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10 साल में 10 लाख युवाओं को नौकरी की गारंटी, इस बजट में स्टूडेंट्स के लिए क्या-क्या रहा खास?

UP Budget 2026: योगी सरकार के आखिरी पूर्ण बजट में युवाओं के लिए रोजगार, स्किल ट्रेनिंग, एआई मिशन, 40 लाख टैबलेट-स्मार्टफोन वितरण और स्वरोजगार योजनाओं का ऐलान किया गया है. 10 लाख रोजगार के लक्ष्य के साथ कई नई योजनाएं शुरू करने की घोषणा हुई, जबकि शिक्षक भर्ती को लेकर अभी भी इंतजार बना हुआ है.

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UP Budget 2026: उत्तर प्रदेश की योगी सरकार ने अपना आखिरी पूर्ण बजट पेश कर दिया है, जिसमें युवाओं पर खास ध्यान दिया गया है. सरकार ने इस बजट में रोजगार, नई नौकरियां, स्किल ट्रेनिंग, डिजिटल सशक्तिकरण और स्वरोजगार को लेकर कई बड़ी घोषणाएं की हैं. ऐसा दावा किया गया है कि आने वाले समय में युवाओं के लिए बड़े स्तर पर अवसर तैयार किए जाएंगे. बजट में यह भी बताया गया कि पिछले वर्षों में कितने युवाओं को ट्रेनिंग और नौकरी मिली है. हालांकि, कुछ बड़ी भर्तियों को लेकर युवाओं का इंतजार अभी भी जारी है. आइए आसान भाषा में समझते हैं कि इस बजट में युवाओं के लिए क्या खास रहा. 

रोजगार और नौकरी पर सरकार के बड़े दावे

सरकार ने कहा है कि 10 साल में 10 लाख युवाओं को रोजगार देने का लक्ष्य रखा गया है और इसे इस साल के अंत तक पूरा करने की बात कही गई है. इसमें सरकारी और निजी क्षेत्र दोनों में निवेश के जरिए रोजगार पैदा करने की योजना है. पिछले 5 सालों में उत्तर प्रदेश कौशल विकास मिशन के तहत 9 लाख 25 हजार युवाओं को ट्रेनिंग और सर्टिफिकेट दिया गया है. इनमें से 4 लाख 22 हजार युवाओं को कंपनियों में नौकरी भी मिली. सरकार का दावा है कि प्रदेश में बेरोजगारी दर घटकर 2.24 प्रतिशत रह गई है. टेक्सटाइल सेक्टर में 3000 नई नौकरियां देने का लक्ष्य रखा गया है. हर जिले में सरदार वल्लभभाई पटेल एंप्लॉयमेंट एंड इंडस्ट्रियल जॉन बनाने की योजना है, जिसके लिए 550 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है और 25 करोड़ रुपये शुरुआती काम के लिए जारी किए जाएंगे. उत्तर प्रदेश रोजगार मिशन के जरिए देश और विदेश में भी रोजगार के अवसर उपलब्ध कराने की बात कही गई है.

स्किल ट्रेनिंग और कोचिंग पर जोर

बजट में युवाओं को नई तकनीक के अनुसार तैयार करने पर भी जोर दिया गया है. टेक युवा समर्थ युवा योजना और उत्तर प्रदेश एआई मिशन शुरू करने की घोषणा की गई है, जिससे युवाओं को आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और नई तकनीकों की ट्रेनिंग दी जा सके. अभ्युदय योजना के तहत 163 केंद्रों पर 23 हजार से ज्यादा अभ्यर्थियों को मुफ्त कोचिंग दी जा रही है. पीपीपी मॉडल पर कौशल विकास और जॉब प्लेसमेंट केंद्र भी खोले जाएंगे, जहां निजी कंपनियां सीधे युवाओं को नौकरी दे सकेंगी. सरकारी आईटीआई में सीटें बढ़ाकर 1 लाख 90 हजार कर दी गई हैं और इसके लिए करीब 3000 करोड़ रुपये का प्रावधान रखा गया है. सरकार का कहना है कि आईटीआई पास युवा देश ही नहीं, विदेशों में भी नौकरी पा रहे हैं.

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डिजिटल सशक्तिकरण और स्वरोजगार योजनाएं

सरकार ने 40 लाख युवाओं को टैबलेट और स्मार्टफोन देने का लक्ष्य रखा है ताकि वे डिजिटल रूप से सशक्त बन सकें. स्वरोजगार को बढ़ावा देने के लिए मुख्यमंत्री युवा उद्यमी विकास अभियान के तहत 1000 करोड़ रुपये रखे गए हैं. मुख्यमंत्री युवा स्वरोजगार योजना के लिए 225 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है. स्टार्टअप को बढ़ावा देने के लिए लखनऊ और गौतम बुद्ध नगर में राज्य स्तरीय यू-हब स्थापित किए जाएंगे. 

लंबित भर्तियों का इंतजार जारी

इन सब घोषणाओं के बीच कुछ बड़ी भर्तियां ऐसी हैं, जिनका युवा लंबे समय से इंतजार कर रहे हैं. यूपी पुलिस भर्ती की प्रक्रिया चल रही है और परीक्षाओं की तारीखें भी घोषित हो चुकी हैं. लेकिन प्राथमिक शिक्षक भर्ती को लेकर अब भी कोई नई घोषणा नहीं हुई है. पिछली शिक्षक भर्ती में आरक्षण से जुड़ा मामला सुप्रीम कोर्ट में लंबित है. ऐसे में लाखों अभ्यर्थी नई शिक्षक भर्ती का इंतजार कर रहे हैं. उत्तर प्रदेश में सबसे ज्यादा आवेदन पुलिस और शिक्षक भर्तियों में आते हैं, इसलिए युवाओं की नजर इन भर्तियों पर टिकी हुई है. अब देखना होगा कि साल के अंत तक सरकार इस दिशा में कोई बड़ा फैसला लेती है या नहीं. 

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