गाजियाबाद की 3 बहनों की डायरी के सारे राज खुल गए, दूसरी मां से जो भाई था देवू उसे लेकर ये सब लिखा
गाजियाबाद की भारत सिटी सोसाइटी में 12, 14 और 16 साल की तीन बहनों ने 9वीं मंजिल से कूदकर आत्महत्या कर ली. कमरे से मिली डायरी में कोरियन कल्चर और के-पॉप से गहरे लगाव, पारिवारिक तनाव और मानसिक दबाव की बातें सामने आई हैं.
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मंगलवार और बुद्धवार की दरमियानी रात यूपी के गाजियाबाद में हुई एक घटना ने सबके होश उड़ा के रख दिए. गाजियाबाद की भारत सिटी सोसाइटी में रहने वाली 12, 14 और 16 साल की तीन बहनें, निशिका, पाखी और प्राची ने अपने फ्लैट की 9वीं मंजिल से छलांग लगाकर आत्महत्या कर ली.

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घटना की सूचना मिलने पर जब पुलिस बच्चियों के कमरे में पहुंची तो वहां से उनकी एक डायरी बरामद हुई, जिसने इस पूरे मामले की परतें खोल दीं.

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परिजनों के मुताबिक, तीनों बहनें कोरियन कल्चर और के-पॉप से बेहद ज्यादा प्रभावित थीं और खुद को भारतीय से ज्यादा कोरियन मानने लगी थीं.

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डायरी में बच्चियों ने लिखा कि वे कोरियन कल्चर को अपनी जान मानती थीं और बार-बार यह दोहराया कि कोरियन और के-पॉप उनके लिए सब कुछ था.

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उन्होंने यह भी लिखा कि परिवार को यह समझ नहीं आया कि वे कोरियन एक्टर और के-पॉप ग्रुप्स से कितना गहरा जुड़ाव रखती थीं. यहां तक कि परिवार से ज्यादा लगाव उन्होंने इन्हीं से बताया.

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डायरी में छोटे भाई देवू का भी जिक्र है. बच्चियों ने लिखा कि वे उसे भी अपने जैसा बनाना चाहती थीं लेकिन परिवार ने इसकी इजाजत नहीं दी.

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बच्चियों के अनुसार, जब मां देवू को कोरियन के बजाय पढ़ाई और बॉलीवुड की ओर ले जाती थीं तो उन्हें यह बुरा लगता था. इसी वजह से उन्होंने भाई को अपना दुश्मन मान लिया था. बच्चियों ने डायरी में लिखा कि "हम क्या तुम्हारी मार खाने के लिये जिए. इससे तो बढ़िया हमें मौत ही अच्छी लगेगी".

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डायरी में शादी को लेकर भी गहरा तनाव झलकता है. बच्चियों ने लिखा कि उन्हें शादी के नाम से डर और तनाव होता था, क्योंकि उनका लगाव कोरियन कल्चर से था, जबकि शादी भारतीय समाज में होनी थी. उन्होंने लिखा कि "हम पसंद और प्यार कोरियन से करते थे और शादी इंडिया के आदमी से, इसलिए हमने सुसाइड कर ली. सॉरी पापा".

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घटना की रात पिता ने बताया कि रात करीब 12 बजे उन्होंने तीनों के मोबाइल फोन ले लिए थे, लेकिन कुछ देर बाद बच्चियों के कहने पर वापस दे दिए गए. रात 1 बजे मां ने फिर से फोन ले लिए, जिसके बाद तीनों ने कमरे का दरवाजा अंदर से बंद कर लिया. काफी देर तक कोई आवाज न आने पर पुलिस को बुलाया गया. जब दरवाजा तोड़ा गया तो नीचे देखने पर पहले एक बच्ची दिखाई दी लेकिन जब नीचे जाकर देखा गया तो तीनों बेटी नीचे पड़ी हुई थीं और तीनो की ही मौत हो चुकी थी.











