बृजभूषण शरण सिंह ने ठोक दी ताल, गोंडा में उनके इस नए ऐलान से अयोध्या तक मची हलचल!
Brijbhushan Sharan Singh Announcement: भाजपा के पूर्व सांसद बृजभूषण शरण सिंह ने गोंडा में ऐलान किया कि वह लोकसभा में एक बार फिर वापसी करेंगे. राजनीतिक गलियारों में कयास लगाए जा रहे हैं कि उनकी नजर फैजाबाद (अयोध्या) सीट पर हो सकती है, जहां उन्हें कई चुनौतियों का सामना करना पड़ सकता है.
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Brijbhushan Sharan Singh Announcement: भाजपा के चर्चित पूर्व सांसद बृजभूषण शरण सिंह ने गोंडा में एक बड़ा सियासी ऐलान करते हुए उत्तर प्रदेश की राजनीति में हलचल मचा दी है. उन्होंने साफ कर दिया है कि वह एक बार फिर लोकसभा में वापसी करेंगे. गोंडा के कटरा बाजार में आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान उन्होंने अपने विरोधियों को सीधी चुनौती देते हुए कहा कि उन्हें जनता ने नहीं, बल्कि षड्यंत्रकारियों ने रिटायर किया है.
बृजभूषण सिंह के तीखे तेवर
मंच से जनता को संबोधित करते हुए बृजभूषण सिंह ने कहा कि सांसद का पद उनके लिए अब बहुत छोटा हो चुका है, लेकिन वह एक बार फिर चुनाव लड़ेंगे ताकि विरोधियों को जवाब दिया जा सके. बृजभूषण ने कहा कि षड्यंत्रकारियों के लिए मैं लोकसभा में एक बार फिर से खंभा जरूर गाडूंगा. आपने मुझे रिटायर नहीं किया, खड़यंत्रकारियों (षड्यंत्रकारियों) ने किया है. टारगेट पर कौन? उन्होंने किसी का नाम लिए बिना कहा कि वह उस सीट से चुनाव लड़ सकते हैं जहां का सांसद 'ज्यादा गड़बड़' कर रहा होगा.
यहां नीचे देखिए बृजभूषण शरण सिंह के इस ऐलान पर हमारी खास वीडियो रिपोर्ट
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फैजाबाद (अयोध्या) सीट पर नजर?
राजनीतिक गलियारों में कयास लगाए जा रहे हैं कि बृजभूषण सिंह की नजर फैजाबाद (अयोध्या) लोकसभा सीट पर हो सकती है. इसके पीछे कई ठोस कारण माने जा रहे हैं. छात्र राजनीति के दौरान अयोध्या का साकेत कॉलेज उनकी पहली कर्मभूमि रही है. राम मंदिर आंदोलन से जुड़ाव के कारण संतों और महंतों के बीच उनकी गहरी पैठ है. अयोध्या में सपा के अवधेश प्रसाद के हाथों भाजपा की हालिया हार के बाद पार्टी को एक मजबूत चेहरे की तलाश है जो खोई हुई साख वापस दिला सके.
चुनौतियां भी कम नहीं
अगर बृजभूषण सिंह अयोध्या का रुख करते हैं, तो उनके सामने विनय कटियार जैसे वरिष्ठ नेताओं की दावेदारी एक बड़ी चुनौती हो सकती है. वियन कटियार को भी फैजाबाद सीट की रेस में माना जा रहा है. साथ ही, महिला पहलवानों द्वारा लगाए गए आरोपों और उनके चलते बदले राजनीतिक समीकरण भी उनके रास्ते की बाधा बन सकते हैं.
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