संत कबीर नगर से मिर्जापुर और देवरिया तक, कैसी रही दिव्या मित्तल की IAS पारी? कौनसे विवाद रहे चर्चा में

सुषमा पांडेय

• 08:09 PM • 31 Aug 2026

IAS Divya Mittal Profile: आईआईटी दिल्ली और IIM बेंगलुरु से पढ़ाई करने वाली दिव्या मित्तल ने लंदन की नौकरी छोड़ भारत लौटकर UPSC पास किया. जानिए उनका पूरा प्रशासनिक सफर.

IAS Officer Divya Mittal Resigns

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उत्तर प्रदेश कैडर की 2013 बैच की आईएएस अधिकारी दिव्या मित्तल ने 30 अगस्त 2026 को 13 साल की सेवा के बाद इस्तीफा दे दिया. इस्तीफा देने के बाद उन्होंने सोशल मीडिया पर एक भावुक पोस्ट लिखकर अपने प्रशासनिक सफर और अनुभवों को शेयर किया. दिव्या मित्तल की कहानी इसलिए भी अलग है क्योंकि उन्होंने आईआईटी दिल्ली और आईआईएम बेंगलुरु से पढ़ाई करने के बाद लंदन की नौकरी छोड़ी और भारत लौटकर यूपीएससी की तैयारी की. इसके बाद वह आईएएस बनीं और उत्तर प्रदेश के कई जिलों में प्रशासनिक जिम्मेदारी संभाली.

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आईआईटी दिल्ली से बीटेक, IIM बेंगलुरु से MBA

दिव्या मित्तल मूल रूप से हरियाणा के रेवाड़ी की रहने वाली हैं. उन्होंने आईआईटी दिल्ली से बीटेक किया और इसके बाद आईआईएम बेंगलुरु से एमबीए की पढ़ाई की. पढ़ाई पूरी करने के बाद उन्हें लंदन की जेपी मॉर्गन कंपनी में नौकरी मिली. लंदन में ही उनकी मुलाकात गगनदीप सिंह से हुई, जो बाद में उनके पति बने. गगनदीप सिंह 2011 बैच के इंडियन ट्रेड सर्विस अधिकारी रह चुके हैं. हालांकि कुछ समय बाद दिव्या मित्तल ने विदेश की नौकरी छोड़कर भारत लौटने का फैसला किया. इस्तीफे के बाद लिखी अपनी पोस्ट में भी उन्होंने इस फैसले का जिक्र किया.

बिना कोचिंग UPSC पास किया

भारत लौटने के बाद दिव्या मित्तल ने यूपीएससी की तैयारी शुरू की. उन्होंने बिना कोचिंग यूपीएससी की परीक्षा पास की. पहले वह आईपीएस बनीं और अगले प्रयास में उनका चयन आईएएस के लिए हुआ. आईएएस बनने के बाद उन्हें उत्तर प्रदेश कैडर मिला. इसके बाद उनके प्रशासनिक करियर की शुरुआत हुई.

संत कबीर नगर में कोरोना के दौरान संभाली कमान

दिव्या मित्तल के प्रशासनिक करियर में संत कबीर नगर का कार्यकाल भी अहम रहा. कोरोना संकट के दौरान उन्होंने जिले की कमान संभाली. उस समय प्रशासन के सामने स्वास्थ्य व्यवस्था और संक्रमण को रोकने जैसी बड़ी चुनौतियां थीं. इसके बाद उन्होंने अलग-अलग जिलों में प्रशासनिक जिम्मेदारियां संभालीं और अपने काम करने के तरीके की वजह से चर्चा में रहीं.

मिर्जापुर में लहरिया दह गांव में पहुंचाया पानी

दिव्या मित्तल के करियर में मिर्जापुर का कार्यकाल खास तौर पर चर्चा में रहा. 19 सितंबर 2022 को उन्होंने मिर्जापुर के जिलाधिकारी की जिम्मेदारी संभाली और करीब एक साल तक इस पद पर रहीं. इसी दौरान हलिया ब्लॉक का लहरिया दह गांव चर्चा में आया. यहां लंबे समय से पानी की समस्या थी. गांव में पानी पहुंचाने की व्यवस्था की गई और आजादी के करीब 75 साल बाद पहली बार गांव में पानी पहुंचा.

इस्तीफा देने के बाद अपनी सोशल मीडिया पोस्ट में दिव्या मित्तल ने इस गांव की एक बुजुर्ग महिला का भी जिक्र किया. उन्होंने बताया कि गांव में पहली बार पानी पहुंचने पर बुजुर्ग महिला ने कुछ नहीं कहा, बल्कि कांपते हाथों से उनका सिर छूकर आशीर्वाद दिया.

मिर्जापुर में विवाद भी हुआ

मिर्जापुर में पानी के प्रोजेक्ट के उद्घाटन और उसके श्रेय को लेकर विवाद भी सामने आया. केंद्रीय मंत्री और स्थानीय सांसद अनुप्रिया पटेल के खेमे की नाराजगी की बात सामने आई और कार्यक्रम में जनप्रतिनिधियों को नजरअंदाज किए जाने के आरोप लगाए गए.

