CM योगी का एक्शन देख कांप उठे रसूखदार! लखनऊ सुसाइड केस का वो खौफनाक सच, जिसने सबको कर दिया हैरान

UP News: लखनऊ के हाई-प्रोफाइल सुसाइड केस में एक ऐसा खौफनाक सच सामने आया है, जिसने पूरे उत्तर प्रदेश को हिलाकर रख दिया है. यहां एक 32 साल की सैलून मैनेजर रत्ना सिंह ने कथित तौर पर फांसी लगाकर अपनी जान दे दी.

Lucknow Saloon Manager Case

अंकित मिश्रा

17 May 2026 (अपडेटेड: 17 May 2026, 05:15 PM)

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UP News: लखनऊ के हाई-प्रोफाइल सुसाइड केस में एक ऐसा खौफनाक सच सामने आया है, जिसने पूरे उत्तर प्रदेश को हिलाकर रख दिया है. यहां एक 32 साल की सैलून मैनेजर रत्ना सिंह ने कथित तौर पर फांसी लगाकर अपनी जान दे दी. मौत से ठीक पहले रिकॉर्ड किए गए एक वीडियो में रत्ना ने पांच रसूखदार लोगों पर मानसिक और शारीरिक रूप से टॉर्चर करने के गंभीर आरोप लगाए हैं. इस घटना के बाद जब पीड़ित पिता ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से मिलकर न्याय की गुहार लगाई, तो प्रशासन तुरंत एक्शन मोड में आ गया. अब मुख्य आरोपी के खिलाफ बुलडोजर एक्शन सहित पुलिस की ऐसी ताबड़तोड़ कार्रवाई शुरू हो चुकी है, जिसे देख बड़े-बड़े रसूखदार कांप उठे हैं.

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पूरे सिस्टम को झकझोर देने वाला मामला

उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ से आई इस दुखद खबर ने पुलिस और पूरे प्रशासन को हिलाकर रख दिया है. गोमतीनगर विस्तार इलाके के एक अपार्टमेंट में रहने वाली 32 वर्षीय रत्ना सिंह ने आत्महत्या कर ली. रत्ना सिंह मूल रूप से गोरखपुर के कैंट इलाके के एक गांव की रहने वाली थीं और लखनऊ में 'विरासत' कंपनी के एक बड़े सैलून में मैनेजर के पद पर काम करती थीं. खुदकुशी करने से पहले रत्ना ने एक वीडियो रिकॉर्ड किया, जिसमें वह रोते हुए अपनी मौत के लिए पांच ताकतवर और रसूखदार लोगों को जिम्मेदार ठहरा रही हैं. इस हाई-प्रोफाइल मामले में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देश के बाद पुलिस और लखनऊ विकास प्राधिकरण (LDA) तुरंत एक्शन में आ गए हैं. पुलिस ने फरार मुख्य आरोपी और बिजनेसमैन शरद सिंह के अवैध निर्माण को बुलडोजर चलाकर गिरा दिया है.

रात 3 बजे पुलिस ने तोड़ा दरवाजा

घटना वाली रात रत्ना ने अपनी एक सहेली को फोन करके बताया था कि वह कोई आत्मघाती कदम उठाने जा रही है. दोस्त ने घबराकर तुरंत पुलिस को इस बात की जानकारी दी. सूचना मिलते ही रात के करीब 3 बजे गोमतीनगर विस्तार थाने की पुलिस रत्ना के अपार्टमेंट वाले फ्लैट पर पहुंची. फ्लैट का दरवाजा अंदर से बंद था. पुलिस के कई बार आवाज देने पर भी जब अंदर से कोई जवाब नहीं मिला, तो पुलिस ने दरवाजा तोड़ दिया. अंदर जाते ही पुलिस ने देखा कि रत्ना का शव पंखे से लटका हुआ था.

