Ghazipur Nisha Death Case Update: गाजीपुर के करण्डा थाना क्षेत्र के कटरिया गांव में निशा विश्वकर्मा की संदिग्ध मौत के बाद उपजा विवाद थमता नजर नहीं आ रहा है. 22 अप्रैल 2026 को जब समाजवादी पार्टी का प्रतिनिधिमंडल पीड़ित परिवार से मिलने पहुंचा, तो इलाके में अचानक हिंसा भड़क उठी और पथराव हुआ. लेकिन इस पूरे मामले में 'गैंगरेप और हत्या' के जो दावे किए जा रहे थे, पुलिस जांच और सीसीटीवी फुटेज के बाद उसकी तस्वीर कुछ और ही नजर आ रही है.
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मौत से पहले क्या हुआ था? सीसीटीवी और चैट ने खोले राज
जांच में सामने आया है कि निशा मौत से पहले अपने प्रेमी हरिओम से मिलकर घर लौटी थी. घर पर इस बात की जानकारी होने के डर से वह काफी घबराई हुई थी. फुटेज में निशा को देर रात करीब 2 बजे गंगा नदी के पुल की तरफ जाते हुए देखा गया है. निशा का दोस्त हरिओम उसे लगातार चैट के जरिए घर वापस जाने के लिए कह रहा था, लेकिन निशा ने कोई जवाब नहीं दिया. इसके बाद हरिओम और गांव के अन्य लोगों ने रात भर उसे ढूंढने की कोशिश की, पर वह कहीं नहीं मिली.
पिता से आखिरी बात क्या हुई थी?
निशा की मौत से ठीक पहले की टाइमलाइन पूरी तरह से पुलिस के रिकॉर्ड में दर्ज है:
- सुबह 5:30 बजे: निशा की अपने पिता से आखिरी बार फोन पर बात हुई, जिसमें उसने सुसाइड करने की बात कही. पिता के दोबारा फोन करने पर उसने कॉल रिसीव नहीं किया.
- सुबह 5:40 बजे: निशा ने पुल से नदी में छलांग लगा दी.
- पुलिस को सूचना: पिता ने खुद डायल 112 पर कॉल करके पुलिस को सूचना दी कि उनकी बेटी ने नदी में कूदकर आत्महत्या कर ली है. इसका रिकॉर्ड पुलिस के पास मौजूद है.
मौके से मिले क्या सबूत?
सूचना मिलते ही पुलिस महज 5 मिनट में मौके पर पहुंच गई और शव को बरामद किया. पुल पर पुलिस को निशा का मोबाइल, चप्पल और दुपट्टा रखा हुआ मिला. इन सबूतों और पिता द्वारा दी गई शुरुआती जानकारी के आधार पर पुलिस इसे आत्महत्या का मामला मान रही है, जबकि कुछ लोग इसे सियासी रंग देने और अफवाहें फैलाने की कोशिश कर रहे हैं.
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