UP News: समाजवादी पार्टी के वरिष्ठ नेता और आजमगढ़ की निजामाबाद विधानसभा सीट से पांच बार विधायक रहे आलम बदी के 90 वर्ष की उम्र में निधन पर राजनीतिक जगत में शोक की लहर है. समाजवादी पार्टी प्रमुख अखिलेश यादव, उत्तर प्रदेश विधानसभा अध्यक्ष सतीश महाना, सपा विधायक रागिनी सोनकर और सपा सांसद आनंद भदौरिया समेत कई नेताओं ने उनके निधन पर गहरा दुख जताया और श्रद्धांजलि अर्पित की.
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अखिलेश यादव ने क्या कहा?
समाजवादी पार्टी अध्यक्ष अखिलेश यादव ने एक्स पर शोक व्यक्त करते हुए कहा,
"समाजवादी पार्टी के वरिष्ठ नेता एवं आज़मगढ़ की निज़ामाबाद विधानसभा से लोकप्रिय विधायक जनाब आलम बदी साहब का इंतकाल, अत्यंत दुखद! दिवंगत आत्मा को शांति दें भगवान. शोकाकुल परिजनों को यह असीम दुःख सहने का संबल प्राप्त हो. भावभीनी श्रद्धांजलि!"
विधानसभा अध्यक्ष सतीश महाना ने जताया शोक
यूपी विधानसभा के आधिकारिक X हैंडल से जारी पोस्ट में विधानसभा अध्यक्ष सतीश महाना ने कहा,
"उत्तर प्रदेश विधानसभा के माननीय अध्यक्ष श्री सतीश महाना जी ने आजमगढ़ जनपद की निजामाबाद विधानसभा क्षेत्र के 90 वर्षीय वयोवृद्ध विधायक श्री आलम बदी जी के निधन पर गहरा शोक व्यक्त किया है.
माननीय अध्यक्ष श्री महाना ने अपने शोक संदेश में कहा कि श्री आलम बदी जी का निधन प्रदेश की राजनीति एवं सार्वजनिक जीवन के लिए अपूरणीय क्षति है.
उन्होंने अपने लंबे सार्वजनिक जीवन में जनसेवा, लोकतांत्रिक मूल्यों तथा सामाजिक सरोकारों के प्रति उल्लेखनीय योगदान दिया. उनका सादगीपूर्ण व्यक्तित्व और जनकल्याण के प्रति समर्पण सदैव स्मरणीय रहेगा.
माननीय अध्यक्ष जी ने दिवंगत पुण्यात्मा को भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए ईश्वर से प्रार्थना की कि वे उन्हें अपने श्रीचरणों में स्थान दें तथा शोकाकुल परिजनों, समर्थकों एवं उनके असंख्य शुभचिंतकों को इस असीम दुःख को सहन करने की शक्ति प्रदान करें."
रागिनी सोनकर और आनंद भदौरिया ने भी दी श्रद्धांजलि
सपा विधायक रागिनी सोनकर ने कहा,
"वरिष्ठ समाजवादी नेता व निजामाबाद विधानसभा से कई बार के विधायक श्री आलम बदी साहब के निधन का समाचार बहुत ही दुःखद है. ईश्वर दिवंगत की आत्मा को शांति प्रदान करें और शोक संतप्त परिजनों को इस असीम दुःख को सहन करने की शक्ति प्रदान करें."
वहीं सपा सांसद आनंद भदौरिया ने कहा,
"पार्टी के वरिष्ठ नेता, विधायक श्रद्धेय आलम बदी साहब का निधन हम सभी समाजवादियों के लिए अपूर्ण क्षति है, हमने आज एक सच्चा समाजवादी, गांधीवादी नेता खो दिया. ऊपर वाला उन्हें जन्नत अता फ़रमाए. विनम्र श्रद्धांजलि."
कौन थे आलम बदी?
आलम बदी आजमी आजमगढ़ की राजनीति का एक सादगीपूर्ण और सम्मानित चेहरा माने जाते थे. वे समाजवादी पार्टी के टिकट पर निजामाबाद विधानसभा सीट से पांच बार विधायक चुने गए. उन्होंने पहली बार वर्ष 1996 में चुनाव जीता. इसके बाद 2002, 2012, 2017 और 2022 में भी उन्होंने इसी सीट का प्रतिनिधित्व किया. वर्ष 2007 में उन्हें हार का सामना करना पड़ा था, लेकिन बाद में लगातार तीन चुनाव जीतकर उन्होंने अपना जनाधार फिर मजबूत किया.
करीब 90 वर्ष की उम्र में भी उनकी सक्रियता चर्चा का विषय रहती थी. कुछ महीने पहले बजट सत्र के दौरान वे स्कूटर की पिछली सीट पर बैठकर उत्तर प्रदेश विधानसभा पहुंचे थे. उनकी यह तस्वीर सोशल मीडिया पर काफी वायरल हुई थी और उनकी सादगी की खूब सराहना हुई थी.
मैकेनिकल इंजीनियरिंग की पढ़ाई करने वाले आलम बदी आजमी ने नौकरी छोड़ राजनीति को अपना जीवन समर्पित किया. उनके खिलाफ किसी भी प्रकार का आपराधिक मुकदमा दर्ज नहीं था और वे प्रदेश के कम संपत्ति वाले विधायकों में गिने जाते थे. अधिकारियों के साथ सीधे संवाद करना और जमीन पर बैठकर विकास कार्यों का निरीक्षण करना उनकी कार्यशैली का हिस्सा था.
निजामाबाद विधानसभा क्षेत्र में सड़क, शिक्षा, स्वास्थ्य और बुनियादी सुविधाओं के मुद्दों को उन्होंने लगातार उठाया. क्षेत्र के लोग उन्हें ऐसे जनप्रतिनिधि के रूप में याद करते हैं जो बिना तामझाम के आम लोगों के बीच पहुंचते थे और उनकी समस्याएं सुनते थे. उनके निधन को सिर्फ समाजवादी पार्टी ही नहीं, बल्कि आजमगढ़ और पूर्वांचल की राजनीति के लिए भी बड़ी क्षति माना जा रहा है.
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