लैंबॉर्गिनी से लोगों को कुचलने में अरबपति कारोबारी के बेटे शिवम मिश्रा ने पुलिस को भी दिखाया रसूख! अब उसके संग ये हुआ
DCP Atul Srivastava about Shivam Mishra: तंबाकू कारोबारी केके मिश्रा के बेटे और लैंबोर्गिनी हादसे के मुख्य आरोपी शिवम मिश्रा को कानपुर पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है. ग्वालटोली क्षेत्र की वीआईपी रोड पर रविवार को हुए इस भीषण हादसे के चार दिन बाद पुलिस ने इस बड़ी कार्रवाई को अंजाम दिया है.
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DCP Atul Srivastava about Shivam Mishra: कानपुर के पॉश वीआईपी रोड पर लैंबॉर्गिनी से 6 लोगों को कुचलने वाले केस में तंबाकू कारोबारी के बेटे शिवम मिश्रा को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है. कुछ ही देर में कोर्ट में शिवम मिश्र की पेशी होनी है जहां पुलिस रिमांड पर फैसला होगा. गिरफ्तारी के लिए पुलिस की 5 टीमें लगातार छापेमारी कर रही थीं. आखिरकार पुलिस ने शिवम को हिरासत में लेकर कोर्ट में पेशी की तैयारी पूरी कर ली है. पुलिस अब शिवम की 14 दिन की कस्टडी मांगने जा रही है ताकि इस हाई-प्रोफाइल मामले की परतों को खोला जा सके. इस मामले पर कानपुर पुलिस के डीसीपी अतुल श्रीवास्तव ने यूपी Tak से खास बातचीत की है.
यूपी Tak से बात करके हुए डीसीपी अतुल श्रीवास्तव ने बताया कि सूत्रों से जानकारी मिली थी कि आरोपी कानपुर में छिपा है. इस आधार पर टीमें सक्रिय हुईं और उसे गिरफ्तार कर लिया गया. गिरफ्तारी के बाद माननीय कोर्ट में पेश किया गया है.कोर्ट में कारण और आधार बताए गए हैं. हमने आगे की रिमांड की मांग की है. कोर्ट का फैसला आने के बाद अगली कार्रवाई होगी. पुलिस कमिश्नर से बातचीत में पता चला कि यह नॉन-बेलेबल और नॉन-कॉपरेशन का मामला था. जब पुलिस ने शिवम से पूछताछ के लिए संपर्क किया और नोटिस पर साइन मांगे तो उसने जांच में सहयोग नहीं किया गया. फिलहाल पांच पुलिस टीमें छापेमारी में जुटी रहीं.
फर्जी एफिडेविट और स्टेजिंग का आरोप
रविवार दोपहर करीब 3 बजे कानपुर का पॉश इलाका उस वक्त दहल गया था जब तेज रफ्तार लैंबॉर्गिनी ने ई-रिक्शा और बाइक को रौंद दिया. ई-रिक्शा चालक मोहम्मद तौफीक ने मामले में शिकायत दर्ज कराई है. हालांकि बचाव पक्ष अब सुलहनामा का दावा कर रहा है जिस पर पुलिस का कहना है कि इसका फैसला अब न्यायालय ही करेगा. शिवम के पिता के.के. मिश्रा और उनके वकीलों ने बचाव में दो अलग-अलग थ्योरी पेश की हैं. दावा किया गया कि शिवम को यात्रा के दौरान अचानक मिर्गी जैसा दौरा आया जिससे ड्राइवर का ध्यान भटका और गाड़ी टकरा गई. यह भी आरोप लगाया गया कि हादसे से ठीक पहले कार में कोई तकनीकी खराबी आ गई थी. पुलिस इन सभी दावों का फोरेंसिक और मेडिकल जांच करा रही है ताकि सच सामने आ सके.
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