'मंत्री खुद स्वीकार कर रहे थे...' अखिलेश यादव ने किया बड़ा दावा, बोले- केंद्र और यूपी में चल रहा है कॉम्पटीशन

आयशा शेख़

• 04:38 PM • 23 Jul 2026

नीट पेपर लीक विवाद पर समाजवादी पार्टी प्रमुख अखिलेश यादव ने केंद्र और उत्तर प्रदेश सरकार पर तीखा हमला बोला. उन्होंने आरोप लगाया कि बार-बार होने वाले पेपर लीक से लाखों छात्रों के भविष्य के साथ खिलवाड़ हो रहा है.

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NEET Paper Leak: नीट परीक्षा विवाद को लेकर सियासत चरम पर है. समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने केंद्र और उत्तर प्रदेश की सरकार पर करारा हमला बोला है. उन्होंने आरोप लगाया कि पेपर लीक की वजह से लाखों छात्रों के भविष्य के साथ खिलवाड़ किया जा रहा है.

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अखिलेश यादव ने दावा किया कि सरकार में मंत्री खुद स्वीकार कर रहे थे कि परीक्षा में गड़बड़ी हुई, जिसके कारण नीट की परीक्षा दोबारा करानी पड़ी. उन्होंने इसे प्रशासनिक नाकामी करार देते हुए शिक्षा व्यवस्था और युवाओं के रोजगार पर गंभीर सवाल खड़े किए.

'कौन ज्यादा पेपर लीक कराएगा... केंद्र और यूपी में चल रहा है कॉम्पटीशन'

प्रेस वार्ता के दौरान सपा प्रमुख अखिलेश यादव ने केंद्र और राज्य सरकार पर तीखा हमला बोलते हुए कहा, 

"पेपर लीक कोई पहली बार नहीं हुआ है. भारत सरकार और यूपी सरकार में कंपटीशन चल रहा है कि कौन ज्यादा पेपर लीक कराएगा! अगर भारत सरकार पेपर लीक कराती है, तो यूपी सरकार भी पेपर लीक कराती है. सोचिए, अपने आप को 'डबल इंजन की सरकार' कहते हैं और वहां लगातार पेपर लीक हो रहे हैं."

नौकरी और आरक्षण छीनने की साजिश का आरोप

अखिलेश यादव ने आगे कहा कि ये पेपर लीक संयोग नहीं, बल्कि प्रयोग हैं. उन्होंने आरोप लगाया कि यह सब जानबूझकर कराया जा रहा है ताकि युवाओं को नौकरी न देनी पड़े और आरक्षण का हक न देना पड़े.

उन्होंने स्पष्ट किया कि जब तक इस मामले में जवाबदेही तय नहीं होती और जिम्मेदार मंत्री इस्तीफा नहीं देते, तब तक उनकी पार्टी चुप नहीं बैठेगी.

जब तक मंत्री इस्तीफा नहीं देंगे तब तक हम लोग सदन में आवाज उठाते रहेंगे और जिन बच्चों की जान गई है उनके परिवारों की जो मांगे हैं, वो मानी जाएं.

 

 

- अखिलेश यादव, राष्ट्रीय अध्यक्ष, समाजवादी पार्टी

युवाओं का गुस्सा और उठते सवाल

जब-जब कोई पेपर लीक होता है, तो उसका सीधा असर सालों से दिन-रात मेहनत कर रहे युवाओं और उनके परिवारों के सपनों पर पड़ता है. अब देखना यह होगा कि विपक्ष के इस तीखे हमले और सदन में हंगामे के अल्टीमेटम के बाद सरकार इस मुद्दे पर क्या रुख अपनाती है और पीड़ित परिवारों को न्याय कैसे मिलता है.