देवबंद के उलेमा की मुस्लिमों से अपील, ऐसी शादियों में न जाएं, जानें किस बात से है आपत्ति

देवबंद के उलेमा की मुस्लिमों से अपील, ऐसी शादियों में न जाएं, जानें किस बात से है आपत्ति
फोटो: पिंटू शर्मा

Deoband News: हाल ही में ग्रेटर नोएडा के उलेमाओं ने फैसला लिया था कि जिस निकाह में आतीशबाजी या डीपे पर फिल्में गाने बजेंगे, उन शादियों में कोई उलेमा या मौलवी निकाह नहीं  पढ़ेगा. अब इस मामले में देवबंदी उलेमा मुफ्ती असद कासमी का भी बड़ा बयान सामने आ गया है. उन्होंने देश के मुसलमानों से अपील करते हुए कहा है कि, मुसलमानों को ऐसी शादियों से बचना चाहिए जिसमें इस्लाम और शरियत के खिलाफ काम होता है.

करना चाहिए ऐसी शादियों से पहरेज

देवबंदी उलेमा मुफ्ती असद कासमी ने देश के मुसलमानों से अपील करते हुए कहा कि शादियों के अंदर बैंड बाजा, आतिशबाजी, घुड़चढ़ी और डीजे से बचना चाहिए. निकाह भी मस्जिद के अंदर पढ़वाना चाहिए. उन्होंने आगे कहा कि, निकाह इस्लाम के रीति रिवाजों के हिसाब से ही करनी चाहिए.

मुफ्ती असद कासमी मैंने हाल ही में नोएडा से उलेमाओं की एक खबर सुनी की वहां उलेमाओं ने फैसला लिया है कि वह ऐसी शादियों में नहीं जाएगा जहां इस्लाम और शरियत के खिलाफ काम होता हो. उन्होंने कहा कि मैं उलेमाओं के फैसला का पूरी तरह से स्वागत करता हूं.

अल्लाह ने जो रास्ता बताया उसपर ही चलना चाहिए

देवबंदी उलेमा मुफ्ती असद कासमी ने मुसलमानों से अपील करते हुए कहा कि, आज के समय शादी इस्लाम के हिसाब से नहीं हो रही है. शादी में आतिशबाजी और घुड़सवारी इस्लाम में नहीं है. उन्होंने कहा कि, मैं अपील करता हूं कि इस्लाम के हिसाब से निकाह करें और सादगी के साथ करें. शादी इस्लाम के नियमों के अनुसार ही होनी चाहिए.

गौरतलब है कि हाल ही में ग्रेटर नोएडा के दादरी में उलेमाओं ने बड़ा फैसला लिया था. उलेमाओं ने फैसला किया था कि, अगर किसी भी मुसलमान की शादी में डीजे या आतिशबाजी होगी तो वहां निकाह पढ़वाने कोई उलेमा नहीं जाएगा. इसी के साथ फतवा जारी किया गया है कि ऐसे लोगों की पहचान करके उनके जनाजे में भी कोई भी उलेमा शामिल नहीं होगा. उलेमाओं का यह बयान काफी चर्चा में रहा था.

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