डिप्टी CM केशव प्रसाद मौर्य के बयान से गरमाई यूपी की सियासत, मदरसों को लेकर बोले- ‘आतंकवादियों को पैदा करने की फैक्ट्री’

यूपी तक

• 09:15 AM • 04 Aug 2026

उत्तर प्रदेश के डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्य के मदरसे को लेकर दिए गए एक बयान से प्रदेश की राजनीति गरमा सकती है. लखनऊ में दिए बयान में केशव मौर्य ने मदरसों पर तीखी टिप्पणी करते हुए कहा, 'मदरसा कहीं भी हो, आतंकवाद ही पैदा करता है.'

Keshav Prasad Maurya Madrasa Remark

Keshav Prasad Maurya Remark On Madrasa (File Photo)

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Keshav Prasad Maurya Madrasa Remark: उत्तर प्रदेश के डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्य के मदरसे को लेकर दिए गए एक बयान से प्रदेश की राजनीति गरमा सकती है. लखनऊ में दिए बयान में केशव मौर्य ने मदरसों पर तीखी टिप्पणी करते हुए कहा, 'मदरसा कहीं भी हो, आतंकवादियों को पैदा करने की फैक्ट्री है.' उनके इस बयान के बाद राजनीतिक विवाद बढ़ने के आसार हैं. विपक्षी दलों की ओर से इस पर तीखी प्रतिक्रिया आने की संभावना जताई जा रही है. यह बयान ऐसे समय आया है, जब प्रदेश सरकार मदरसा शिक्षा से जुड़े संशोधन प्रस्ताव पर आगे बढ़ रही है.

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मदरसा शिक्षा को लेकर सरकार के फैसले पर नजर

मदरसा शिक्षा में बदलाव को लेकर उत्तर प्रदेश सरकार के स्तर पर चर्चा चल रही है. सूत्रों के मुताबिक आज कैबिनेट की बैठक में इस मुद्दे पर बड़ा फैसला हो सकता है. प्रस्ताव के अनुसार उत्तर प्रदेश में मदरसों में 12वीं कक्षा तक ही पढ़ाई कराने की व्यवस्था की जा सकती है. इसके साथ ही मदरसों में चलने वाले डिग्री कोर्स पूरी तरह बंद किए जाने की बात सामने आई है. हालांकि कैबिनेट के अंतिम फैसले के बाद ही प्रस्तावित बदलावों की स्थिति स्पष्ट होगी.

बयान के बाद बढ़ सकता है राजनीतिक विवाद

डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्य के बयान को लेकर प्रदेश की सियासत में नया विवाद खड़ा होने के आसार हैं. मदरसों को लेकर उनकी टिप्पणी ऐसे समय आई है, जब सरकार शिक्षा व्यवस्था से जुड़े बदलावों पर विचार कर रही है. ऐसे में बयान को कैबिनेट के संभावित फैसले से जोड़कर भी देखा जा रहा है. हालांकि सरकार की ओर से प्रस्तावित बदलावों और डिप्टी सीएम के बयान के बीच किसी सीधे संबंध की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है.

विपक्ष की प्रतिक्रिया पर टिकी नजर

केशव मौर्य के बयान के बाद अब विपक्षी दलों की प्रतिक्रिया पर नजर है. बयान को लेकर राजनीतिक दल सरकार पर सवाल उठा सकते हैं और इसे लेकर सियासी बहस तेज होने की संभावना है. वहीं, सरकार की ओर से मदरसा शिक्षा में प्रस्तावित बदलाव को लेकर कैबिनेट के फैसले का इंतजार किया जा रहा है. यदि 12वीं तक की पढ़ाई और डिग्री कोर्स बंद करने संबंधी प्रस्ताव को मंजूरी मिलती है, तो इसका असर प्रदेश में संचालित मदरसों की उच्च शिक्षा व्यवस्था पर पड़ सकता है.