Opinion: कुंवर साहब का ऐशो आराम, सोशल मीडिया पर वायरल हुई अखिलेश यादव की बस
2027 में सत्ता पर फिर से काबिज होने की चाह में समाजवादी पार्टी प्रमुख अखिलेश यादव चुनावी यात्रा पर निकलने वाले हैं. इस चुनावी यात्रा की चर्चा सियासी वजहों से ज्यादा उस बस को लेकर है जिसपर अखिलेश यादव भ्रमण करेंगे.
ADVERTISEMENT

2027 में सत्ता पर फिर से काबिज होने की चाह में समाजवादी पार्टी प्रमुख अखिलेश यादव चुनावी यात्रा पर निकलने वाले हैं. इस चुनावी यात्रा की चर्चा सियासी वजहों से ज्यादा उस बस को लेकर है जिसपर अखिलेश यादव भ्रमण करेंगे. दरअसल सपा प्रमुख संविधान बचाओ-पीडीए बचाओ के नारे के साथ पूरे प्रदेश में माहौल बनाने निकलेंगे. इसके लिए एक खास बस भी तैयार की गई है जिसका वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है.
इस वीडियो को लेकर कहा जा रहा है कि बस में अखिलेश यादव को आराम देने के लिए हर तरह की सुविधा का ख्याल रखा गया है. ऐसे में कुछ लोग इस बस की सुविधाओं और अखिलेश यादव की आरामतलब जिंदगी पर तंज कस रहे हैं. सुधीर मिश्रा नाम के एक यूजर ने बस का वीडियो शेयर करते हुए लिखा है कि सोने की ईंट पर पैदा हुआ व्यक्ति कभी गरीबी का दर्द नहीं समझ सकता, हर जगह “ऐशोआराम” ढूंढेगा.
वहीं बस की बात करें तो बस में बाबा साहब भीम राव अंबेडकर की फोटो है, साथ ही अखिलेश यादव की भी बड़ा सो पोस्टर लगा हुआ है. बस पर संविधान बचाओ-देश बचाओं लिखा हुआ है. इस लो फ्लोर बस को लाल और हरे रंग से रंगा गया है. करोड़ों की लगात से बने इस बस में लग्जीरियस सुविधाओं का ख्याल रखा गया है. चमचमाता वॉशरूम, आरामदायक लग्जीरियस सीटें जोकि किसी फाइव स्टार होटल का अनुभव कराती हैं.
यह भी पढ़ें...
दरअसल इस बस की वजह से सपा के PDA की आवाज बनने का जो दावा है उसपर सवाल खड़े हो रहे हैं. चुनाव में गरीब, पिछड़ों की बात करने वाले आरामदायक चुनाव यात्रा के लिए करोड़ों रुपए खर्च करके बेडरूम वाली AC बस से सत्ता हासिल करने निकले हैं. सोशल मीडिया पर तंज कसते हुए लिखा गया है कि उधर कुंवर साहब “ऐशोआराम” के लिए करोडों खर्च करके “बेडरूम वाली AC बस” तैयार करा लिया- मतलब सोयेंगे कहाँ .... तुम दरी बिछाओ, सोने की ईंट पर पैदा हुआ व्यक्ति कभी गरीबी का दर्द नहीं समझ सकता, हर जगह “ऐशोआराम” ढूंढेगा.
एक अन्य यूजर ने लिखा कि इन लोगों के पैसों का सोर्स इनकम टैक्स वाले क्यों नहीं पूछते?
फिलहाल पिछड़ों की आवाज बनने की बात करने वाले अखिलेश यादव के लिए जिस आरामदायक बस की चर्चा है उससे गरीब, शोषित वंचित कितने जुड़ पाएंगे, ये 2027 विधानसभा चुनाव के नतीजे ही बताएंगे.
(लेखक: उज्जवल सिंह, स्वतंत्र पत्रकार एवं राजनीतिक विश्लेषक)










