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लखनऊ KGMU मेडिकल यूनिवर्सिटी की जिन 5 मजारों पर चल सकता है बुलडोजर, वो किनकी हैं और उनका इतिहास क्या है?

Lucknow KGMU News: लखनऊ के किंग जॉर्ज मेडिकल यूनिवर्सिटी परिसर में कुछ मजारें हैं. अब इनको लेकर यूनिवर्सिटी प्रशासन सख्त हो गया है. जानिए किनकी हैं ये मजारें?

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Lucknow News: लखनऊ के किंग जॉर्ज मेडिकल यूनिवर्सिटी एक बार फिर चर्चाओं में हैं. इस बार सुर्खियों में हैं यहां के परिसर में बनी 5 मजार. दरअसल सोमवार यानी आज इन मजारों को हटाने को लेकर दूसरा नोटिस जारी कर दिया गया. ये नोटिस मजारों को लेकर बनी कमेटी को दिया गया है. केजीएमयू प्रशासन चाहता है कि इन अवैध मजारों को हटा दिया जाए. यूनिवर्सिटी का कहना है कि उन्हें परिसर का विस्तार करना है.

किनकी हैं ये मजारें?

किंग जॉर्ज मेडिकल यूनिवर्सिटी के प्रवक्ता के.के. सिंह का कहना है कि ये सभी मजारें किंग जॉर्ज मेडिकल यूनिवर्सिटी के पूर्व कर्मचारियों की हैं. जिनकी मौत के बाद उनके परिजनों ने उन्हें परिसर की खाली जमीन में दफना दिया. मगर बाद में यहां मजार बना दी गईं. 

आपको बता दें कि परिसर में कुल 6 मजारें हैं. सभी को नोटिस दिया गया है. मगर सिर्फ 1 मजार कमेटी का जवाब आया है. बाकी 5 मजार कमेटियों ने चुप्पी साध रखी है. 

कहां-कहां हैं ये मजारें?

आपको बता दें कि केजीएमयू परिसर में ये मजारें क्वीन मैरी हॉस्पिटल परिसर, माइक्रोबायोलॉजी विभाग,  न्यू बॉयज हॉस्टल, रेस्पिरेटरी मेडिसिन विभाग और शताब्दी फेज-2 अस्पताल परिसर में बनी हुई हैं.

कब हुआ था मजारों का निर्माण?

यूनिवर्सिटी प्रशासन का कहना है कि ये सभी मजारें 30 से 40 साल पुरानी हैं. ये सभी अवैध तौर से यहां बनाई गई हैं. अब यूनिवर्सिटी परिसर विस्तार के लिए जमीन चाहिए, जिसकी सख्त जरूरत है.

हो सकता है बुलडोजर एक्शन

माना जा रहा है कि अब इन मजारों को हटाने के लिए बुलडोजर एक्शन किया जा सकता है. प्रशासनिक सूत्रों के मुताबिक, केजीएमयू प्रशासन और जिला प्रशासन इसको लेकर रूपरेखा तैयार कर रहा है. अगर 15 दिनों के अंदर ये अतिक्रमण खुद से नहीं हटाए गए तो फिर आखिरी नोटिस देकर बुलडोजर एक्शन लिया जाएगा.