तीनों में बीच वाली थी टीम लीडर... गाजियाबाद में 3 बहनों की रहस्मई मौत के बाद पिता ने सुनाई ये कहानी
Ghaziabad Suicide Mystery: गाजियाबाद में 3 बहनों की सुसाइड मिस्ट्री. कोरियन कल्चर के जुनून में 9वीं मंजिल से कूदीं बेटियां. पिता का दावा- 'इंडियन' कहलाना उन्हें पसंद नहीं था.
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Ghaziabad Suicide Mystery: दिल्ली से सटे गाजियाबाद के टीला मोड़ इलाके की भारत सिटी सोसाइटी की नौवीं मंजिल से गिरकर तीन बहनों की मौत ने पूरे देश को झकझोर दिया है. 3 फरवरी की रात 2 बजे घटी इस घटना की गुत्थी सुलझने के बजाय और उलझती जा रही है. अब इस केस में एक ऐसा 'कोरियन कनेक्शन' सामने आया है, जिसने पुलिस और परिवार दोनों के होश उड़ा दिए हैं. मृतक बच्चियों के पिता ने एक ऐसा दावा किया है जो किसी डरावनी फिल्म की स्क्रिप्ट जैसा लगता है. पिता के मुताबिक, उनकी तीनों बेटियां (16, 14 और 12 साल) कोरियन कल्चर के प्रभाव में इस कदर थीं कि उन्होंने खुद को भारतीय मानना ही छोड़ दिया था.
बच्चियों ने अपने नाम कोरियन रख लिए थे और मोबाइल की डीपी पर भी कोरियन सेलिब्रिटीज की तस्वीरें लगा रखी थीं. पिता का कहना है कि अगर कोई उन्हें इंडियन कहता था, तो वे चिढ़ जाती थीं और रोने लगती थीं. यहां तक कि गुस्सा होकर खाना तक छोड़ देती थीं. बच्चियों के कमरे से बरामद 8-9 पन्नों की डायरी में लिखा है, "कोरियन हमारी जान हैं. हम किसी भारतीय से शादी करने की हिम्मत नहीं जुटा सकते." वे दक्षिण कोरिया जाकर वहीं किसी कोरियन से शादी करना चाहती थीं.
हादसे वाली रात 2 बजे क्या हुआ था?
हादसे वाली रात की कहानी रहस्यमयी है. रात 12 बजे बच्चियां अपनी मां का फोन वापस करती हैं. करीब 2 बजे तीनों बहनें रजाई से निकलकर घर के मंदिर वाले कमरे में जाती हैं और उसे अंदर से लॉक कर लेती हैं. वहां उन्होंने जमीन पर पूरे परिवार की तस्वीरें बिछाईं और फिर बालकनी की खिड़की खोलकर एक साथ मौत को गले लगा लिया.
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14 साल की बेटी थी 'टीम लीडर'
इस केस में सबसे हैरान करने वाला खुलासा यह है कि घर में सबसे बड़ी बेटी (16 साल) नहीं, बल्कि बीच वाली 14 साल की बेटी टीम लीडर थी. पिता ने बताया कि बड़ी और छोटी बहन, दोनों ही बीच वाली की बात मानती थीं. पिता के शब्दों में, "बड़ा बच्चा छोटे बच्चे की बात मान रहा था, यह हैरान करने वाला था. वह जो कहती थी, बाकी दोनों वही करती थीं."
मोबाइल एडिक्शन और सुसाइड की वजह
पुलिस की शुरुआती जांच के मुताबिक, बच्चियां कोरियन म्यूजिक, सीरियल्स और गेम्स के लिए पूरी तरह पागल थीं. उनका मोबाइल एडिक्शन इस हद तक बढ़ गया था कि परिवार ने जब फोन इस्तेमाल करने पर प्रतिबंध लगाया, तो उन्होंने यह खौफनाक कदम उठा लिया. फिलहाल पुलिस बच्चियों के मोबाइल फोन और उनकी डायरी की हैंडराइटिंग की बारीकी से जांच कर रही है. क्या यह सिर्फ एक एडिक्शन था या इसके पीछे कोई डार्क ऑनलाइन गेम या चैलेंज? इसका जवाब अब जांच के बाद ही साफ होगा.
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