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सुल्तानपुर में हुआ सवाल तो मंत्री ओम प्रकाश राजभर ने पंचायत चुनाव को लेकर दिया अबतक का सबसे बड़ा अपडेट

UP Panchayat Chunav Update: यूपी पंचायत चुनाव को लेकर मंत्री ओम प्रकाश राजभर का बड़ा बयान. मतपत्र तैयार, 28 को आएगी फाइनल वोटर लिस्ट. जानें कब होंगे चुनाव और क्या है त्रिस्तरीय पंचायत व्यवस्था.

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UP Panchayat Chunav Update
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UP Panchayat Chunav Update: उत्तर प्रदेश में पंचायत चुनाव की आहट तेज हो गई है. यूपी के पंचायती राज मंत्री ओम प्रकाश राजभर के सुल्तानपुर में दिए गए ताजा बयान ने सियासी गलियारों में चल रही उन तमाम अटकलों पर विराम लगाने की कोशिश की है, जो पिछले कुछ दिनों से फिजाओं में तैर रही थीं. हर कोई जानना चाह रहा है कि यूपी में गांव की सरकार चुनने का वक्त कब आएगा और क्या चुनाव समय पर होंगे? इन सवालों के बीच मंत्री राजभर ने स्पष्ट संकेत दे दिए हैं कि चुनावी मशीनरी पूरी रफ्तार से काम कर रही है. 

पंचायती राज मंत्री ओम प्रकाश राजभर ने पंचायत चुनावों को लेकर एक बड़ा और स्पष्ट बयान दिया है. उन्होंने उन सभी संभावनाओं को खारिज कर दिया जिनमें चुनाव टलने की बात कही जा रही थी. राजभर ने साफ किया कि उत्तर प्रदेश में त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव अपने तय समय पर ही होंगे और इसके लिए प्रशासनिक तैयारियां अंतिम चरण में हैं. 

मतपत्रों की छपाई का काम पूरा हो चुका है: राजभर

मतपत्रों का वितरण शुरू मंत्री ने बताया कि चुनाव के लिए जरूरी मतपत्रों की छपाई का काम पूरा हो चुका है. इतना ही नहीं, प्रदेश के सभी 75 जिलों में मतपत्रों की खेप भेज दी गई है. उन्होंने जोर देकर कहा कि चुनावी प्रक्रिया में अब कोई बाधा नहीं है और सरकार पूरी तरह से तैयार है. 

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28 तारीख को आएगी फाइनल वोटर लिस्ट मतदाताओं की उत्सुकता को शांत करते हुए उन्होंने जानकारी दी कि आगामी 28 तारीख को फाइनल मतदाता सूची का प्रकाशन कर दिया जाएगा. इस घोषणा के बाद चुनावी बिगुल बजने का रास्ता बिल्कुल साफ हो जाएगा. राजभर ने कार्यकर्ताओं और जनता से अपील की कि वे किसी भी प्रकार की भ्रम की स्थिति में न रहें और समय पर चुनाव के लिए तैयार रहें.

क्या है यूपी की त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव व्यवस्था?

उत्तर प्रदेश में ग्रामीण प्रशासन की बागडोर त्रिस्तरीय पंचायती राज व्यवस्था के हाथ में होती है. इसे 73वें संविधान संशोधन के बाद और अधिक सशक्त बनाया गया है. यह व्यवस्था तीन स्तरों पर काम करती है- 

ग्राम पंचायत: यहां ग्रामीण सीधे तौर पर ग्राम प्रधान और ग्राम पंचायत सदस्यों का चुनाव करते हैं. यह गांव के विकास की बुनियादी इकाई है. 

क्षेत्र पंचायत: इसे बीडीसी के नाम से भी जाना जाता है. यहां चुने गए सदस्य ब्लॉक प्रमुख का चुनाव करते हैं.

जिला पंचायत: जिले की ग्रामीण राजनीति का यह सबसे बड़ा केंद्र है. ग्रामीण सीधे तौर पर जिला पंचायत सदस्य चुनते हैं, जो बाद में आपस में मिलकर 'जिला पंचायत अध्यक्ष' का चुनाव करते हैं.

ये चुनाव बैलेट पेपर के जरिए होते हैं, जिसमें एक साथ चार पदों (ग्राम प्रधान, ग्राम पंचायत सदस्य, क्षेत्र पंचायत सदस्य और जिला पंचायत सदस्य) के लिए वोट डाले जाते हैं.

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