Varanasi Elevated Corridor: वाराणसी शहर की खचाखच भरी सड़को को अब जाम से मुक्ति मिलने वाली है. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में आर्थिक मामलों की कैबिनेट समिति (CCEA) ने एक बड़े प्रोजेक्ट को मंजूरी दे दी है. इस प्रोजेक्ट के तहत वरुणा नदी के किनारे चार और छह लेन का 43.218 किलोमीटर लंबे एलिवेटेड कॉरिडोर का निर्माण किया जाएगा, जो NH-31 और वाराणसी रिंग रोड को आपस में जोड़ेगा.
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यह कॉरिडोर वाराणसी एयरपोर्ट, वाराणसी रेलवे स्टेशन, काशी रेलवे स्टेशन, कैंट स्टेशन, गंगा घाट, चौका घाट, नमो घाट और संपूर्णानंद संस्कृत विश्वविद्यालय के बीच बेहतरीन कनेक्टिविटी को स्थापित करेगा. जिससे काशीवासियों और वाराणसी आने वाले पर्यटकों का सफर आसान और सुगम हो जाएगा.
प्रोजेक्ट पर खर्च होंगे 10,998 करोड़
इस एलिवेटेड कॉरिडोर को नेशनल हाईवेज अथॉरिटी ऑफ इंडिया (NHAI) द्वारा हाइब्रिड एन्यूटी मॉडल (HAM) के तहत बनाया जाएगा. यह मुख्य रूप से 6 और 4 लेन का एक ऊंचा कॉरिडोर होगा, जिसमें मुख्य सड़क, फ्लाईओवर, लूप, रैंप और सर्विस रोड बनाईं जाएगी. इस पूरे कॉरिडोर को विकसित करने कि लिए 10,998.32 करोड़ रुपये की लागत आएगी, जिसमें सड़क बनाने पर 4,565.33 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे और जमीन खरीदने पर 934.91 करोड़ रुपये खर्च होंगे.
यात्रा में लगेगा सिर्फ आधा समय
इस नए कॉरिडोर पर गाड़ियां 80 से 100 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से चल सकेंगी. इस कॉरिडोर के बनने से NH-31 और काशी रेलवे स्टेशन के बीच यात्रा का समय 40 मिनट से घटकर सिर्फ 20 मिनट तक रह जाएगा, यानी सफर का समय करीब 50 फीसदी कम हो जाएगा. इससे समय की बचत होगी और सड़क दुर्घटनाएं में भी कमी आएगी.
कई खास जगहों से जुड़ेगा रास्ता
यह कॉरिडोर वाराणसी की भीड़भाड़ वाली सड़कों को खाली कर देगा. इसके साथ ही वाराणसी रिंग रोड, एयरपोर्ट, काशी रेलवे स्टेशन, सिटी रेलवे स्टेशन, वाराणसी जंक्शन और दीन दयाल उपाध्याय जंक्शन को सीधे आपस में जोड़ेगा. इतनी ही नहीं यह रामनगर पोर्ट, संपूर्णानंद संस्कृत यूनिवर्सिटी समेत वाराणसी के घाटों और चंदौली के इलाकों तक पहुंचने के लिए भी रास्ते को बेहद आसान और सुगम बना देगा.
व्यापार और विकास को मिलेगी रफ्तार
यह प्रोजेक्ट पीएम गतिशक्ति नेशनल मास्टर प्लान के अनुसार तैयार किया जा रहा है, जिससे आसपास के इलाकों को भी विकास की तेज गति मिलेगी. यह चंदौली के आर्थिक क्षेत्र और छह बड़े लॉजिस्टिक केंद्रों को आपस में जोड़ेगा. इससे खेती के उत्पाद, औद्योगिक सामान, कंस्ट्रक्शन मटीरियल और खनिजों की आवाजाही तेज और आसान हो जाएगी. यह आधुनिक कॉरिडोर पूरे पूर्वी उत्तर प्रदेश में व्यापार और पर्यटन को बढ़ावा देगा, जिससे स्थानीय लोगों और पर्यटकों दोनों का जीवन बेहतर होगा.
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