मथुरा में गौरक्षक संत फरसा वाले बाबा की मौत के मामले में अब एक बेहद चौंकाने वाला खुलासा हुआ है. पुलिस की खुफिया जानकारी के अनुसार, इस घटना की आड़ में ईद के मौके पर मथुरा का सौहार्द बिगाड़ने और शहर में हिंसा भड़काने की एक बड़ी और सुनियोजित साजिश रची गई थी.
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मथुरा पुलिस और जांच एजेंसियों के हाथ लगे इनपुट के मुताबिक, फरसा वाले बाबा की मौत को लेकर सोशल मीडिया पर एक खतरनाक नैरेटिव तैयार किया गया था. पुलिस सूत्रों का दावा है कि बाबा की मौत एक सड़क हादसे (ट्रक दुर्घटना) में हुई थी, लेकिन अराजक तत्वों ने इसे जानबूझकर गौतस्करों द्वारा की गई हत्या करार दिया. इस पूरी कवायद का मकसद घटना को सांप्रदायिक रंग देकर हिंदू-मुस्लिम समुदाय के बीच तनाव पैदा करना था.
ईद के दिन टकराव की थी तैयारी?
खुफिया सूत्रों के अनुसार, यह कोई तात्कालिक गुस्सा नहीं बल्कि एक पहले से तैयार की गई प्लानिंग थी. अफवाह फैलाने का मुख्य उद्देश्य धार्मिक भावनाओं को भड़काकर ईद के दिन टकराव की जमीन तैयार करना था. बताया जा रहा है कि पिछले एक हफ्ते से सोशल मीडिया पर माहौल खराब करने वाली साजिशें लगातार सक्रिय थीं और इस हादसे को उसी साजिश का हिस्सा बनाकर पेश किया गया.
सोशल मीडिया पर पुलिस की पैनी नजर
प्रशासनिक सूत्रों का कहना है कि यह पूरा नैरेटिव बेहद सुनियोजित तरीके से तैयार कर वायरल किया गया. पुलिस ने सोशल मीडिया पर ऐसे कई अकाउंट्स को चिन्हित किया है, जिनसे भ्रामक और उकसाने वाली पोस्ट शेयर की गई थीं. जांच एजेंसियां अब इन संदिग्ध अकाउंट्स की गतिविधियों और उनके पीछे काम करने वाले नेटवर्क की गहराई से पड़ताल कर रही हैं.
इस खुलासे के बाद प्रशासन ने कड़े तेवर अपना लिए हैं. साफ संकेत दिए गए हैं कि जो भी व्यक्ति सोशल मीडिया या अन्य माध्यमों से अफवाह फैलाएगा या शहर का माहौल बिगाड़ने की कोशिश करेगा, उस पर एक्शन लिया जाएगा. फिलहाल, मथुरा में सुरक्षा व्यवस्था को लेकर विशेष सतर्कता बरती जा रही है ताकि किसी भी तरह की अप्रिय स्थिति को टाला जा सके.
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