जांच के दौरान पुलिस के हाथ रत्ना सिंह का आखिरी वीडियो लगा. इस वीडियो में रत्ना कैमरे के सामने रोते हुए कह रही हैं, 'आज मैं सुसाइड करने जा रही हूं. इसके लिए शरद सिंह और पल्लवी जोशी जिम्मेदार होंगे. शरद सिंह ने मुझे मानसिक रूप से प्रताड़ित किया और पल्लवी जोशी ने मुझे पागल कर दिया.' वीडियो में रत्ना ने बिजनेसमैन शरद सिंह, उसकी पत्नी पल्लवी जोशी (पल्लवी सिंह), मंगल यादव, वैशाली और प्रशांत शर्मा पर गंभीर शारीरिक और मानसिक टॉर्चर के आरोप लगाए हैं.

पिता ने लगाए गंभीर आरोप

इस घटना के बाद रत्ना के पिता सुधीर कुमार सिंह ने आरोप लगाया कि उनकी बेटी मुख्य आरोपी शरद सिंह के गलत और काले कारनामों के बारे में जान गई थी, इसी वजह से उसे प्रताड़ित किया जा रहा था. शरद होटल की आड़ में जो गलत काम करता था, रत्ना उसमें उसका साथ नहीं दे रही थी. पिता का कहना है कि रत्ना बहुत बहादुर लड़की थी, लेकिन आरोपियों ने उसे इस कदर तोड़ दिया कि उसने आत्मघाती कदम उठा लिया. न्याय की आस में रत्ना के पिता ने 15 मई की शाम को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से मुलाकात की. इसके बाद उन्होंने एक वीडियो जारी कर बताया कि मुख्य आरोपी शरद अपने रसूख और पहुंच का फायदा उठाकर बचता घूम रहा है. सीएम योगी ने पीड़ित परिवार को पूरी तरह न्याय दिलाने का भरोसा दिया, जिसके तुरंत बाद प्रशासन पूरी तरह एक्शन मोड में आ गया.

आरोपियों पर इनाम घोषित किया गया

मुख्यमंत्री के निर्देश के बाद शुक्रवार की रात को ही गोमतीनगर विस्तार पुलिस ने शहीद पथ के पास बने शरद सिंह के 'विरासत' होटल, सैलून और उसके अन्य बिजनेस ठिकानों को पूरी तरह सील कर दिया. इसके अगले ही दिन यानी शनिवार को एलडीए (LDA) की टीम ने भारी पुलिस बल के साथ जाकर आरोपी के अपार्टमेंट में बने अवैध निर्माण पर बुलडोजर चलाकर उसे ध्वस्त कर दिया. पुलिस ने सबूतों के आधार पर आरोपी की तीन लग्जरी गाड़ियां—स्विफ्ट, स्कॉर्पियो और वोल्वो कार को भी सीज (जब्त) कर लिया है. इस मामले पर डीसीपी ईस्ट डॉ. दीक्षा शर्मा ने बताया कि केस की गंभीरता को देखते हुए फरार मुख्य आरोपी शरद सिंह, उसकी पत्नी और अन्य आरोपियों पर 25-25 हजार रुपये का इनाम घोषित किया गया है.

गोमतीनगर विस्तार थाना प्रभारी सुधीर अवस्थी के मुताबिक, पुलिस ने कार्रवाई करते हुए शरद के होटल का काम देखने वाले मैनेजर मंगलनाथ यादव को ग्वारी पुल के पास से पहले ही गिरफ्तार कर लिया था, जिसे कोर्ट में पेश करने के बाद जेल भेज दिया गया है. मुख्य आरोपी शरद सिंह और उसकी पत्नी पल्लवी समेत चार आरोपी अब भी फरार हैं. फरार आरोपियों को पकड़ने के लिए सर्विलांस और पुलिस की 6 अलग-अलग टीमें लखनऊ, दिल्ली और अन्य राज्यों में लगातार छापेमारी कर रही हैं. पुलिस का दावा है कि जल्द ही सभी आरोपी कानून की गिरफ्त में होंगे.