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Panchayat Chunav: सपा सांसद हरेंद्र मलिक के गांव काजीखेड़ा के प्रधान को लेकर ये क्या बोल रहे लोग?

Pradhan Election Muzaffarnagar 2026: सांसद हरेंद्र मलिक के पुश्तैनी गांव काजीखेड़ा में ग्रामीणों का गुस्सा फूटा! वर्तमान प्रधान पर लगाए शराब तस्करी और विकास न करने के आरोप. देखिए क्या मांगता है यह गांव.

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मुजफ्फरनगर के काजीखेड़ा गांव में आगामी पंचायत चुनावों को लेकर सरगर्मियां तेज हैं. यह गांव समाजवादी पार्टी के सांसद हरेंद्र मलिक और उनके बेटे विधायक पंकज मलिक का पुश्तैनी गांव है. हालांकि, विडंबना यह है कि यह गांव न तो हरेंद्र मलिक के लोकसभा क्षेत्र में आता है और न ही पंकज मलिक के विधानसभा क्षेत्र में, इसलिए वे सीधे तौर पर अपनी निधि से यहां विकास कार्य नहीं कर सकते. यूपी Tak की 'पंचायती पड़ताल' में ग्रामीणों ने वर्तमान प्रधान और गांव की व्यवस्था को लेकर कई गंभीर आरोप लगाए हैं:

ग्रामीणों का आरोप है कि वर्तमान प्रधान (गंगा मूर्ति) के कार्यकाल में गांव में कोई ठोस विकास कार्य नहीं हुआ है. साफ-सफाई की व्यवस्था बेहद खराब है और लाइटें बंद पड़ी हैं. एक ग्रामीण ने आरोप लगाया कि प्रधान के कार्यकाल में गांव "जुए का अड्डा" बन गया है और शराब तस्करी जैसी गतिविधियां बढ़ गई हैं. ग्रामीणों ने स्वीकार किया कि उन्होंने ही वर्तमान प्रधान को चुना था, लेकिन वे उनकी अपेक्षाओं पर बिल्कुल खरे नहीं उतरे.

गांव के युवाओं के लिए खेल की कोई सुविधा नहीं है. उन्हें सेना या पुलिस भर्ती की तैयारी के लिए सड़कों या कच्चे रास्तों पर दौड़ना पड़ता है. गांव के तालाबों की हालत खराब है और ग्रामीण उनका सौंदर्यीकरण चाहते हैं. संक्रामक बीमारियों के सीजन में भी गांव में साफ-सफाई का बुरा हाल रहता है. युवा वर्ग चाहता है कि इस बार कोई पढ़ा-लिखा और नौजवान व्यक्ति प्रधान बने जो सभी वर्गों को साथ लेकर चल सके. ग्रामीणों का कहना है कि पिछली बार उनसे गलती हुई, लेकिन इस बार वे बहुत सोच-समझकर ऐसे व्यक्ति को चुनेंगे जो गांव के प्रति समर्पित हो. 

सांसद और विधायक परिवार का गांव होने के बावजूद, बुनियादी सुविधाओं के लिए ग्रामीणों की यह नाराजगी आने वाले चुनावों में बड़े बदलाव के संकेत दे रही है.
 

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