यूपी पुलिस भर्ती परीक्षा में 'पंडित' वाले ऑप्शन को लेकर उठे सवाल तो सीएम योगी ने सख्त होकर दे दिया तगड़ा रिएक्शन

UP Police SI Exam controversy: यूपी पुलिस सब-इंस्पेक्टर भर्ती परीक्षा के हिंदी सेक्शन में अवसरवादी शब्द के विकल्प में पंडित दिए जाने पर विवाद खड़ा हो गया. मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने नाराजगी जताते हुए सख्त निर्देश जारी किए, जबकि उत्तर प्रदेश पुलिस भर्ती एवं प्रोन्नति बोर्ड ने मामले की जांच के आदेश दिए हैं.

कुमार अभिषेक

• 02:37 PM • 15 Mar 2026

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UP Police SI Exam controversy: उत्तर प्रदेश में सब-इंस्पेक्टर भर्ती परीक्षा के एक सवाल को लेकर बड़ा विवाद खड़ा हो गया है. परीक्षा के हिंदी सेक्शन में पूछे गए एक प्रश्न में अवसरवादी शब्द के विकल्पों में पंडित शामिल किए जाने पर सोशल मीडिया से लेकर राजनीतिक गलियारों तक तीखी प्रतिक्रिया सामने आई है. इस मामले ने तूल पकड़ा तो मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने भी नाराजगी जताई और सभी भर्ती बोर्डों के चेयरपर्सन्स को सख्त निर्देश जारी किए हैं. उन्होंने स्पष्ट किया कि किसी भी परीक्षा या आधिकारिक प्रक्रिया में किसी व्यक्ति, जाति, पंथ या समुदाय की आस्था और गरिमा को ठेस पहुंचाने वाली टिप्पणी या सामग्री स्वीकार नहीं की जाएगी. 

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हिंदी सेक्शन के एक प्रश्न से शुरू हुआ विवाद

यह मामला 14 मार्च को आयोजित सब-इंस्पेक्टर भर्ती की लिखित परीक्षा से जुड़ा है. परीक्षा के हिंदी अनुभाग में अभ्यर्थियों से उस व्यक्ति के लिए एक शब्द चुनने को कहा गया था जो अवसर के अनुसार अपना व्यवहार बदल लेता है. इस प्रश्न के विकल्पों में पंडित, अवसरवादी, निर्दोष और सदाचारी शामिल थे. इसी में पंडित शब्द को विकल्प के रूप में शामिल किए जाने पर विवाद शुरू हो गया और इसे लेकर कई लोगों ने आपत्ति जताई. 

मुख्यमंत्री ने दिए सख्त निर्देश

बता दें कि विवाद बढ़ने के बाद मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने इस पूरे मामले पर संज्ञान लिया. मुख्यमंत्री कार्यालय की ओर से जारी निर्देश में कहा गया कि भविष्य में किसी भी भर्ती परीक्षा या प्रश्नपत्र में ऐसा कोई शब्द या टिप्पणी शामिल नहीं होनी चाहिए जिससे किसी जाति, धर्म, पंथ या समुदाय की भावनाएं आहत हों. साथ ही सभी पेपर सेंटर्स को भी इस संबंध में स्पष्ट निर्देश देने को कहा गया है.

निर्देश में यह भी कहा गया कि ऐसे मामलों में बार-बार गलती करने वाले लोगों को तत्काल प्रतिबंधित किया जाए और इन नियमों को पेपर सेंटर्स के एमओयू का हिस्सा भी बनाया जाए.

राजनीतिक प्रतिक्रिया भी आई सामने

इस मामले ने जल्द ही राजनीतिक रूप भी ले लिया. भारतीय जनता पार्टी के उत्तर प्रदेश सचिव अभिजात मिश्रा ने मुख्यमंत्री को पत्र लिखकर प्रश्न तैयार करने वालों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की. उन्होंने कहा कि विकल्पों में पंडित शब्द शामिल करने से ब्राह्मण समुदाय की भावनाएं आहत हुई हैं. अभिजात मिश्रा ने कहा कि जो व्यक्ति मौके के अनुसार अपना व्यवहार बदलता है, उसके लिए सही शब्द अवसरवादी होता है. लेकिन पंडित को विकल्प के रूप में रखना उचित नहीं है, क्योंकि यह शब्द ज्ञान और धार्मिक सम्मान से जुड़ा माना जाता है.

डिप्टी सीएम ब्रजेश पाठक ने भी जताई नाराजगी

उत्तर प्रदेश के उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक ने भी इस सवाल को लेकर कड़ी आपत्ति जताई थी. उन्होंने कहा कि सरकार ने इस मामले को गंभीरता से लिया है और तत्काल जांच के निर्देश दिए गए हैं.

सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर उन्होंने लिखा कि किसी भी परीक्षा के सवाल से किसी समाज या वर्ग की गरिमा को ठेस पहुंचना पूरी तरह अस्वीकार्य है. उन्होंने यह भी कहा कि जांच पूरी होने के बाद जिम्मेदार लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी. 

भर्ती बोर्ड का भी आया बयान

पूरे विवाद के बाद उत्तर प्रदेश पुलिस भर्ती एवं प्रोन्नति बोर्ड की ओर से भी प्रतिक्रिया सामने आई. बोर्ड ने कहा कि मामले की जांच कराई जा रही है और जांच के बाद यह पता लगाया जाएगा कि प्रश्न तैयार करने में किसकी जिम्मेदारी थी. बोर्ड के अनुसार दोषी पाए जाने वाले व्यक्तियों के खिलाफ नियमों के अनुसार कार्रवाई की जाएगी, ताकि भविष्य में ऐसी स्थिति दोबारा पैदा न हो.

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