UP News: लखनऊ KGMU की हिंदू MBBS छात्राओं को फंसाने वाला, उनको निशाने पर लेने वाला 12वीं पास फर्जी डॉक्टर हस्साम अहमद को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है. उसे जेल भी भेज दिया गया है. बता दें कि KGMU प्रशासन ने ही छात्राओं के माध्यम से जाल बिछाया और आरोपी को गिरफ्तार करवाया. अब इस केस में कई अहम खुलासे हुए हैं.
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पूछताछ में सामने आया है कि आरोपी खुद को साल 2017 बैच का KGMU पास आउट डॉक्टर बताता था. वह एमबीबीएस की इंटर्न हिंदू छात्राओं को अपने जाल में फंसाता था. वह उन्हें एक फर्जी संस्था से जोड़ता और फिर मुस्लिम इलाकों में लगने वाले मेडिकल कैंप में ले जाता. उन्हें करियर में मदद और सम्मान दिलाने का झांसा देता. जांच में ये भी पता चला है कि आरोपी हिंदू छात्राओं को पैसों और जन्नत का हवाला भी देता और उनका ब्रेन वॉश करने की कोशिश करता था.
लड़कियों का शोषण और धर्म परिवर्तन की कोशिश
जांच में सामने आया है कि इस पूरे कांड में आरोपी के साथ मोहम्मद फैज और फईक अहमद भी शामिल थे. मुख्य आरोपी हिंदू छात्राओं को दिल्ली एम्स में फर्जी कॉन्फ्रेंस का झांसा दे रहा था. उसका इरादा वहां शोषण करने और धर्म परिवर्तन कराने की कोशिश करना था.
मोहम्मद फैज को दिया गया था टारगेट
जांच में सामने आया है कि आरोपी हस्साम अहमद ने कार्डियो सेवा संस्थान नाम की फर्जी संस्था बनाई थी. इसका इस नेटवर्क में शामिल मोहम्मद फैज को टारगेट दिया गया था कि वह हिंदू मेडिकल छात्राओं को फंसाए. KGMU में ये सभी आते और खुद को डॉक्टर बताकर छात्राओं को झांसे में लेने की कोशिश करते. मगर इनका खुलासा हो गया. बता दें कि इस नेटवर्क के जरिए छात्राओं को जो पत्र दिए गए, उसमें KGMU के कई अधिकारियों के साइन हैं.
KGMU के प्रवक्ता डॉ. केके सिंह का साफ कहना है कि ये गैंग लड़कियों को टारगेट करता और फिर उनका धर्म परिवर्तन करवाता था. बता दें कि अब पुलिस हस्साम अहमद का पूरा नेटवर्क खंगाल रही है.
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