अक्टूबर में क्या करने वाले हैं अखिलेश यादव? 2 से 5 करोड़ में बनकर तैयार हुई ये चकाचक चीज!

यूपी तक

• 10:27 AM • 18 Sep 2026

उत्तर प्रदेश में 2027 विधानसभा चुनाव से पहले समाजवादी पार्टी ने अपनी तैयारियां तेज कर दी हैं. अखिलेश यादव की प्रस्तावित ‘समाजवादी PDA यात्रा’ के लिए तैयार की गई हाईटेक बस लखनऊ स्थित सपा मुख्यालय पहुंच गई है.

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उत्तर प्रदेश में 2027 विधानसभा चुनाव से पहले समाजवादी पार्टी ने अपनी चुनावी तैयारियां तेज कर दी हैं. अखिलेश यादव की 'समाजवादी PDA यात्रा' के लिए तैयार की गई खास बस बुधवार को लखनऊ स्थित SP मुख्यालय पहुंच गई. उम्मीद है कि अखिलेश यादव अक्टूबर के आखिरी हफ्ते में इस अभियान की शुरुआत कर सकते हैं.

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यात्रा का फोकस समाजवादी पार्टी के PDA यानी पिछड़ा, दलित और अल्पसंख्यक फॉर्मूले पर रहेगा. जिस बस से अखिलेश यादव प्रदेश के अलग-अलग हिस्सों में जाएंगे, उस पर PDA से जुड़े संदेशों के साथ अखिलेश यादव, मुलायम सिंह यादव, डॉ. भीमराव अंबेडकर, राम मनोहर लोहिया और जनेश्वर मिश्र समेत कई नेताओं की तस्वीरें लगाई गई हैं.

रथ पहुंचा, लेकिन तारीख और रूट अभी तय नहीं

सपा ने अभी PDA यात्रा की तारीख, रास्ता और पूरा कार्यक्रम तय नहीं किया है. हालांकि, रिपोर्टों के मुताबिक यात्रा अक्टूबर के आखिरी हफ्ते में शुरू हो सकती है. एक रिपोर्ट में कहा गया है कि यात्रा दशहरा के बाद शुरू होने की संभावना है.

जिस बस को 'PDA रथ' के तौर पर तैयार किया गया है, वह करीब 15 मीटर लंबी मल्टी-एक्सल बस है. इसमें बुलेटप्रूफ ग्लास और भीड़ को संबोधित करने के लिए छत तक पहुंचने वाली हाइड्रोलिक लिफ्ट लगाई गई है. 

बस में क्या-क्या है?

बस में छह लोगों तक के लिए मीटिंग की जगह, सोफा-कम-बेड वाला लिविंग एरिया, किचन और पैंट्री, वॉशरूम, CCTV कैमरे, बाहर LED स्क्रीन, Wi-Fi और एयर कंडीशनिंग जैसी सुविधाएं हैं.

बस को करीब 2 से 5 करोड़ रुपये की अनुमानित लागत से नया रूप दिया गया है. बुधवार को लाल रंग की बस नए डिजाइन के साथ सपा मुख्यालय पहुंची. इसके किनारों पर बड़े अक्षरों में 'समाजवादी PDA यात्रा' लिखा है.

बस की बाईं तरफ अखिलेश यादव की तस्वीर के साथ लिखा है- 'सामाजिक न्याय का परचम लहराएगा, PDA ही परिवर्तन लाएगा'. वहीं, दाईं तरफ सपा संस्थापक मुलायम सिंह यादव की तस्वीर के साथ संदेश लिखा है- 'PDA सामाजिक आंदोलन है, सामाजिक न्याय का संघर्ष है'.

इसके अलावा बस पर 'समाजवादी PDA यात्रा' के नीचे पिछड़ा, दलित और अल्पसंख्यक भी लिखा गया है. डॉ. भीमराव अंबेडकर, जनेश्वर मिश्र, राम मनोहर लोहिया और बेनी प्रसाद वर्मा की तस्वीरें भी बस पर दिखाई दे रही हैं.

जिस बस से पुराना नाता, उसी से फिर यात्रा

इस बस का अखिलेश यादव के चुनावी अभियानों से पुराना कनेक्शन भी है. रिपोर्ट के मुताबिक, अखिलेश यादव ने 2016-17 और 2021 में भी इसी बस का इस्तेमाल किया था. अब 2027 के विधानसभा चुनाव से पहले इसे फिर से PDA अभियान का हिस्सा बनाया गया है.

2024 में PDA के साथ सपा का प्रदर्शन

समाजवादी पार्टी के PDA फॉर्मूले की चर्चा 2024 के लोकसभा चुनाव के बाद और बढ़ी. उत्तर प्रदेश की 80 लोकसभा सीटों में सपा ने 37 सीटें जीतीं, जबकि भाजपा को 33 सीटें मिलीं. कांग्रेस ने छह सीटें जीतीं.

2024 के चुनाव में SP-कांग्रेस गठबंधन 403 विधानसभा क्षेत्रों में से 224 में आगे था. आंकड़ों के मुताबिक भाजपा को करीब 3.83 करोड़ और सपा को करीब 3.81 करोड़ वोट मिले. 2022 के विधानसभा चुनाव में भाजपा का वोट शेयर 41.3% और सपा का 32.1% था.

सपा ने 2024 में अपने पारंपरिक मुस्लिम-यादव आधार के साथ कुर्मी, पाल और दलित मतदाताओं तक पहुंच बढ़ाने की कोशिश की. बाद में पार्टी नेतृत्व ने PDA में 'A' का मतलब 'आधी आबादी' यानी महिलाएं भी बताया.

अब 2027 से पहले PDA पर जोर

2024 के लोकसभा चुनाव के बाद सपा ने PDA से जुड़े कार्यक्रमों को आगे बढ़ाया है. सितंबर में पार्टी ने सुरक्षित विधानसभा सीटों पर 'संविधान बचाओ PDA जन पंचायत' कराने की योजना भी सामने रखी थी.

अब PDA यात्रा के लिए रथ तैयार होने के साथ अखिलेश यादव का राज्यव्यापी अभियान भी चर्चा में है. हालांकि, यात्रा कब शुरू होगी और किन-किन रास्तों से गुजरेगी, इसका आधिकारिक कार्यक्रम अभी सामने नहीं आया है.