दिल्ली में अखिलेश यादव को हिरासत में लिया गया तो यूपी में भड़के सपा कार्यकर्ता, मैनपुरी की सड़कों पर देर रात मचा बवाल

यूपी तक

• 10:13 AM • 22 Jul 2026

दिल्ली के जंतर-मंतर पर छात्रों के प्रदर्शन के दौरान अखिलेश यादव समेत अन्य नेताओं को हिरासत में लिए जाने के विरोध में 21 जुलाई की रात यूपी के कई जिलों में सपा कार्यकर्ता सड़क पर उतर आए. मैनपुरी में भी कार्यकर्ताओं ने धरना-प्रदर्शन कर अखिलेश यादव की रिहाई की मांग उठाई.

Samajwadi Party Protest UP

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Samajwadi Party Protest UP: दिल्ली के जंतर-मंतर पर छात्रों के प्रदर्शन के दौरान हुई पुलिस कार्रवाई और समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव समेत अन्य नेताओं को हिरासत में लिए जाने के विरोध में कल यानि 21 जुलाई की रात उत्तर प्रदेश के कई जिलों में समाजवादी पार्टी के कार्यकर्ता सड़क पर उतर आए. बता दें मैनपुरी में बड़ी संख्या में नेताओं और कार्यकर्ताओं ने ईसन नदी गोल चक्कर पर धरना-प्रदर्शन कर केंद्र सरकार के खिलाफ नारेबाजी की और अखिलेश यादव की रिहाई की मांग उठाई. देर रात हुए इस प्रदर्शन के दौरान मौके पर पुलिस बल भी तैनात किया गया.

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ईसन नदी गोल चक्कर पर जुटे सपा कार्यकर्ता

मंगलवार देर रात मैनपुरी शहर का ईसन नदी गोल चक्कर समाजवादी पार्टी के विरोध प्रदर्शन का केंद्र बन गया. सपा के जिला अध्यक्ष आलोक शाक्य और किशनी विधायक बृजेश कठेरिया के नेतृत्व में पार्टी के पदाधिकारी, लोहिया वाहिनी, महिला सभा और छात्र सभा के सैकड़ों कार्यकर्ता सड़क पर बैठ गए. कार्यकर्ताओं ने हाथों में पार्टी का झंडा और सिर पर लाल टोपी पहनकर केंद्र सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की. अचानक हुए इस प्रदर्शन के चलते जिला प्रशासन सतर्क हो गया और मौके पर अतिरिक्त पुलिस बल तैनात कर दिया गया.

जंतर-मंतर की कार्रवाई को लेकर जताया विरोध

धरने के दौरान सपा नेताओं ने आरोप लगाया कि दिल्ली के जंतर-मंतर पर कई दिनों से देशभर के छात्र अपनी मांगों को लेकर शांतिपूर्ण प्रदर्शन कर रहे थे, लेकिन पुलिस ने उन पर बल प्रयोग किया. नेताओं का कहना था कि छात्रों का समर्थन करने पहुंचे समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव, सांसद डिंपल यादव और अन्य विपक्षी नेताओं को भी हिरासत में लिया गया. प्रदर्शनकारियों ने इसे लोकतांत्रिक अधिकारों पर हमला बताते हुए केंद्र सरकार की कार्रवाई का विरोध किया.

शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की उठाई मांग

प्रदर्शन के दौरान कार्यकर्ताओं ने केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग भी की. उनका कहना था कि छात्रों की आवाज को दबाने की कोशिश की जा रही है और विपक्षी नेताओं को हिरासत में लेकर लोकतांत्रिक परंपराओं का उल्लंघन किया गया है. प्रदर्शनकारियों ने कहा कि छात्रों की मांगों पर बातचीत करने के बजाय बल प्रयोग करना उचित नहीं है. वहीं सपा जिला अध्यक्ष आलोक शाक्य ने कहा, 'समाजवादी पार्टी दिल्ली पुलिस की कार्रवाई की कड़ी निंदा करती है. जब तक राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव को रिहा नहीं किया जाता, तब तक समाजवादी पार्टी का विरोध प्रदर्शन जारी रहेगा.' उन्होंने कहा कि पार्टी लोकतांत्रिक तरीके से छात्रों और विपक्ष की आवाज उठाती रहेगी और इस मुद्दे को लेकर आगे भी आंदोलन जारी रहेगा.

सरकार पर लगाए गंभीर आरोप

लोहिया वाहिनी के जिला अध्यक्ष रावल सिंह यादव ने कहा, 'देश में छात्र, किसान और व्यापारी सरकार की नीतियों से परेशान हैं. आने वाले समय में बड़ा जनआंदोलन खड़ा होगा.' उन्होंने आरोप लगाया कि जनता की आवाज को दबाने की कोशिश की जा रही है. यूपी तक के अनुसार, देर रात तक चले इस प्रदर्शन के दौरान कार्यकर्ता धरने पर डटे रहे, जबकि पुलिस पूरे घटनाक्रम पर नजर बनाए रही.