पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के दौरान फालता विधानसभा सीट हॉट-स्पॉट बन गई है. यहां मतदान के दिन (आज यानी 29 अप्रैल) न केवल ईवीएम (EVM) में छेड़छाड़ के गंभीर आरोप लगे हैं, बल्कि TMC उम्मीदवार जहांगीर खान और पुलिस ऑब्जर्वर IPS अजय पाल शर्मा के बीच चल रही 'जुबानी जंग' ने सियासी माहौल को गरमा दिया है.
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बीजेपी उम्मीदवार का आरोपट 'मेरा बटन जाम कर दिया'
फालता से बीजेपी उम्मीदवार देवांशु पांडा ने सीधे तौर पर तृणमूल कांग्रेस (TMC) पर वोटिंग में धांधली का आरोप लगाया है. पांडा के अनुसार, कई बूथों पर EVM में उनके नाम और पार्टी सिंबल (कमल) के सामने वाला बटन कथित तौर पर जाम मिला. उन्होंने दावा किया कि यह जानबूझकर की गई साजिश है ताकि मतदाता उनके पक्ष में वोट न डाल सकें. इस घटना के बाद इलाके में भारी राजनीतिक तनाव व्याप्त है, हालांकि चुनाव आयोग की ओर से अभी आधिकारिक पुष्टि का इंतजार है. मालूम हो कि फालता सीट से TMC ने जहांगीर खान को प्रत्याशी बनाया है, जो IPS अजय पाल शर्मा को कथित तौर धमकी देने के बाद चर्चा में आए थे.
क्यों चर्चा में है फ़ालता सीट?
ऐसी कहा जा रहा ही कि इस सीट पर असली मुकाबला प्रशासन और उम्मीदवार के बीच भी दिख रहा है. यूपी के 'एनकाउंटर स्पेशलिस्ट' IPS अजय पाल शर्मा, जिन्हें यहां निष्पक्ष चुनाव कराने के लिए ऑब्जर्वर नियुक्त किया गया है, उनके कई वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हैं.
अजय पाल शर्मा की जहांगीर खान चेतावनी:
वायरल वीडियो में आईपीएस शर्मा जहांगीर खान के परिजनों के सामने सख्त लहजे में कह रहे हैं "उसके लोग लोगों को धमका रहे हैं, उसे बता देना कायदे से... फिर हम अच्छे से खबर लेंगे. बाद में रोना-पछताना मत."
जहांगीर खान का पलटवार:
IPS की सख्ती पर TMC उम्मीदवार जहांगीर खान ने जनसभा में खुलेआम चुनौती दी. उन्होंने फिल्मी अंदाज में कहा, "पिक्चर अभी बाकी है मेरे दोस्त!" उन्होंने केंद्रीय बलों को 'बीजेपी का दलाल' बताते हुए कहा कि सीआरपीएफ के दम पर डिंगें हांकना भूल है. उन्होंने यहाँ तक कहा कि यहां की महिलाएं 'मां दुर्गा' का रूप हैं जो 'असुरों' का वध करना जानती हैं.
क्यों हो रही है अजय पाल शर्मा की चर्चा?
यूपी कैडर के 2011 बैच के आईपीएस अजय पाल शर्मा की पहचान एक 'दबंग' अफसर की है. लुधियाना के रहने वाले अजय पाल पहले डॉक्टर (BDS) थे. नोएडा, शामली और रामपुर में तैनाती के दौरान उन्होंने अपराधियों के खिलाफ कड़ा अभियान चलाया. फिलहाल वे प्रयागराज में जॉइंट पुलिस कमिश्नर हैं और बंगाल में स्वतंत्र मतदान सुनिश्चित करने की कमान संभाल रहे हैं.
फलता में जहां एक तरफ EVM में खराबी के आरोपों ने मतदान प्रक्रिया पर सवाल उठाए हैं, वहीं दूसरी तरफ आईपीएस अजय पाल शर्मा की सख्ती और जहांगीर खान की बयानबाजी ने चुनाव को 'मूंछ की लड़ाई' बना दिया है. सबकी नजरें अब चुनाव आयोग के अगले कदम पर टिकी हैं.
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