इसके बाद 1 सितंबर को दिव्या मित्तल का बस्ती तबादला कर दिया गया. मिर्जापुर से विदाई के दौरान उनका एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ, जिसमें लोग उन पर फूलों की बारिश करते नजर आए. इसके बाद दिव्या मित्तल ने बस्ती में ज्वाइन नहीं किया और छुट्टी पर चली गईं. शासन ने उनका बस्ती जाना रद्द कर दिया. इसके बाद सितंबर 2023 से जुलाई 2024 तक करीब 10 महीने वह वेटिंग पर रहीं.

देवरिया की DM बनीं, सख्त तेवर चर्चा में रहे

इसके बाद दिव्या मित्तल को देवरिया का जिलाधिकारी बनाया गया. करीब दो साल के कार्यकाल के दौरान उनके सख्त तेवर कई बार चर्चा में आए. एक पुल निर्माण में लापरवाही के मामले में पीडब्ल्यूडी अधिकारी को फटकार लगाने का वीडियो वायरल हुआ. वहीं एक निरीक्षण के दौरान तेज धूप में एडीएम के छांव में बैठने की बात कहने पर दिव्या मित्तल का यह जवाब भी चर्चा में आया कि, "धूप ही तो है, पिघल थोड़ी ना जाओगे."

अवैध कब्जे की शिकायत पर कानूनगो और लेखपाल को फटकार लगाने का वीडियो भी चर्चा में रहा. उन्होंने एसडीएम को जांच के निर्देश दिए और दोबारा लापरवाही होने पर जेल भेजने की चेतावनी दी.

जनप्रतिनिधियों से ट्रांसफर-पोस्टिंग को लेकर भी हुआ टकराव

देवरिया में 3 जुलाई 2025 को दिशा समिति की बैठक में अधिकारियों की ट्रांसफर-पोस्टिंग को लेकर जनप्रतिनिधियों के दबाव का मुद्दा उठा. दिव्या मित्तल ने कहा कि प्रशासन पर ट्रांसफर-पोस्टिंग के लिए दबाव नहीं बनाना चाहिए. इस पर कृषि मंत्री सूर्य प्रताप शाही ने कहा कि ऐसा कोई सरकारी आदेश नहीं है जिसमें अधिकारियों को जनप्रतिनिधियों की बात नहीं सुनने को कहा गया हो. बीजेपी विधायक शलभमणि त्रिपाठी ने भी कहा कि जनप्रतिनिधि जनता की शिकायतों पर सवाल पूछेंगे. इसके बाद दिव्या मित्तल और जनप्रतिनिधियों के बीच तनातनी की खबरें सामने आती रहीं.

करीब 4 महीने पहले लखनऊ ट्रांसफर

करीब चार महीने पहले दिव्या मित्तल का देवरिया से लखनऊ ट्रांसफर हुआ. उन्हें राजस्व विभाग में विशेष सचिव बनाया गया. ट्रांसफर को लेकर सोशल मीडिया पर कई तरह की चर्चाएं हुईं. यह भी कहा गया कि उनके इस तबादले से वह नाराज थीं और साइडलाइन किए जाने की चर्चा उनके इस्तीफे की वजह हो सकती है. हालांकि इसे संभावित वजह के तौर पर बताया गया है, इसकी पुष्टि नहीं की गई है.

पति गगनदीप सिंह भी सरकारी सेवा छोड़ चुके हैं

दिव्या मित्तल के पति गगनदीप सिंह 2011 बैच के इंडियन ट्रेड सर्विस अधिकारी रह चुके हैं. उन्होंने 2022 में सरकारी सेवा से इस्तीफा दिया. इसके बाद उन्होंने 'न्यूरोक' नाम की कंपनी शुरू की.

सोशल मीडिया पर भी सक्रिय रहीं दिव्या मित्तल

दिव्या मित्तल की पहचान सिर्फ आईएएस अधिकारी के तौर पर नहीं रही. वह सोशल मीडिया पर भी सक्रिय रही हैं और मोटिवेशनल वीडियो के लिए चर्चा में रही हैं.

हाल ही में उन्होंने जजों के लिए एक संदेश दिया था, जिसकी काफी तारीफ हुई. यूपीएससी की तैयारी को लेकर उन्होंने 'द क्राफ्ट जीनियस' नाम की किताब भी लॉन्च की, जिसमें अपने संघर्ष के बारे में बताया.

13 साल बाद IAS की नौकरी को कहा अलविदा

30 अगस्त 2026 को दिव्या मित्तल ने 13 साल की सेवा के बाद आईएएस से इस्तीफा दे दिया. इस्तीफे के बाद लिखी अपनी पोस्ट में उन्होंने अपने प्रशासनिक सफर को याद किया और कहा कि उन्हें देश में काम करने का मौका मिला और इस दौरान उन्होंने बहुत कुछ सीखा. लहरिया दह की बुजुर्ग महिला के आशीर्वाद को याद करते हुए उन्होंने लिखा कि पद छूट गया, लेकिन वह स्पर्श जीवन भर नहीं छूटेगा.

फिलहाल दिव्या मित्तल के इस्तीफे को लेकर अलग-अलग चर्चाएं हैं. इस्तीफे की कोई निश्चित प्रशासनिक या व्यक्तिगत वजह सामने नहीं बताई गई है. रिपोर्ट में बताए गए अन्य विवादों और संभावित वजहों को भी मीडिया रिपोर्ट्स के हवाले से बताया गया है.

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