594Km लंबाई, 120 Mtr चौड़ाई, टॉप स्पीड 120Km/ घंटा, 12 जिले और 36402 करोड़ की लागत... यूपी में हुआ गंगा एक्सप्रेस का उद्घाटन

UP Ganga Expressway Inauguration: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 594 किमी लंबे गंगा एक्सप्रेसवे का उद्घाटन किया. जानें टोल प्लाजा, एयरस्ट्रिप, 12 जिलों के रूट और 120 किमी/घंटा की रफ्तार वाले इस एक्सप्रेसवे की पूरी जानकारी.

Ganga Expressway Inauguration

यूपी तक

29 Apr 2026 (अपडेटेड: 29 Apr 2026, 12:39 PM)

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उत्तर प्रदेश के विकास की रफ्तार को आज एक नई उड़ान मिली है. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आज यानी 29 अप्रैल को यूपी के सबसे लंबे गंगा एक्सप्रेसवे का उद्घाटन कर दिया है. 594 किलोमीटर लंबा यह एक्सप्रेसवे महज एक सड़क नहीं, बल्कि पश्चिमी उत्तर प्रदेश को पूर्वी उत्तर प्रदेश से चंद घंटों में जोड़ देगा. आपको बता दें कि इस एक्सप्रेससवे को बनाने में 36 हजार 402 करोड़ रुपये की लागत आई है. 

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एक नहीं कई सारी हैं यहां सुविधाएं!

यूपीडा (UPEIDA) द्वारा निर्मित यह एक्सप्रेसवे फिलहाल छह लेन का है, जिसे भविष्य की जरूरतों को देखते हुए आठ लेन तक विस्तारित किया जा सकता है. 120 किलोमीटर प्रति घंटे की डिजाइन स्पीड वाले इस हाई-स्पीड कॉरिडोर पर यात्रियों की सुविधा के लिए 21 इंटरचेंज, 2 मुख्य टोल प्लाजा और 19 रैम्प टोल प्लाजा बनाए गए हैं. सफर को आरामदायक बनाने के लिए मार्ग पर 9 पब्लिक फैसिलिटी कॉम्प्लेक्स तैयार किए जा रहे हैं, जहां पेट्रोल पंप, सीएनजी, इलेक्ट्रिक वाहन चार्जिंग पॉइंट के साथ-साथ शानदार कैफे, ढाबे और खाने-पीने की आधुनिक सुविधाएं उपलब्ध होंगी.

मेरठ के बिजौली गांव से शुरू होकर प्रयागराज के जुदापुर डांडू तक जाने वाला यह एक्सप्रेसवे यूपी के 12 महत्वपूर्ण जिलों मेरठ, हापुड़, बुलंदशहर, अमरोहा, संभल, बदायूं, शाहजहांपुर, हरदोई, उन्नाव, रायबरेली, प्रतापगढ़ और प्रयागराज को एक सूत्र में पिरोता है. यह परियोजना केवल कनेक्टिविटी तक सीमित नहीं है, बल्कि इसे पब्लिक-प्राइवेट पार्टनरशिप (PPP) मॉडल पर इस तरह विकसित किया गया है कि इसके दोनों किनारों पर औद्योगिक विकास की लहर आएगी. एक्सप्रेसवे के किनारे वेयरहाउस, कोल्ड स्टोरेज और फूड प्रोसेसिंग यूनिट्स जैसे लॉजिस्टिक्स क्लस्टर्स विकसित किए जा रहे हैं, जो स्थानीय किसानों और व्यापारियों के लिए समृद्धि के द्वार खोलेंगे.

सुरक्षा और सामरिक दृष्टि से भी यह एक्सप्रेसवे भारत की ताकत का प्रदर्शन करता है. शाहजहांपुर के पास बनाई गई 3.2 किलोमीटर लंबी एयरस्ट्रिप आपातकाल की स्थिति में वायुसेना के लड़ाकू विमानों की लैंडिंग के लिए पूरी तरह तैयार है. पूरे मार्ग की निगरानी 'इंटेलिजेंट ट्रैफिक मैनेजमेंट सिस्टम' (ITMS) और सीसीटीवी कैमरों से की जाएगी. साथ ही, किसी भी आपात स्थिति के लिए इमरजेंसी कॉल बॉक्स, एंबुलेंस और चौबीसों घंटे पेट्रोलिंग यूनिट्स तैनात रहेंगी. यह एक्सप्रेसवे उत्तर प्रदेश के बुनियादी ढांचे में एक मील का पत्थर साबित होने वाला है.