लेटेस्ट न्यूज़

कानपुर के अरबपति कारोबारी केके मिश्रा के बेटे शिवम की लैंबॉर्गिनी कौन चला रहा था, किसने लोगों को कुचला? देखिए वीडियो

Who was Driving Lamborghini: कानपुर में लम्बोर्गिनी एक्सीडेंट का मामला लगातार चर्चा में है. घटना के वीडियो में दिखता है कि शिवम को उसके बाउंसर्स ड्राइविंग सीट से निकाल रहे हैं. शिवम के वकील का कहना है कि गाड़ी ड्राइवर मोहन चला रहा था. जबकि पुलिस जांच में ड्रिंक-ड्राइविंग की बात भी सामने आई है.

Video Thumbnail

ADVERTISEMENT

social share
google news

Who was Driving Lamborghini: कानपुर के रेव-3 मॉल के पास रविवार को बड़े बिजनेसमैन केके मिश्रा के बेटे की लैंबॉर्गिनी कार ने 6 लोगों को रौंद दिया. अब ये मामला लगातार तूल पकड़ता जा रहा है. जहां चश्मदीद और मौके के वीडियो साफ तौर पर गाड़ी के मालिक शिवम मिश्रा को ड्राइविंग सीट पर दिखा रहे हैं. वहीं बचाव पक्ष और परिवार का कहना है गाड़ी शिवम मिश्रा नहीं ड्राइवर मोहन चला रहा था.  

क्या सच छिपा रही है रईसजादों की दलील?

घटना के तुरंत बाद सामने आए वीडियो में देखा जा सकता है कि दुर्घटना के बाद शिवम मिश्रा के बाउंसर्स उसे ड्राइविंग सीट से खींचकर बाहर निकाल रहे हैं. लेकिन कहानी यहीं से उलझनी शुरू होती है. शिवम के वकील का कहना है कि गाड़ी शिवम नहीं बल्कि ड्राइवर मोहन चला रहा था. चूंकि शिवम की तबीयत खराब रहती है. इसलिए उनके ऊपर कोई मामला ही नहीं बनता है. पुलिस ने फिलहाल एक्सीडेंट की धाराओं में मामला दर्ज किया है. ड्रिंक एंड ड्राइव के सवाल पर पुलिस का कहना है कि जांच अभी जारी है और तथ्यों के आधार पर कार्रवाई होगी.

शिवम के पिता ने इस पूरे मामले को दुर्भाग्यपूर्ण बताते हुए मीडिया और पुलिस पर मानसिक दबाव बनाने का आरोप लगाया. उनका कहना है कि गाड़ी में कुछ इलेक्ट्रॉनिक फाल्ट था जिसे ठीक करने के बाद ड्राइवर मोहन के साथ शिवम ट्रायल पर निकला था. शिवम को अचानक चक्कर आया और वह अचेत होने लगा जिससे ड्राइवर का ध्यान भटक गया.  हैरानी की बात यह है कि पिता के अनुसार घटना के तुरंत बाद शिवम को इलाज के लिए दिल्ली भेज दिया गया जबकि कानपुर पुलिस उसके घर का दरवाजा पीटती रह गई.

यह भी पढ़ें...

अज्ञात ड्राइवर और एफआईआर का खेल

इस केस में सबसे बड़ा सवालिया निशान एफआईआर पर लगा है. शुरुआती एफआईआर में ड्राइविंग सीट पर मौजूद शख्स का नाम न लिखकर अज्ञात' लिख दिया गया जबकि चश्मदीद चिल्ला-चिल्लाकर शिवम का नाम ले रहे थे. भारी विरोध और बवाल के बाद ही शिवम का नाम एफआईआर में जोड़ा गया. ऐसे में अब सवाल ये भी उठ रहा है कि अगर ड्राइवर मोहन गाड़ी चला रहा था तो बाउंसर्स ने शिवम को ड्राइविंग सीट से क्यों निकाला? पुलिस घंटों शिवम के घर का दरवाजा खटखटाती रही. लेकिन अंदर मौजूद लोगों ने गेट नहीं खोला.

ये भी पढ़ें: UP Budget 2026 का आकार 9 लाख करोड़ रुपये को कर गया पार, पिछली बार से 12.9 फीसदी बढ़ा, जानिए आपको क्या-क्या मिला