बजट 2026 में यूपी के लोगों को क्या क्या मिला? इन 6 प्वाइंट में जानिए पूरी डिटेल
Union Budget 2026: केंद्रीय बजट 2026 में उत्तर प्रदेश को विकास की बड़ी सौगात मिली है. वाराणसी और लखनऊ को हाईस्पीड रेल, AI सिटी, लॉजिस्टिक हब और सेमीकंडक्टर पार्क जैसे बड़े प्रोजेक्ट्स मिले हैं. साथ ही स्वास्थ्य, महिला सशक्तिकरण, खादी, ग्रामीण रोजगार और दिव्यांगजनों के लिए नई योजनाओं की घोषणा की गई है.
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Union Budget 2026: आज यानी एक फरवरी को केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने रविवार को संसद में अपना लगातार 9वां केंद्रीय बजट पेश किया है. इस बजट में उत्तर प्रदेश को विकास के कई बड़े तोहफे मिले हैं जो राज्य की स्वास्थ्य सेवाओं, बुनियादी ढांचे, महिला सशक्तिकरण, तकनीक और रोजगार के क्षेत्र में व्यापक बदलाव लाने वाले हैं. बता दें कि इस बजट में वाराणसी और लखनऊ को विशेष रूप से केंद्र में रखा गया है, जहां हाईस्पीड रेल, लॉजिस्टिक हब, AI सिटी और शिप रिपेयर इकोसिस्टम जैसे बड़े प्रोजेक्ट्स की घोषणा की गई है. इसके साथ ही ग्रामीण महिलाओं, दिव्यांगजनों और युवाओं के लिए नई योजनाओं की शुरुआत का प्रस्ताव रखा गया है.
हर जिले में खुलेंगे इमरजेंसी ट्रॉमा सेंटर
बजट में स्वास्थ्य क्षेत्र को प्राथमिकता देते हुए उत्तर प्रदेश के सभी जिलों में इमरजेंसी ट्रॉमा सेंटर खोलने की घोषणा की गई है. इससे सड़क दुर्घटनाओं और गंभीर बीमारियों के मामलों में समय पर इलाज संभव हो सकेगा. इसके अलावा कैंसर और डायबिटीज जैसी गंभीर बीमारियों की दवाओं को सस्ता करने का भी प्रस्ताव है, जिससे आम जनता को बड़ी राहत मिलेगी. मानसिक स्वास्थ्य और ट्रॉमा केयर सेवाओं को भी मजबूत किया जाएगा.
महिला सशक्तिकरण को मिलेगा बढ़ावा
लखपति दीदी योजना के बाद अब ग्रामीण महिलाओं के लिए श्री मार्ट स्थापित किए जाएंगे, जिससे उन्हें अपने उत्पाद बेचने के लिए एक संगठित प्लेटफॉर्म मिलेगा. इसके साथ ही राज्य के हर जिले में कामकाजी महिलाओं के लिए छात्रावास बनाए जाएंगे ताकि महिलाएं सुरक्षित माहौल में रहकर नौकरी कर सकें और आत्मनिर्भर बनें.
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वाराणसी को हाईस्पीड रेल और लॉजिस्टिक हब की सौगात
बजट में वाराणसी को बुनियादी ढांचे के क्षेत्र में बड़ी सौगात दी गई है. शहर को दो महत्वपूर्ण हाईस्पीड रेल कॉरिडोर मिलेंगे, जिससे कनेक्टिविटी को नई गति मिलेगी. इसके तहत वाराणसी रिंग रोड हाइब्रिड रेल कॉरिडोर का विकास किया जाएगा जो शहर के भीतर और आसपास यातायात को सुगम बनाएगा. वहीं वाराणसी-दिल्ली हाईस्पीड रेल कॉरिडोर के निर्माण से दोनों शहरों के बीच यात्रा का समय काफी कम हो जाएगा, जिससे व्यापार, पर्यटन और आवागमन को मजबूती मिलेगी. साथ ही वाराणसी में शिप रिपेयर इकोसिस्टम विकसित किया जाएगा और एक एकीकृत लॉजिस्टिक हब का निर्माण होगा.
लखनऊ में बनेगी AI सिटी
उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में AI सिटी विकसित करने के लिए बजटीय सहायता देने की घोषणा की गई है. इसके साथ ही देश के पहले सेमीकंडक्टर डिजाइन और विनिर्माण पार्क को हरी झंडी दी गई है जो उत्तर प्रदेश में बनाया जाएगा. इससे सेमीकंडक्टर मिशन-1.0 को मजबूती मिलेगी और युवाओं के लिए तकनीकी प्रशिक्षण व रोजगार के नए अवसर खुलेंगे. इसके अलावा लखनऊ में AI सिटी विकसित की जाएगी. जबकि वाराणसी में एकीकृत लॉजिस्टिक हब का निर्माण होगा.
खादी और हस्तशिल्प को मिली नई पहचान
खादी, हैंडलूम और हस्तशिल्प क्षेत्र को सशक्त बनाने के उद्देश्य से महात्मा गांधी ग्राम स्वराज पहल शुरू करने का प्रस्ताव रखा गया है. इस पहल के माध्यम से इन उत्पादों को वैश्विक बाजार से जोड़ने और बेहतर ब्रांड पहचान दिलाने पर जोर दिया जाएगा. इसके तहत प्रशिक्षण, कौशल विकास, उत्पादन प्रक्रिया और उत्पादों की गुणवत्ता में सुधार किया जाएगा.इसका सीधा लाभ बुनकरों, ग्रामीण कारीगरों, गांवों, वन डिस्ट्रिक्ट वन प्रोडक्ट (ODOP) योजना से जुड़े उद्यमों और ग्रामीण युवाओं को मिलेगा, जिससे आत्मनिर्भरता और रोजगार के अवसर बढ़ेंगे.
दिव्यांगजनों के लिए ‘दिव्यांग सहारा योजना’
उत्तर प्रदेश में दिव्यांगजनों के लिए दिव्यांग सहारा योजना शुरू की जाएगी, जिसके तहत उन्हें समय पर सहायता उपलब्ध कराई जाएगी.
कृत्रिम अंग बनाने वाली कंपनियों के उत्पादन को बढ़ाने के लिए AI इंटीग्रेशन में निवेश किया जाएगा और PM दिव्याशा केंद्रों को और अधिक मजबूत किया जाएगा ताकि दिव्यांगजनों को बेहतर सुविधाएं मिल सकें.
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