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पत्नी को था कैंसर, इलाज में खर्च हो रहे थे खूब पैसे... बेशर्म पति राहुल ने ऐसे करा दी उसकी हत्या

Hapur Woman Murder Case: हापुड़ में पत्नी की कैंसर बीमारी से परेशान कारोबारी ने 5 लाख रुपये में हत्या की सुपारी दी. पुलिस ने पति समेत तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर सनसनीखेज खुलासा किया है.

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Hapur Woman Murder Case: उत्तर प्रदेश के हापुड़ से रिश्तों को शर्मसार कर देने वाली एक खौफनाक कहानी सामने आई है. जिस पत्नी को कैंसर जैसी जानलेवा बीमारी से लड़ने में पति का सहारा चाहिए था, उसी पति ने उसे मौत के घाट उतरवा दिया. बता दें कि पैसों और घरेलू कलह से तंग आकर एक कारोबारी ने अपनी ही पत्नी की हत्या की सुपारी दे डाली. महज 5 लाख रुपये में रची गई इस साजिश को बेहद  शातिर तरीके से अंजाम दिया गया. लेकिन पुलिस की गहन जांच ने इस खूनी साजिश की परतें खोल दीं. पुलिस ने पति समेत तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है. 

क्या है पूरा मामला?

यह मामला हापुड़ के थाना बहादुरगढ़ क्षेत्र के ग्राम मोहम्मदपुर रुस्तमपुर का है. यहां 2 फरवरी 2026 की रात एक महिला की उसके ही घर में चाकू से गला रेतकर हत्या कर दी गई थी. यही नहीं शुरुआती जांच में इस वारदात को चोरी के दौरान हुई हत्या दिखाने की कोशिश की गई थी. घर का सामान भी बिखरा हुआ मिला था, ताकि मामला लूट जैसा लगे. हालांकि पुलिस को शुरू से ही इस कहानी पर शक था.

पति ने रची हत्या की साजिश

पुलिस जांच में सामने आया कि मृतका के पति राहुल ने अपने ही दो कर्मचारियों शेरअली उर्फ शेरा और फिरोज के साथ मिलकर इस हत्याकांड की साजिश रची थी. पूछताछ में खुलासा हुआ कि राहुल और उसकी पत्नी रीता शर्मा के बीच लंबे समय से घरेलू विवाद चल रहा था. रीता कैंसर से पीड़ित थी और उसके इलाज में लगातार हो रहे खर्च को लेकर पति-पत्नी के बीच तनाव बना हुआ था. राहुल पत्नी से छुटकारा पाना चाहता था और इसी वजह से उसने हत्या की खौफनाक योजना बनाई. 

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अपर पुलिस अधीक्षक विनीत भटनागर ने बताया कि राहुल की शादी 2009 में बीबीनगर थाना क्षेत्र की रहने वाली रीता शर्मा से हुई थी. दंपती का 18 साल का एक बेटा है जो फिलहाल अपने ननिहाल मेरठ में रहता है. घरेलू विवाद, इलाज का खर्च और आपसी झगड़े इस हत्याकांड की बड़ी वजह बने. 

‘साड़ी के पैसे’ बना हत्या का कोडवर्ड

अपर पुलिस अधीक्षक विनीत भटनागर ने बताया कि राहुल बेहद शातिर दिमाग का व्यक्ति है. उसने अपने दोनों कर्मचारियों को हत्या के लिए 5 लाख रुपये की सुपारी दी थी. आपसी बातचीत में तीनों ‘साड़ी के पैसे’ को कोडवर्ड के तौर पर इस्तेमाल करते थे. 2 फरवरी को राहुल ने फोन कर कर्मचारियों से कहा कि साड़ी के पैसे लेने घर आ जाओ.”

कैसे दिया गया वारदात को अंजाम?

2 फरवरी की रात करीब 8:30 बजे आरोपी शेरअली और फिरोज राहुल के घर पहुंचे. इसके बाद कमरे में बिस्तर पर लेटी रीता शर्मा का पहले कंबल से मुंह दबाया गया ताकि वह चीख न सके. इसके बाद दोनों ने चाकू से गले पर ताबड़तोड़ वार कर उसकी बेरहमी से हत्या कर दी. वारदात के वक्त घर में राहुल की मां भी मौजूद थीं लेकिन उन्हें इसकी भनक तक नहीं लगी.

हत्या के बाद आरोपी राहुल रात में ही घर से करीब 20 किलोमीटर दूर गांव नानई में एक शादी समारोह में पहुंच गया. वहां उसने अपनी मौजूदगी साबित करने के लिए फोटो भी खिंचवाए. इसके बाद वह बाइक से बिजनौर के चांदपुर स्थित अपनी दूसरी दुकान पर जाकर सो गया. अगली सुबह करीब 4 बजे वह घर लौटा और परिजनों को चोरी और पत्नी की हत्या की झूठी कहानी सुनाई. 

पुलिस जांच में खुली साजिश की परतें

घटना की सूचना पर कई थानों की पुलिस मौके पर पहुंची. डॉग स्क्वायड लगाए गए जो घर के साथ-साथ शेरअली और फिरोज के घरों के आसपास भी घूमते दिखे. पुलिस ने जब राहुल से सख्ती से पूछताछ की और उसकी कॉल डिटेल रिकॉर्ड (CDR) निकलवाई तो कई अहम सुराग मिले. कोडवर्ड और कॉल रिकॉर्ड के सबूत सामने आते ही राहुल टूट गया और उसने अपना जुर्म कबूल कर लिया. इसके बाद शेरअली और फिरोज को भी गिरफ्तार कर लिया गया. 

पुलिस ने तीनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है. उनकी निशानदेही पर हत्या में इस्तेमाल किए गए दो चाकू भी बरामद कर लिए गए हैं. पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ विधिक कार्रवाई शुरू कर दी है और मामले की आगे की जांच जारी है.

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