निशिका-प्राची और पाखी की मौत के बाद उनकी नानी ने ही रो-रोकर बता डाली घर के अंदर की पूरी कहानी
Nishika-Prachi and Pakhi Nani: गाजियाबाद के भारत सिटी सोसाइटी में तीन बहनों की संदिग्ध मौत का मामला अब कोरियन फितूर और रिश्तों के रहस्यमयी जाल में उलझ गया है. बच्चियों की नानी सुनीता देवी ने चौंकाने वाला खुलासा किया है कि निशिका, प्राची और पाखी भारतीय संस्कृति से नफरत करने लगी थीं और उन्हें लगता था कि ऊंचाई से गिरने पर 'परियां' उन्हें बचा लेंगी.

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Nishika-Prachi and Pakhi Nani:गाजियाबाद की भारत सिटी सोसाइटी में 3 फरवरी की रात लगभग 2 बजे 3 बहनों की 9वीं से गिरकर संदिग्ध मौत मामले ने सबको झकझोर दिया है. इस मामले में कोरियन गेम की थ्योरी के साथ-साथ अब घर के अंदरूनी रिश्तों की उलझी हुई परते भी सामने आ रही हैं. बच्चियों की नानी सुनीता देवी ने बताया कि उनकी नातिन निशिका, प्राची और पाखी बहुत ही मासूम और संस्कारी थीं.लेकिन पिछले डेढ़-दो साल में उनके व्यवहार में जो बदलाव आया उसने सब खत्म कर दिया.
कौन है टीना? नानी को मीडिया से बात करने से क्यों रोका?
नानी ने बताया कि जब वह हादसे के बाद अपनी बेटियों सुजाता और हिना को संभालने पहुंचीं तो वहां मौजूद एक महिला उन्हें मीडिया से बात करने से रोक रही थी. वह महिला टीना थी.उन्होंने कहा कि 'टीना मुझे बात नहीं करने दे रही थी उसने मुझे धक्का तक दिया. मैं उसे नहीं जानती.उसे मेरा दामाद चेतन ही लाया था. मेरी बेटियां सुजाता और हिना सगी बहनें हैं और वे पति की खुशी के लिए टीना के साथ मिलकर रहती थीं. टीना की भी एक छोटी बेटी है.'
'हमें कोरियन बनना है, परियां बचाएंगी'
नानी ने इस बात की पुष्टि की कि बच्चियां कोरियन कल्चर के प्रभाव में पूरी तरह डूबी हुई थीं. उन्होंने बताया कि बच्चियां भारतीय संस्कृति और लोगों से नफरत करने लगी थीं. उन्हें सिर्फ कोरियन कपड़े और रहन-सहन पसंद था. बच्चियों का मानना था कि वे अगर गिरेंगी तो परियां उन्हें आकर बचा लेंगी. उन्होंने अपने कमरे की दीवारों पर कार्टून और परियों के चित्र बना रखे थे. बीच वाली बहन प्राची बहुत तेज और हिम्मत वाली थी. जबकि बड़ी बहन निशिका बहुत डरपोक थी. नानी को अचंभा है कि इतनी डरपोक लड़की नौवीं मंजिल से कैसे कूद गई.
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रिश्तों का पेचीदा ताना-बाना
नानी ने परिवार की संरचना के बारे में बताते हुए कहा कि चेतन की पहली शादी सुजाता से हुई थी. बच्चा न होने के कारण चेतन ने सुजाता की ही छोटी बहन हिना से शादी कर ली. बाद में सुजाता को भी बच्चे हुए. इसके बाद टीना की एंट्री हुई.घर में कुल 5 बच्चे थे.सुजाता और हिना के चार बच्चे थे जिनमें से तीन लड़कियां थीं निशिका, प्राची, पाखी और एक बेटा है लविश जिसका दिमाग पूरी तरह विकसित नहीं है. इन बच्चों के अलावा एक बच्ची टीना की है.
भावुक होते हुए नानी ने बताया कि जब वे श्मशान घाट पहुंचीं तो बच्चियों की हालत देखकर वे बेहोश हो गई थीं. छोटी बच्ची का चेहरा पूरी तरह क्षत-विक्षत हो चुका था. उन्होंने बताया कि उनकी बेटियां (सुजाता और हिना) अब भी सदमे में हैं और कुछ खा-पी नहीं रही हैं. नानी ने शासन-प्रशासन से इस पूरे मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की है. उन्होंने कहा कि पुलिस को गहराई से पता लगाना चाहिए कि आखिर उस रात क्या हुआ था. साथ ही उन्होंने चेतावनी दी कि बच्चों पर इस तरह के कोरियन फितूर का असर बंद होना चाहिए ताकि किसी और की नातिन इस तरह जान न गंवाए.










