नीट परीक्षा को लेकर देशभर के युवाओं का गुस्सा शांत होने का नाम नहीं ले रहा है. सड़कों पर उतरकर प्रदर्शन कर रहे छात्रों के आक्रोश के बीच कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) और सरकार के बीच एक बैठक हुई है. दिल्ली में हुई इस बैठक में सरकार की तरफ से केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा और केंद्रीय राज्य मंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह शामिल हुए.
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इस बैठक के बाद कॉकरोच जनता पार्टी के प्रवक्ता आशुतोष रंका ने साफ कर दिया है कि युवाओं का सेंटिमेंट बिल्कुल क्लियर है- शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान को इस्तीफा देना होगा या सरकार उन्हें बर्खास्त करे. रंका का कहना है कि इसके बिना देश के छात्र मानने वाले नहीं हैं.
किन मांगों पर बनी सहमति?
आशुतोष रंका के मुताबिक, सरकार के साथ हुई इस बातचीत में कुछ सकारात्मक हिंट भी मिले हैं. सरकार ने पार्टी की दो प्रमुख मांगों पर सैद्धांतिक मंजूरी दे दी है-
- पीड़ित परिवारों को मुआवजा: आत्महत्या करने वाले नीट अभ्यर्थियों के परिवारों को वित्तीय सहायता देना.
- केस वापस लेना: आंदोलन के दौरान छात्रों पर दर्ज की गई सभी FIR और कानूनी मामलों को तुरंत रद्द करना.
धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे पर फंसा पेंच
मुआवजे और केसों की वापसी पर सहमति बनने के बावजूद, मुख्य विवाद धर्मेंद्र प्रधान की कुर्सी पर ही अटका हुआ है. आशुतोष रंका ने मीडिया को बताया कि शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग पर सरकार ने थोड़ा समय मांगा है.
सरकार ने धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे के मुद्दे पर जवाब देने के लिए कल दोपहर तक का वक्त मांगा है. कल दोपहर हमारी सरकार के साथ फिर से मुलाकात होगी.
जेपी नड्डा बोले- 'कल दोपहर फिर होगी बात'
बैठक के बाद केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा ने मीडिया को बताया कि बातचीत बेहद सौहार्दपूर्ण माहौल में हुई है और सरकार हर पहलू को गंभीरता से समझ रही है. सरकार का कहना है कि उन्होंने आंदोलनकारियों की सभी बातों और सुझावों को ध्यानपूर्वक सुन लिया है. अब सरकार आपस में इन बिंदुओं पर आंतरिक चर्चा करेगी.
हमने उनकी बातें सुनी हैं. बातचीत सौहार्दपूर्ण माहौल में हुई. हमने उन्हें कहा है कि हम कल दोपहर बाद फिर से मिलेंगे और सरकार के अंदर हुई चर्चा के नतीजों से उन्हें अवगत कराएंगे.
'मांग नहीं मानी तो होगा बड़ा राष्ट्रीय आंदोलन'
कॉकरोच जनता पार्टी ने सरकार को चेतावनी दी है कि छात्रों का गुस्सा अब केवल दिल्ली तक सीमित नहीं है, बल्कि पूरे देश में फैल चुका है. अगर कल दोपहर तक धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे या बर्खास्तगी पर सरकार कोई ठोस फैसला नहीं लेती है तो पार्टी जल्द ही एक और बड़ा 'नेशनल कॉल' करेगी. अब देखना यह होगा कि कल दोपहर की बैठक में सरकार क्या रुख अपनाती है.
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