अरबपति के बेटे शिवम की लैंबॉर्गिनी से हुए एक्सिडेंट को अपने माथे लेने वाले ड्राइवर मोहन के साथ कोर्ट ने ये क्या किया!
Driver Mohan surrender application rejected: कानपुर के बहुचर्चित हादसे में नया मोड़ आ गया है. खुद को ड्राइवर बताकर सरेंडर करने पहुंचे मोहन की अर्जी को कोर्ट ने खारिज कर दिया है. अदालत ने पुलिस रिपोर्ट का संज्ञान लेते हुए साफ किया कि मुख्य आरोपी शिवम मिश्रा है और विवेचना में मोहन का कोई जिक्र नहीं है.
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Driver Mohan surrender application rejected: कानपुर में रविवार को हुए लैंबॉर्गिनी कार से 6 लोगों को रौंदने वाले केस में अब एक नया मोड़ आ चुका है. अभी तब शिवम मिश्रा पर आरोप लग रहे थे कि एक्सिडेंट के वक्त कार वो ही चला रहा था. हालांकि इस बीच ड्राइवर मोहन ने सामने आकर पूरा केस ही पलट दिया. ड्राइवर मोहन ने खुद कैमरे के सामने आकर कहा कि 'मैं ही गाड़ी चला रहा था जबकि शिवम मिश्रा बगल की सीट पर बैठा हुआ था.' लेकिन अब इस मामले में एक और यूटर्न आ चुका है. खुद को हादसे के वक्त गाड़ी का ड्राइवर बताने वाले मोहन की आत्मसमर्पण की अर्जी को कोर्ट ने खारिज कर दिया है. अदालत ने साफ कर दिया कि पुलिस की जांच रिपोर्ट में मोहन का कहीं कोई जिक्र नहीं है इसलिए वह इस मामले में सरेंडर नहीं कर सकता. ऐसे में अब अरबपति तंबाकू कारोबारी केके मिश्रा का बेटा शिवम कानूनी दांव पेंच में फंसता नजर आ रहा है.
ड्राइवर मोहन की सरेंडर याचिका खारिज
आज यानी बुधवार को मोहन नाम का एक शख्स जो खुद को शिवम मिश्रा का ड्राइवर बता रहा है वो वकील के साथ सरेंडर याचिका लेकर कोर्ट पहुंचा था. इस दौरान आरोपी पक्ष के लोगों उम्मीद थी कि इससे शिवम मिश्रा पर आईं मुश्किलें कम हो सकती हैं. लेकिन कोर्ट ने पुलिस की रिपोर्ट का संज्ञान लेते हुए कहा कि 'पुलिस की तफ्तीश में आरोपी ड्राइवर के रूप में शिवम मिश्रा का नाम दर्ज है. साथ ही अब तक की विवेचना में मोहन का आरोपी के रूप में कोई जिक्र नहीं है. इसलिए अदालत ने उसे आरोपी स्वीकार करने और उसकी अर्जी पर विचार करने से मना कर दिया.
गाड़ी रिलीज पर भी लगा ब्रेक
इस दौरान कोर्ट ने शिवम मिश्रा की लैंबॉर्गिनी गाड़ी को रिलीज करने से भी फिलहाल इनकार कर दिया है. शिवम मिश्रा के पक्ष की ओर से गाड़ी को वापस पाने के लिए जो अर्जी दी गई थी उस पर कोर्ट ने सख्त आदेश जारी किए हैं कोर्ट ने पुलिस को आदेश दिया है कि पहले गाड़ी का पूरी तरह से तकनीकी मुआयना किया जाए और उसकी रिपोर्ट पेश की जाए.पुलिस ने अदालत में अपना पक्ष मजबूती से रखते हुए कहा कि गाड़ी तब तक रिलीज नहीं की जानी चाहिए जब तक कि मुख्य आरोपी शिवम मिश्रा खुद सामने आकर अपनी जमानत अर्जी दाखिल न करे.
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अब क्या करेंगे शिवम?
कोर्ट के इस फैसले के बाद अब गेंद पूरी तरह से पुलिस के पाले में है. अब यह साफ हो गया है कि कानून की नजर में फिलहाल मोहन एक बाहरी व्यक्ति है जिसे आरोपी की जगह फिट करने की कोशिश की गई. पुलिस का कहना है कि आरोपी शिवम को कानून के सामने पेश होना ही होगा.










