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किसने मां का दूध पिया है? गोली मार कर दिखाओ...कथावाचक राजन जी महाराज की ये बात सुनते ही मच गया तगड़ा बवाल

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kathavachak Rajan Ji: राम कथावाचक राजन जी महाराज ने अपने कथा मंच पर विवादित शब्द कहे जिससे आयोजक और श्रद्धालुओं में तनाव बढ़ गया है. उन्होंने कहा कि उनकी टीम को गोली मारने की धमकी मिली और मंच पर हंगामा हुआ. आयोजक आरोप लगा रहे हैं कि महिलाओं के साथ अभद्रता हुई और भीड़ में धक्का-मुक्की हुई.

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kathavachak Rajan Ji: राम कथावाचक राजन जी महाराज की गोरखपुर में चल रही रामकथा विवादों में घिर गई है. चंपा देवी पार्क में आयोजित 9 दिवसीय श्रीराम कथा के दौरान मंच पर चढ़ने को लेकर हंगामा मच गया जिससे पूरा माहौल अखाड़े जैसा हो गया.

क्या हुआ विवाद?

कथा के तीसरे दिन 29 जनवरी को श्रद्धालुओं की भारी भीड़ मंच पर चढ़ने लगी. सुरक्षा के नाम पर राजन जी महाराज की टीम ने रोक लगाई जिससे अफरा-तफरी मची. भीड़ में धक्का-मुक्की हुई और कई लोग गिर भी गए. इस दौरान महिलाओं के साथ कथित अभद्रता की शिकायतें और कपड़े फटने और चोट लगने की बातें सामने आईं. आयोजकों के अनुसार कथावाचक राजन जी के सहयोगी ने महिलाओं को जबरदस्ती धकेला,गाली-गलौज की और अपमानजनक व्यवहार किया. एक पूर्व चेयरमैन का पैर भी कट गया.

राजन जी महाराज ने कहा कि 'हमारे घर (गोरखपुर) में भगदड़ हुई. टीम के लोगों को गोली मारने की धमकी दी गई. हमारे बच्चों को कहा गया कि गोली मार देंगे.' उन्होंने व्यास पीठ से ललकारते हुए कहा कि 'किसने मां का दूध पिया है? गोली मार कर दिखाओ. दम है तो मारो.' कथावाचक का यह बयान वायरल हो गया और श्रद्धालुओं के बीच इसे लेकर नाराजगी फैल गई.  

आयोजकों का पक्ष

आयोजक जो राजन जी को बहुत सम्मान से बुलाए थे अब नाराज हैं. उनका आरोप है कि राजन जी की टीम ने श्रद्धालुओं के साथ दुर्व्यवहार किया खासकर महिलाओं के साथ. वे कहते हैं कि कथा सनातन परंपरा है. व्यास पीठ पर ऐसी भाषा और व्यवहार शोभा नहीं देता.आयोजक चाहते हैं कि कथा जल्द समाप्त हो और राजन जी ससम्मान चले जाएं.

कथावाचक ने कही ये बात

राजन जी ने आरोप लगाया कि एक महीने से खबर मिल रही थी कि उनसे मिलने के लिए ₹1100 लिए जा रहे हैं. उन्होंने साफ किया कि वे कहीं भी मिलने का पैसा नहीं लेते. मिलने का समय निश्चित है दोपहर में 1 घंटा और एक बार मिलने के बाद दोबारा न आएं ताकि अन्य को मौका मिले. वे प्रेम से कथा करने आए हैं राजनीति या टीआरपी के लिए नहीं. फिलहाल दोनों पक्ष आमने-सामने हैं. आयोजक और राजन जी महाराज के बीच तनाव चरम पर है.