जंतर-मंतर पर छात्रों के प्रदर्शन के बीच PM मोदी का बड़ा ऐलान, पेपर लीक मामलों के लिए बनेंगे फास्ट ट्रैक कोर्ट

यूपी तक

• 09:30 AM • 23 Jul 2026

PM Modi paper leak statement: दिल्ली के जंतर-मंतर पर छात्रों के प्रदर्शन के बीच प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पेपर लीक मामलों पर बड़ा ऐलान किया है. पीएम ने कहा कि दोषियों को जल्द सजा दिलाने के लिए फास्ट ट्रैक कोर्ट बनाए जाएंगे.

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PM Modi paper leak statement: दिल्ली के जंतर-मंतर पर परीक्षाओं में गड़बड़ियों और NEET-UG 2026 पेपर लीक को लेकर युवाओं का प्रदर्शन पिछले डेढ़ महीने से लगातार जारी है. इसी बीच प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पेपर लीक मामलों पर सोशल मीडिया हैंडल X पर पोस्ट किया है. पीएम मोदी ने बड़ा बयान देते हुए कहा कि देश के युवाओं का हित और उनका भविष्य सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है. उन्होंने घोषणा की कि पेपर लीक से जुड़े मामलों की जल्द सुनवाई के लिए फास्ट ट्रैक कोर्ट का गठन किया जाएगा, ताकि दोषियों को शीघ्र और कठोर सजा मिल सके.

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प्रधानमंत्री ने कहा कि पेपर लीक के सभी मामलों में दोषियों को जल्द से जल्द कठोर दंड दिलाने के लिए संबंधित विभागों को आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दे दिए गए हैं. उन्होंने कहा कि विद्यार्थियों के हितों की रक्षा के लिए सरकार लगातार फैसले ले रही है और यह उसी दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है. प्रधानमंत्री ने दोहराया कि युवाओं के भविष्य के साथ खिलवाड़ करने वाले किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा.

कब हुआ था NEET-UG 2026 का पहला पेपर?

NEET-UG 2026 की परीक्षा 3 मई 2026 को आयोजित हुई थी. परीक्षा के बाद प्रश्नपत्र लीक होने के आरोप सामने आए. सरकार ने पेपर रद्द कर दिया. केंद्र सरकार की शिकायत पर 12 मई को CBI ने मामला दर्ज किया और जांच शुरू हुई. 15 मई को CBI ने मामले में कथित मास्टरमाइंड समेत कई आरोपियों की गिरफ्तारी की जानकारी दी.

दोबारा हुई परीक्षा?

पेपर लीक विवाद के बाद NEET-UG 2026 की दोबारा परीक्षा कराई गई, जिसका रिज्लट सामने आ चुका है. इसी दोबारा परीक्षा और उससे जुड़े विवादों के बाद छात्रों का आंदोलन और तेज हो गया, जिसने बाद में राष्ट्रीय स्तर का स्वरूप ले लिया.

CJP ने अब तक क्या-क्या किया?

NEET-UG विवाद के बाद 'कॉकरोच जनता पार्टी (CJP)' के बैनर तले छात्रों और युवाओं ने कई चरणों में आंदोलन किया. शुरुआत परीक्षा रद्द करने, निष्पक्ष जांच और शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग से हुई. इसके बाद जंतर-मंतर पर लगातार धरना शुरू हुआ. संगठन ने 20 जुलाई को 'संसद चलो' मार्च का भी आह्वान किया, जिसमें बड़ी संख्या में छात्र और समर्थक शामिल हुए. इस दौरान दिल्ली में पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच झड़पें भी हुईं. आंदोलन के दौरान केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग प्रमुख मुद्दा बन गई. हाल के दिनों में विभिन्न विपक्षी दलों के नेता भी इस आंदोलन के समर्थन में जंतर-मंतर पहुंचे है. फिलहाल यह मामला थमने का नाम नहीं ले रहा है. ऐसे में प्रधानमंत्री के इस आश्वासन से आंदलोनकरी संतुहस्त होंगे या नहीं ये देखना दिलचस्प रहेगा.