सोनम वांगचुक से मिलने पहुंचीं सपा सांसद प्रिया सरोज अस्पताल के सामने पुलिस से भिड़ गईं, बोलीं-'हमें कोई नहीं रोक सकता'

शिवानी गोस्वामी

• 02:14 PM • 23 Jul 2026

Delhi Student Protest: सोनम वांगचुक के अनशन के बीच मेदांता अस्पताल पहुंचे सपा और आप नेताओं को पुलिस ने मिलने से रोक दिया. सपा सांसद प्रिया सरोज की पुलिस से तीखी बहस का वीडियो वायरल है. जबकि वांगचुक की बिगड़ती सेहत पर राजनीति तेज हो गई.

Priya Saroj

Priya Saroj

Google CTA

Delhi Student Protest: सोनम वांगचुक के अनिश्चितकालीन अनशन और बिगड़ती सेहत के बीच सियासी पारा गरमा गया है. मेदांता अस्पताल में एडमिट सोनम वांगचुक से मुलाकात करने और उनका अनशन तुड़वाने पहुंचे समाजवादी पार्टी और आम आदमी पार्टी के प्रतिनिधिमंडल को पुलिस ने बाहर ही रोक दिया. इस दौरान सपा सांसद प्रिया सरोज और पुलिस अधिकारियों के बीच तीखी बहस हो गई. सांसद प्रिया सरोज ने पुलिस के रवैये पर कड़ा ऐतराज जताते हुए सवाल किया कि मेडिकल प्रोटोकॉल सिर्फ विपक्ष के नेताओं के लिए ही क्यों लागू किया जा रहा है? इस पूरी घटना और बहस का वीडियो अब सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है.

यह भी पढ़ें...

मेडिकल प्रोटोकॉल हमको भी दिखाइए- प्रिया सरोज

संसद सत्र के बाद सपा सांसद प्रिया सरोज, राजीव राय और आप सांसद संजय सिंह समेत विपक्ष के कई नेता सोनम वांगचुक का हाल-चाल जानने मेदांता अस्पताल पहुंचे थे. पुलिस ने मेडिकल प्रोटोकॉल और केवल परिजनों या अनुमति प्राप्त लोगों को मिलने की बात कहकर प्रतिनिधिमंडल को अंदर जाने से रोक दिया.

पुलिस की रोक पर भड़कते हुए सांसद प्रिया सरोज ने कहा 'हम तो अस्पताल के अंदर जरूर जाएंगे, आप हमें रोक नहीं सकते. हमसे पहले भी कई नेता मिलकर गए हैं तब प्रोटोकॉल कहां था? यह मेडिकल प्रोटोकॉल सिर्फ हमारे लिए ही क्यों लाया गया है? पुलिस का रवैया बेहद गलत है और जब तक हमें मिलने नहीं दिया जाएगा, हम यहीं बैठे रहेंगे.'

28 जून से जारी है सोनम वांगचुक का अनशन

सोनम वांगचुक 28 जून 2026 से जंतर-मंतर पर अनिश्चितकालीन अनशन पर बैठे थे. 18 जुलाई को हाई कोर्ट के निर्देशों का हवाला देते हुए पुलिस उन्हें अस्पताल ले गई. सफदरजंग के बाद अब उन्हें मेदांता अस्पताल में रखा गया है. लगातार स्वास्थ्य बिगड़ने के बावजूद वांगचुक ग्लूकोज या कोई मेडिकल डोज लेने से इंकार कर रहे हैं और अनशन पर अड़े हुए हैं.

अब तक क्या-क्या हुआ

जंतर-मंतर पर नीट पेपर लीक मामले और शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग को लेकर कॉकरोच जनता पार्टी और छात्रों का प्रदर्शन पिछले एक महीने से जारी है जिसे सोनम वांगचुक का समर्थन हासिल है. 20 जुलाई को 'चलो संसद' मार्च के दौरान प्रदर्शनकारियों और पुलिस के बीच भारी हिंसक झड़प हुई. प्रदर्शनकारियों का आरोप है कि पुलिस ने छात्रों पर लाठीचार्ज कर उन्हें लहूलुहान किया. जबकि पुलिस का दावा है कि इस उपद्रव में करीब 118 पुलिसकर्मी घायल हुए.

सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव ने संसद में लाठीचार्ज का मुद्दा उठाया और स्पीकर से भी तीखी बहस हुई. 21 जुलाई को विरोध प्रदर्शन के दौरान अखिलेश यादव को भी पुलिस ने हिरासत में लिया था जिन्हें बाद में छोड़ा गया.

फास्ट ट्रैक कोर्ट में होगी सुनवाई: पीएम मोदी

नीट और पेपर लीक के बढ़ते विवाद के बीच प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का बड़ा बयान सामने आया है. प्रधानमंत्री ने स्पष्ट किया है कि पेपर लीक मामलों की त्वरित सुनवाई के लिए मामले को फास्ट ट्रैक कोर्ट में भेजा जाएगा ताकि दोषियों को जल्द सजा मिल सके.