NEET Paper Leak: सड़क पर हाथ में हाथ डाले चलने वाले सहयोगी जब सदन में एक-दूसरे पर तंज कसने लगें तो राजनीति का तापमान बढ़ना लाजमी है. नीट पेपर लीक मामले को लेकर केंद्र सरकार के खिलाफ मोर्चा खोलने वाली 'इंडिया' गठबंधन की दो प्रमुख धुरंधर- कांग्रेस और समाजवादी पार्टी के बीच सदन में क राय नहीं दिख रही है.
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बाहर भले ही दोनों पार्टियां एक सुर में आवाज उठाती दिख रही हों, लेकिन लोकसभा के भीतर कहानी बिल्कुल अलग नजर आई. नीट मुद्दे पर चल रहे घमासान के बीच सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव और कांग्रेस संगठन महासचिव केसी वेणुगोपाल के बीच हुई तीखी नोकझोंक ने यह सवाल खड़ा कर दिया है कि क्या विपक्षी एकता में सब कुछ ठीक है?
सदन में हंगामा और अखिलेश का तीखा तंज
दोपहर 12 बजे जैसे ही लोकसभा की कार्यवाही शुरू हुई, विपक्षी सांसदों का भारी हंगामा जारी था. सपा प्रमुख अखिलेश यादव अपनी बात रखना चाहते थे, लेकिन स्पीकर ने पहले कांग्रेस सांसद केसी वेणुगोपाल और फिर संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू को बोलने का मौका दे दिया.
इससे नाराज होकर अखिलेश यादव अपना हेडफोन उतारकर सांसद साथियों के साथ बाहर जाने के लिए मुड़ने लगे. जब स्पीकर ने उन्हें टोकते हुए बोलने को कहा तो अखिलेश ने चुटकी लेते हुए कहा,
"क्या बोलें? आपने दोनों (सरकार और कांग्रेस) को बोलने का मौका दे दिया. क्या समझौता हो गया है?"
दरअसल कुछ ही देर पहले अखिलेश यादव ने दावा किया था कि कांग्रेस और बीजेपी के बीच डील हुई है. अखिलेश इतने पर ही नहीं रुके. उन्होंने छात्रों पर हुई बर्बरता का मुद्दा उठाते हुए कहा कि छात्राओं के कपड़े तक फाड़े जा रहे हैं और इस पर कड़ी कार्रवाई होनी चाहिए. जब वेणुगोपाल ने उन्हें बीच में टोका तो सपा प्रमुख ने तल्ख लहजे में कहा कि "इस्तीफे का क्या है? जब चाहेंगे तब ले लेंगे, सदन के बाहर से भी ले लेंगे."
कार्यवाही स्थगित होने के बाद भी बढ़ा तनाव
सूत्रों के मुताबिक, सदन स्थगित होने के बाद भी दोनों नेताओं के बीच तनातनी खत्म नहीं हुई. वेणुगोपाल ने अखिलेश से सवाल किया कि उन्होंने शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग पर जोर क्यों नहीं दिया, क्योंकि यह तो देश के छात्रों की सीधी मांग है.
इस पर ने आगे कहा कि यह तो छात्रों की मांग है जो हम यहां उठा रहे हैं. उन्होंने पूछा कि कांग्रेस के शीर्ष नेता अन्य विपक्षी सहयोगियों को बिना भरोसे में लिए अचानक पीएम आवास के बाहर धरने पर क्यों चले गए?
जंतर-मंतर की दूरी और बढ़ता फासला
दोनों दलों के बीच यह खींचतान सिर्फ संसद तक सीमित नहीं है. समाजवादी पार्टी लगातार जंतर-मंतर पर 'सीजेपी' (CJP) के छात्रों के विरोध प्रदर्शन का समर्थन कर रही है. वहीं दूसरी तरफ, कांग्रेस ने इस मंच से कहीं न कहीं अभी तक दूरी बना रखी है.
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