विनोद साहनी के छोटे भाई ने प्रशासन पर लगाया बड़ा आरोप, गोरक्षपीठ का नाम लेकर कह दी ये बड़ी बात
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Gonda murder case: गोंडा के विनोद सहनी हत्याकांड पर सियासत गरमा गई है. मृतक के भाई ने पुलिस कार्रवाई पर नाराजगी जताते हुए सरकार से न्याय, आरोपियों के एनकाउंटर, बुलडोजर कार्रवाई और ₹1 करोड़ मुआवजे की मांग की है.
Gonda murder case: उत्तर प्रदेश के गोंडा जिले में हुए विनोद सहनी हत्याकांड ने राज्य की सियासत को पूरी तरह से गरमा दिया है. 45 साल के विनोद सहनी की बेरहमी से हत्या कर दी गई थी. इस खौफनाक मामले में अब मृतक विनोद के भाई विनय कुमार सहनी का बड़ा बयान सामने आया है. उन्होंने दावा किया है कि उनका परिवार और हत्या के आरोपी दोनों ही बीजेपी के वोटर हैं, फिर भी उनके साथ भेदभाव किया जा रहा है. मृतक के भाई ने पुलिस की अब तक की कार्रवाई पर गहरी नाराजगी जताते हुए सीधे मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से न्याय की गुहार लगाई है और आरोपियों के एनकाउंटर की मांग की है.
सीएम योगी से न्याय की मांग
मृतक विनोद के छोटे भाई विनय कुमार ने बताया कि उनका भाई हमेशा मछुआरों की आवाज मजबूती से उठाता था. इसी वजह से गांव के कुछ विरोधी लोग उनसे बहुत नफरत करते थे. विनय ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और गोरक्षपीठ का नाम लेते हुए कहा कि उनके साथ न्याय होना चाहिए. पीड़ित परिवार ने सरकार से साफ मांग की है कि आरोपियों का तुरंत एनकाउंटर हो, उनके घरों पर बुलडोजर चलाया जाए और पीड़ित परिवार को कम से कम एक करोड़ रुपये की आर्थिक मदद दी जाए.
पुलिस की कार्रवाई से नाराजगी
विनोद के भाई का गंभीर आरोप है कि गांव के ही कुछ लोग उन्हें पहले से लगातार धमकियां दे रहे थे और इसकी जानकारी पुलिस को भी दी गई थी. पुलिस ने इस हत्याकांड में तीन आरोपियों शुभम, सुभाष और एक अन्य को गिरफ्तार कर लिया है. लापरवाही बरतने के आरोप में थानाध्यक्ष शंकर चतुर्वेदी और चौकी प्रभारी को सस्पेंड भी कर दिया गया है. लेकिन मृतक के भाई का कहना है कि पुलिस वालों को सस्पेंड करने से उनके भाई की जान वापस नहीं आएगी और वह पुलिस की इस कार्रवाई से बिल्कुल भी संतुष्ट नहीं हैं.
हत्याकांड पर गरमाई यूपी की सियासत
आपको बता दें कि बर्तन की दुकान चलाने वाले 45 वर्षीय विनोद पर बुधवार रात करीब साढ़े दस बजे उस समय धारदार हथियार से हमला हुआ था, जब वह अपनी दुकान बंद करके घर लौट रहे थे. गुरुवार को लखनऊ के केजीएमयू में उनकी मौत हो गई. इसके बाद यूपी में सियासी हलचल काफी तेज हो गई है. योगी सरकार के मंत्री संजय निषाद खुद धरने पर बैठ गए. वहीं, सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव ने मृतक के बेटे से फोन पर बात कर मदद का भरोसा दिया है. इसके अलावा गोंडा जा रहे कांग्रेस नेताओं को भी पुलिस ने बीच रास्ते में बाराबंकी में ही रोक लिया.
