की चर्चा
Will Naseemuddin Siddiqui join SP: नसीमुद्दीन सिद्दीकी को लेकर ऐसी चर्चा है कि वो कांग्रेस छोड़कर समाजवादी पार्टी में शामिल हो सकते हैं. सूत्रों के अनुसार, 15 तारीख को उनकी पार्टी जॉइनिंग हो सकती है. उन्होंने कांग्रेस में काम नहीं करने का हवाला देते हुए इस्तीफा दिया था.

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Will Naseemuddin Siddiqui join SP: उत्तर प्रदेश की राजनीति में एक बार फिर बड़ा उलटफेर होने जा रहा है. बहुजन समाज पार्टी सरकार में 'मिनी सीएम' कहे जाने वाले और पूर्व मंत्री नसीमुद्दीन सिद्दीकी अब समाजवादी पार्टी का दामन थामने की तैयारी में हैं. सूत्रों के हवाले से बड़ी खबर आ रही है कि 15 फरवरी को अखिलेश यादव की मौजूदगी में नसीमुद्दीन सिद्दीकी औपचारिक रूप से सपा में शामिल हो सकते हैं.
कांग्रेस से इस्तीफा और सपा की राह
हाल ही में कांग्रेस से इस्तीफा देने के बाद नसीमुद्दीन सिद्दीकी के अगले कदम को लेकर तमाम कयास लगाए जा रहे थे. चर्चा थी कि वह चंद्रशेखर आजाद की पार्टी के साथ जाकर पश्चिमी यूपी में 'दलित-मुस्लिम' गठबंधन को मजबूत करेंगे. लेकिन यूपी तक की खबर पर मुहर लगती दिख रही है कि उनका अगला ठिकाना समाजवादी पार्टी ही होगा. नसीमुद्दीन के साथ ही पूर्व मंत्री अनीस अहमद (फूल बाबू) के भी सपा में शामिल होने की प्रबल संभावना है.
नसीमुद्दीन सिद्दीकी ने यूपी Tak के पॉडकास्ट में पहले ही संकेत दे दिए थे. जब उनसे सपा में जाने को लेकर सवाल हुआ था तो उन्होंने मुस्कुराते हुए कहा था कि 'अखिलेश जी अभी दिल्ली में संसद सत्र में व्यस्त हैं. उनके लखनऊ आने पर बात होगी.हर बात अभी कहलवा लेंगे तो अगली बार के लिए क्या बचेगा?'इस दौरान उन्होंने यह भी कहा था कि उनके पुराने साथी जैसे बाबू सिंह कुशवाहा, लालजी वर्मा और इंद्रजीत सरोज पहले से ही सपा में हैं जो उनके फैसले को प्रभावित कर सकते हैं.
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विधानसभा चुनाव 2027 से पहले समाजवादी पार्टी अपने कुनबे को मजबूत करने में जुटी है. नसीमुद्दीन सिद्दीकी जैसे कद्दावर नेता के आने से सपा को बुंदेलखंड और पश्चिमी यूपी में मुस्लिम वोटों के साथ-साथ बसपा के कैडर वोट में सेंधमारी करने में मदद मिल सकती है. नसीमुद्दीन कभी कांशीराम के करीबी और मायावती सरकार के सबसे ताकतवर मंत्रियों में शुमार थे. नसीमुद्दीन सिद्दीकी का राजनीतिक सफर काफी उतार-चढ़ाव भरा रहा है. भाजपा नेता दयाशंकर सिंह की बेटी को लेकर दिए गए विवादित बयानों के बाद वह लंबे समय तक चर्चा और विवादों में रहे. बाद में मायावती ने उन्हें पार्टी से निष्कासित कर दिया था जिसके बाद उन्होंने सतीश चंद्र मिश्रा पर साजिश के आरोप लगाए थे. अब बसपा और कांग्रेस का सफर तय करने के बाद वह साइकिल की सवारी करने को तैयार हैं.










