उत्तर प्रदेश विधानसभा के मॉनसून सत्र के दौरान दूसरे दिन भी जबरदस्त हंगामा देखने को मिला. मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की एक तस्वीर को लेकर सदन में ऐसा बवाल हुआ कि विधानसभा अध्यक्ष सतीश महाना ने कड़ा कदम उठाते हुए सपा विधायक सचिन यादव को पूरे सत्र के लिए बाहर कर दिया. अध्यक्ष ने चेतावनी देते हुए विधायक की सदस्यता रद्द करने तक की बात कह दी. इसके बाद सीएम योगी आदित्यनाथ के संबोधन के बीच ही अध्यक्ष ने सदन की कार्यवाही को अगले दिन तक के लिए स्थगित कर दिया.
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मार्शल बुलाकर सपा विधायक को निकाला बाहर
सदन की कार्यवाही के दौरान जब समाजवादी पार्टी के विधायक विरोध-प्रदर्शन कर रहे थे तभी सपा विधायक सचिन यादव ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की एक तस्वीर दिखाई. इस पर सत्ता पक्ष के विधायकों ने तीव्र आपत्ति जताई. विधानसभा अध्यक्ष सतीश महाना ने तुरंत हस्तक्षेप करते हुए सख्त लहजे में कहा कि 'मुख्यमंत्री की फोटो के साथ इस तरह का व्यवहार नहीं किया जा सकता.' जब सपा विधायक लगातार हंगामा करते रहे तो स्पीकर ने मार्शल बुलाकर सचिन यादव को तुरंत बाहर निकालने का आदेश दिया.
स्पीकर की सख्त टिप्पणी
लगातार नारेबाज़ी कर रहे विधायक पर बिफरते हुए सतीश महाना ने कहा कि 'बहुत ज्यादा लॉयल बनने की कोशिश न करें.' इसके साथ ही उन्होंने विधायक को पूरे बजट सत्र के लिए निष्कासित कर दिया और सख्त चेतावनी दी कि आचरण न सुधरने पर उनकी सदस्यता भी टर्मिनेट की जा सकती है.
सदन से बाहर निकाले जाने पर सचिन यादव ने कही ये बात
सदन से पूरे सत्र के लिए निष्कासित किए जाने के बाद समाजवादी पार्टी के विधायक सचिन यादव का बड़ा बयान सामने आया है.उन्होंने कहा कि विपक्ष जनता के मुद्दों को सदन में लगातार उठाता रहेगा और अपनी बात रखता रहेगा.उन्होंने आगे कहा कि 'मुख्यमंत्री अपनी बात सदन में रखते हैं. लेकिन जब हम अपनी बात कहते हैं तो हमें बाहर निकालने की बात कही जाती है. यह लोकतांत्रिक व्यवस्था के अनुरूप नहीं है.' उन्होंने दोहराया कि विपक्ष जनता के हितों से जुड़े मुद्दों को मजबूती से उठाता रहेगा.
सीएम योगी का विपक्ष पर तीखा हमला
विधायक के निष्कासन और हंगामे के बीच मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सदन में अपना संबोधन दिया. सीएम योगी ने समाजवादी पार्टी के रवैये पर कड़ा प्रहार करते हुए कहा 'सभी सदस्यों के पास चर्चा का अच्छा अवसर था. लेकिन जिन लोगों का लोकतांत्रिक मूल्यों पर विश्वास नहीं है वे इसका अपमान कर रहे हैं. सपा और पूरे विपक्ष का यह आचरण पूरी तरह से असंवैधानिक है.'
सीएम ने कहा कि विरोधी दल बजट प्रस्तावों को देखने और उन पर गंभीर चर्चा करने में कोई दिलचस्पी नहीं रखते, वे सिर्फ सदन का कीमती समय नष्ट करना चाहते हैं. सीएम योगी ने तंज कसते हुए कहा कि सपा के इस आचरण को पूरे प्रदेश की जनता देख रही है और ये लोग लोकतंत्र की खिलियां उड़ा रहे हैं.
राम मंदिर चढ़ावे पर नियम 311 को लेकर भिड़े नेता प्रतिपक्ष और स्पीकर
इससे पहले जैसे ही दूसरे दिन की कार्यवाही शुरू हुई, नेता प्रतिपक्ष माता प्रसाद पांडे ने नियम 311 का हवाला देते हुए अयोध्या राम मंदिर में चढ़ावा चोरी का मुद्दा उठाया और अन्य सभी कार्यों को रोककर तुरंत चर्चा कराने की मांग की. इस मांग पर स्पीकर सतीश महाना ने स्पष्ट कहा कि यह विषय नियमानुसार चर्चा के योग्य नहीं है. महाना ने कहा 'कोई पहाड़ तो नहीं टूट पड़ा है. आपके पास कोई ठोस विषय ही नहीं है, आप सोचकर ही आए हैं कि हंगामा करना है.'
इसके बाद सपा विधायकों ने नारेबाजी शुरू कर दी. अतुल प्रधान दूध और पानी की बोतलें लेकर पहुंच गए तो वहीं स्पीकर ने आक्रामक और चुटीले अंदाज में सपा के मुस्लिम विधायकों का नाम लेकर चुटकी ली. उन्होंने कहा कि मुझे बहुत संतोष हो रहा है कि शोएब अंसारी साहब, उमर अली भाई और शाहिद मंजूर जी आज राम मंदिर की बात कर रहे हैं. जो शुरुआत से राम मंदिर का विरोध किया वे आज चिंता जता रहे हैं. अगर आप में से किसी ने राम मंदिर में चंदा दिया हो तो जरा रसीद लेकर आ जाइए, देखें तो सही आपका कौन सा पैसा चोरी हुआ है.'
स्पीकर ने आगे स्पष्ट किया कि राम मंदिर चढ़ावे से जुड़ा मामला एसआईटी जांच के तहत है, दोषियों पर कार्रवाई हो रही है और मामला सुप्रीम कोर्ट में विचाराधीन है. इसलिए नियमानुसार इस पर सदन में चर्चा नहीं हो सकती.
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