कौन थे सपा विधायक आलम बदी? 90 साल की उम्र में निधन, स्कूटर की पिछली सीट से विधानसभा पहुंचने वाले नेता की कहानी

राजीव कुमार

• 08:59 AM • 23 Jul 2026

समाजवादी पार्टी के पांच बार विधायक और निजामाबाद से लोकप्रिय नेता आलम बदी आजमी का 90 साल की उम्र में निधन हो गया. जानिए इंजीनियर से नेता बने आलम बदी का राजनीतिक सफर, उनकी सादगी, स्कूटर वाली तस्वीर और जनता के बीच उनकी खास पहचान.

कौन थे आलम बदी आजमी?

कौन थे आलम बदी आजमी?

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समाजवादी पार्टी के वरिष्ठ नेता और आजमगढ़ की निजामाबाद विधानसभा सीट से पांच बार विधायक रहे आलम बदी आजमी अब इस दुनिया में नहीं रहे. करीब 90 वर्ष की उम्र में लंबी बीमारी के बाद उनका निधन हो गया. उनके निधन की जानकारी समाजवादी पार्टी ने सार्वजनिक की, जिसके बाद पूर्वांचल की राजनीति में शोक की लहर दौड़ गई. आलम बदी उन नेताओं में गिने जाते थे, जिनकी पहचान सादगी, साफ-सुथरी राजनीति और जनता के बीच सहज मौजूदगी से थी. राजनीति में कई दशक बिताने के बावजूद उनकी जीवनशैली हमेशा चर्चा में रही.

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इंजीनियरिंग छोड़ चुनी राजनीति की राह

16 मार्च 1936 को आजमगढ़ के विन्दवल गांव में जन्मे आलम बदी आजमी ने इंटरमीडिएट के बाद इलेक्ट्रिकल और मैकेनिकल इंजीनियरिंग में डिप्लोमा किया था. इंजीनियरिंग की पढ़ाई पूरी करने के बाद उन्होंने नौकरी करने के बजाय सार्वजनिक जीवन का रास्ता चुना और पूरी तरह राजनीति में सक्रिय हो गए. राष्ट्रीय एकता, गरीबों की मदद और सामाजिक कार्य उनके प्रमुख सरोकार रहे.

1996 से शुरू हुआ विधानसभा का सफर

आलम बदी पहली बार वर्ष 1996 में निजामाबाद विधानसभा सीट से विधायक चुने गए. इसके बाद 2002, 2012, 2017 और 2022 में भी उन्होंने इसी सीट से जीत दर्ज की. वर्ष 2007 में उन्हें हार का सामना करना पड़ा, लेकिन उन्होंने वापसी करते हुए लगातार तीन चुनाव जीतकर अपने जनाधार को फिर मजबूत किया. उत्तर प्रदेश विधानसभा की कई समितियों में भी उन्होंने सदस्य के रूप में जिम्मेदारियां निभाईं.

स्कूटर की पिछली सीट वाली तस्वीर से देशभर में हुए थे चर्चित

करीब 90 वर्ष की उम्र में भी आलम बदी सक्रिय राजनीति में लगातार बने रहे. कुछ महीने पहले बजट सत्र के दौरान वह स्कूटर की पिछली सीट पर बैठकर विधानसभा पहुंचे थे. उनकी यह तस्वीर सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हुई थी और लोगों ने उनकी सादगी की जमकर सराहना की थी. बिना तामझाम के आम जनप्रतिनिधि की उनकी छवि ने उन्हें अलग पहचान दिलाई.

सादगी ही रही सबसे बड़ी पहचान

आलम बदी आजमी को कम संपत्ति वाले विधायकों में गिना जाता था. उनके खिलाफ किसी भी तरह का आपराधिक मामला दर्ज नहीं था. क्षेत्र में विकास कार्यों का निरीक्षण करने के लिए वह अक्सर जमीन पर बैठकर अधिकारियों से जवाब मांगते थे. सड़क, शिक्षा, स्वास्थ्य और बुनियादी सुविधाओं के मुद्दों को उन्होंने लगातार विधानसभा में उठाया. क्षेत्र के लोगों के बीच वह ऐसे नेता के रूप में जाने जाते थे, जो बिना किसी दिखावे के सीधे जनता के बीच पहुंचते थे.

समाजवादी पार्टी ने जताया शोक

समाजवादी पार्टी ने सोशल मीडिया पर उनके निधन पर शोक व्यक्त करते हुए कहा कि वरिष्ठ नेता एवं निजामाबाद के लोकप्रिय विधायक आलम बदी साहब का इंतकाल बेहद दुखद है. पार्टी ने दिवंगत आत्मा की शांति और शोकाकुल परिवार को इस दुख को सहने की शक्ति देने की प्रार्थना की. उनके निधन पर विभिन्न राजनीतिक दलों और सामाजिक संगठनों ने भी श्रद्धांजलि अर्पित की. उनकी सादगी, ईमानदारी और जनसेवा की राजनीति लंबे समय तक याद की जाएगी.