सर बोलोगी तो नहीं करूंगा मदद... हेड कांस्टेबल कुलदीप राठी ने पीड़िता से की गंदी चैट फिर आरोपी से हाथ मिला किया ये कांड
Crime News: बुलंदशहर में न्याय मांगने गई महिला इन्फ्लुएंसर से हेड कांस्टेबल कुलदीप राठी ने की गंदी मांग. मना करने पर आरोपी से मिलाया हाथ. वीडियो वायरल होने के बाद पुलिसकर्मी सस्पेंड, मुकदमा दर्ज.
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बुलंदशहर में खाकी फिर शर्मसार हुई है. यहां न्याय की गुहार लेकर थाने पहुंची एक युवती ने जांच अधिकारी पर ही यौन उत्पीड़न और गंभीर आरोप लगाए हैं. युवती का कहना है कि जिस पुलिसवाले को उसकी सुरक्षा और मदद की जिम्मेदारी दी गई थी वही उसे होटल में मिलने और संबंध बनाने के लिए मजबूर करने लगा. मामला सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद पुलिस विभाग में हड़कंप मच गया है.
क्या है पूरा मामला?
पीड़िता एक सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर है. उसने आरोप लगाया कि फैज अंसारी (सोनू) नाम का एक युवक उसे सोशल मीडिया पर गंदी गालियां दे रहा था और मानसिक रूप से परेशान कर रहा था. इस मामले की शिकायत करने वह बुलंदशहर की नगर कोतवाली पहुंची थी. युवती की शिकायत पर जांच की जिम्मेदारी हेड कांस्टेबल कुलदीप राठी को सौंपी गई.
मदद के बदले की गई गंदी डिमांड!
युवती का आरोप है कि हेड कांस्टेबल कुलदीप राठी ने मदद करने के बजाय उसका उत्पीड़न शुरू कर दिया. पीड़िता के मुताबिक, हेड कांस्टेबल उसे दिन-रात कॉल करके परेशान करने लगा. वह युवती पर प्राइवेट चैट और अकेले में मिलने का दबाव बना रहा था. पीड़िता ने बताया, "वह मुझसे गलत संबंध बनाने की बात करने लगा और बोला कि अगर तुम मुझे सर बोलोगी तो मैं तुम्हारी मदद नहीं करूंगा. वह बार-बार 'आई लाइक यू' कहता था."
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आरोपी से हाथ मिलाकर दी थी धमकी
इन्फ्लुएंसर युवती ने आगे बताया कि जब उसने पुलिसकर्मी की बात नहीं मानी, तो हेड कांस्टेबल कुलदीप राठी मुख्य आरोपी फैज के साथ मिल गया. इसके बाद आरोपी के घरवाले युवती के कमरे में घुसकर उसे धमकी देने लगे कि अगर उसने वीडियो बनाना बंद नहीं किया, तो उसे ऐसी ही गालियां सुननी पड़ेंगी.
आरोपी हेड कांस्टेबल सस्पेंड, मुकदमा दर्ज
मामला उच्चाधिकारियों तक पहुंचने और वीडियो वायरल होने के बाद पुलिस ने कड़ी कार्रवाई की है. बुलंदशहर पुलिस के अनुसार, आरोपी हेड कांस्टेबल कुलदीप राठी को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है. पीड़िता की तहरीर पर आरोपी युवक फैज और हेड कांस्टेबल कुलदीप राठी दोनों के खिलाफ नामजद मुकदमा किया गया है. मामले की विभागीय जांच भी शुरू कर दी गई है. पुलिस का कहना है कि महिला सुरक्षा से जुड़े इस मामले में निष्पक्ष जांच की जा रही है. हालांकि पुलिस ने यह भी कहा कि महिला को बयान दर्ज कराने के लिए कई बार बुलाया गया था लेकिन वह पहले उपस्थित नहीं हुई थी.
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