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अखिलेश यादव ने CM योगी से पूछा सवाल, बोले- 1.27 करोड़ हिंदुओं के वोट कटने का पता कैसे चला?

यूपी की वोटर लिस्ट में 1.27 करोड़ नाम कटने के दावे पर अखिलेश यादव ने सीएम योगी से सवाल पूछा है. उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री को कैसे पता चला कि हटाए गए सभी नाम हिंदू मतदाताओं के हैं? जानिए योगी ने 30 अक्टूबर की बैठक में क्या कहा था.

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Akhilesh Yadav
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उत्तर प्रदेश में मतदाता सूची से नाम कटने को लेकर सियासत तेज हो गई है. समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के एक बयान पर सवाल उठाया है. अखिलेश का कहना है कि मुख्यमंत्री ने खुद कहा है कि मतदाता सूची से 1 करोड़ 27 लाख हिंदुओं के नाम कट गए हैं. उन्होंने सवाल किया कि मुख्यमंत्री को कैसे पता चला कि जिन लोगों के नाम हटे हैं, वे सभी हिंदू हैं?

अखिलेश यादव ने अपने बयान में बीजेपी पर घुसपैठियों के नाम पर लोगों को डराने और उनके मतदान के अधिकार पर सवाल खड़े करने का आरोप भी लगाया. उन्होंने कहा कि पहले घुसपैठियों का मुद्दा उठाकर लोगों को निशाना बनाया जाता था और अब मुख्यमंत्री खुद कह रहे हैं कि 1.27 करोड़ हिंदुओं के नाम वोटर लिस्ट से गायब हैं.

घुसपैठियों के नाम पर डराने का भी लगाया आरोप

अखिलेश यादव ने कहा कि बीजेपी पहले घुसपैठियों का मुद्दा उठाकर लोगों को डराती रही है. उनके मुताबिक, इस शब्द का इस्तेमाल कुछ लोगों पर सवाल खड़े करने और उन्हें समाज में बदनाम करने के लिए किया जाता था. उन्होंने आरोप लगाया कि इसके जरिए लोगों के मतदान के अधिकार को छीनने की कोशिश की जाती थी.

सपा प्रमुख ने कहा कि अब मुख्यमंत्री खुद हिंदू मतदाताओं के नाम वोटर लिस्ट से गायब होने की बात कह रहे हैं. उन्होंने कहा कि 30 अक्टूबर को मुख्यमंत्री ने बीजेपी की प्रदेश कार्यसमिति की बैठक में दावा किया था. अखिलेश ने कहा कि उस बैठक की रिकॉर्डिंग कई न्यूज चैनलों के पास मौजूद है.

योगी आदित्यनाथ ने बैठक में क्या दावा किया था?

दरअसल, 30 अक्टूबर को लखनऊ में बीजेपी की प्रदेश कार्यसमिति की बैठक हुई थी. इसमें मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण यानी SIR का जिक्र करते हुए कहा था कि उत्तर प्रदेश में करीब 1 करोड़ 27 लाख हिंदू मतदाताओं के नाम विधानसभा की वोटर लिस्ट में नहीं हैं.

मुख्यमंत्री ने दावा किया था कि प्रदेश की आबादी के हिसाब से 16 करोड़ से ज्यादा मतदाता होने चाहिए, जबकि मौजूदा मतदाता संख्या करीब 13 करोड़ है. उन्होंने कहा था कि पंचायत की मतदाता सूची में शामिल करीब 66 लाख लोगों के नाम विधानसभा की मतदाता सूची में नहीं हैं. इसके अलावा सरकारी योजनाओं के करीब 55 लाख लाभार्थियों और 18 से 19 साल के लगभग 4.5 लाख युवाओं के नाम भी मतदाता सूची में नहीं होने की बात कही थी. 

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