अमेठी में SIR का काम कर रहीं BLO सुभद्रा मौर्य और उनके पति को बीजेपी नेताओं ने पीटा? भड़क उठे अखिलेश यादव
BLO Subhadra Maurya: अमेठी में BLO सुभद्रा मौर्य और उनके पति के साथ भाजपा के कुछ नेताओं ने अभद्रता और मारपीट की. उन्होंने बताया कि वोटर सूची के काम के दौरान नेता उनके साथ गाली गलौज और मारपीट कर रहे थे. सुभद्रा ने कहा कि वे अपना काम छोड़ने को तैयार हैं. लेकिन गाली और बदसलूकी सहन नहीं करेंगे. इस घटना के बाद मामला राजनीतिक रंग लेकर अखिलेश यादव जैसे नेताओं तक पहुंचा और कार्रवाई की मांग हुई.

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BLO Subhadra Maurya: उत्तर प्रदेश के अमेठी जिले में मतदाता सूची पुनरीक्षण (एसआईआर) के दौरान एक महिला बीएलओ सुभद्रा मौर्य(बूथ लेवल ऑफिसर) के साथ अभद्रता और उनके पति के साथ मारपीट का मामला तूल पकड़ चुका है. सोशल मीडिया पर वीडियो वायरल होने के बाद समाजवादी पार्टी के मुखिया अखिलेश यादव और अमेठी के सांसद किशोरी लाल शर्मा ने इस पर ट्वीट कर भाजपा कार्यकर्ताओं पर गंभीर आरोप लगाए हैं.
क्या है पूरा मामला?
मामला अमेठी के बूथ नंबर 209 ठेगा का है. यहां आंगनबाड़ी कार्यकत्री और बीएलओ के रूप में तैनात सुभद्रा मौर्य मतदाता सूची का काम कर रही थीं. सुभद्रा का आरोप है कि कुछ भाजपा नेता और कार्यकर्ता वहां पहुंचे और उनके पति के साथ मारपीट की. साथ ही उनका मोबाइल फोन भी छीन लिया गया. यूपी Tak से बातचीत के दौरान सुभद्रा मौर्य ने कहा कि 'हम अपना काम कर रहे थे तभी कुछ लोग आए और आरोप लगाने लगे कि मेरे पति भाजपा को गाली दे रहे हैं. उन्होंने मेरे पति का कॉलर पकड़ा और उनसे मारपीट की. मेरा मोबाइल फोन भी छीन लिया गया.मैं बहुत परेशान रही और शाम 6 बजे थाने से मुझे मोबाइल वापस मिला.'
सुभद्रा का कहना है कि उनके पति कांग्रेस के कार्यकर्ता जरूर हैं.लेकिन वे कभी भी ड्यूटी के काम में राजनीति नहीं लाते. उनके पति उन्हें समय पर बूथ पहुंचने और ईमानदारी से काम करने के लिए प्रेरित करते हैं.इस विवाद के पीछे मुख्य वजह यह बताई जा रही है कि भाजपा कार्यकर्ताओं को अंदेशा था कि बीएलओ के पति जो कांग्रेस से जुड़े हैं मतदाता सूची से भाजपा समर्थकों के नाम काट रहे हैं. इस पर सुभद्रा ने कहा कि 'अगर मेरे पति गलत करेंगे तो मैं खुद काम छोड़ दूंगी. लेकिन गलत नहीं होने दूंगी.हम किसी का नाम नहीं काट रहे हैं. अगर तहसील से किसी का नाम कटा भी है तो मेरे पति उसे बढ़वाने के लिए फॉर्म लेकर जाते हैं.'
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अखिलेश यादव का रिएक्शन आया सामने
इस घटना का वीडियो जैसे ही वायरल हुआ राजनीतिक बयानबाजी तेज हो गई. अखिलेश यादव ने इस घटना को लोकतंत्र पर हमला करार देते हुए दोषियों पर कार्रवाई की मांग की. सांसद किशोरी लाल शर्मा ने भी प्रशासन को आड़े हाथों लिया. बीएलओ का कहना है कि जब यह घटना हुई तब जिला अध्यक्ष भी मौके पर मौजूद थे. अगर वे चाहते तो मोबाइल तुरंत वापस मिल सकता था और मामला इतना नहीं बढ़ता. भावुक होते हुए सुभद्रा मौर्या ने कहा कि अगर इसी तरह अपमानित किया जाएगा तो वह बीएलओ की नौकरी छोड़ने को तैयार हैं. उन्होंने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से मांग की है कि ड्यूटी पर तैनात महिला कर्मचारियों को सुरक्षा दी जाए.काम के दौरान राजनीतिक लांछन और मारपीट करने वालों पर अंकुश लगाया जाए और जिन्होंने मोबाइल छीना और अभद्रता की उनके खिलाफ एक्शन लिया जाए.










