कोर्ट से बरी होने के बाद बृजभूषण शरण सिंह की पहली प्रतिक्रिया आई सामने, फैसले के बाद साजिश का भी लगाया आरोप

हिमांशु मिश्रा

03 Aug 2026 (अपडेटेड: 03 Aug 2026, 12:28 PM)

दिल्ली की राउज एवेन्यू कोर्ट ने महिला पहलवानों से जुड़े यौन उत्पीड़न मामले में भारतीय कुश्ती महासंघ (WFI) के पूर्व अध्यक्ष और बीजेपी के पूर्व सांसद बृजभूषण शरण सिंह और पूर्व WFI सहायक सचिव विनोद तोमर को बरी कर दिया है.

Brij Bhushan Sharan Singh Statement

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Brij Bhushan Sharan Singh Statement: दिल्ली की राउज एवेन्यू कोर्ट ने महिला पहलवानों से जुड़े यौन उत्पीड़न मामले में भारतीय कुश्ती महासंघ (WFI) के पूर्व अध्यक्ष और बीजेपी के पूर्व सांसद बृजभूषण शरण सिंह और पूर्व WFI सहायक सचिव विनोद तोमर को बरी कर दिया है. सोमवार को फैसला आने के बाद बृजभूषण सिंह कोर्ट से बाहर निकले और अपनी प्रतिक्रिया दी. उन्होंने कहा कि वह शुरुआत से ही खुद को निर्दोष बताते रहे हैं. फैसले के बाद उन्होंने दावा किया कि उनके खिलाफ साजिश रची गई थी.

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बरी होने के बाद बृजभूषण क्या बोले?

कोर्ट से राहत मिलने के बाद बृजभूषण शरण सिंह ने कहा, 'सबसे पहले कोर्ट ने मुझे और विनोद तोमर को बाइज्जत बरी कर दिया है. कोर्ट ने कहा कि आप दोनों लोगों को बाइज्जत बरी किया जाता है. मैं फर्स्ट डे जब से आरोप लगाए गए हैं, तब से कह रहा था कि अगर आरोप साबित हो जाएगा, तो मैं खुद ही फांसी पर लटक जाऊंगा. कोर्ट ने बाइज्जत बरी किया. मेरे लिए प्रसन्नता का विषय है, मेरे समर्थकों के लिए प्रसन्नता का विषय है और हमारे वकील साहब के लिए बहुत-बहुत धन्यवाद.' उन्होंने कहा कि वह पहले दिन से अपने ऊपर लगे आरोपों को लेकर अपनी बात पर कायम थे और अदालत के फैसले से उनकी बात सही साबित हुई है.

साजिश पर क्या बोले बृजभूषण?

बृजभूषण सिंह ने फैसले के बाद अपने खिलाफ साजिश का आरोप भी लगाया. उन्होंने कहा, 'मैं पहले दिन से कहता आया हूं कि अगर मेरे खिलाफ एक भी आरोप साबित हो जाए तो मैं सजा भुगतने के लिए तैयार हूं. मुझे अपने ऊपर पूरा भरोसा था, क्योंकि मैं खुद को जानता हूं. आज मुझे लगता है कि मेरी बात सही साबित हुई है.' उन्होंने आगे दावा किया कि उनके खिलाफ एक सुनियोजित साजिश रची गई थी. उनके मुताबिक इस पूरे मामले में कुछ पहलवानों के अलावा कई राजनीतिक दल और नेता भी शामिल थे. उन्होंने कहा कि जो लोग उस समय उन्हें दोषी मान रहे थे, उन्हें अब अपने फैसले पर विचार करना चाहिए.

WFI चुनाव का भी किया जिक्र

पूर्व सांसद ने कहा कि वह वर्षों से आरोपों और साजिशों का सामना करते रहे हैं. उन्होंने दावा किया कि उन्होंने हमेशा जूनियर और कमजोर खिलाड़ियों के हितों के लिए आवाज उठाई, जिसके कारण उन्हें निशाना बनाया गया. बृजभूषण ने जंतर-मंतर पर हुए आंदोलन और उस दौरान मौजूद लोगों का जिक्र करते हुए कहा कि वहां कौन-कौन लोग और कौन-कौन से राजनीतिक दल मौजूद थे, इसका रिकॉर्ड उपलब्ध है. उन्होंने यह भी कहा कि फेडरेशन से जुड़े कुछ लोग उन्हें दोबारा अध्यक्ष के पद पर नहीं देखना चाहते थे. उन्होंने जनवरी में आरोप लगने और अप्रैल में अध्यक्ष का चुनाव होने के बीच के समय का जिक्र करते हुए कहा कि इन घटनाओं के समय को भी देखा जाना चाहिए.

 बृजभूषण सिंह ने किसे कहा 'बिल्ला'?

फैसले के बाद बृजभूषण सिंह ने एक शख्स का जिक्र करते हुए कहा, 'भाटी जी, वो कहां गया बिल्ला.' इसके बाद उन्होंने कहा कि फिलहाल वह ज्यादा कुछ नहीं कहना चाहते और अदालत के विस्तृत आदेश की कॉपी मिलने के बाद ही यह स्पष्ट होगा कि जजमेंट किन आधारों पर आया है. उन्होंने कहा कि आरोप लगने के बाद से उनकी पहली प्रतिक्रिया यही रही थी कि यदि आरोप साबित होते हैं तो वह फांसी पर लटकने के लिए तैयार हैं. उन्होंने फैसले को प्रसन्नता का विषय बताया और कहा, 'होइहि सोइ जो राम रचि राखा.'

बृजभूषण शरण सिंह के वकील ने क्या कहा?

बृजभूषण शरण सिंह के वकील ने कहा कि अदालत ने दोनों अभियुक्तों को बरी करने का फैसला सुनाया है. उन्होंने कहा कि अभी अदालत के आदेश की पूरी कॉपी उपलब्ध नहीं हुई है. उनके अनुसार, आदेश मिलने के बाद यह स्पष्ट किया जा सकेगा कि अदालत किन आधारों पर इस निष्कर्ष तक पहुंची. वकील ने कहा, 'अभी जो हमारी तरफ से तर्क रखे गए थे, वो मान लिए गए हैं.' अदालत के विस्तृत आदेश के बाद फैसले के कानूनी आधार को लेकर स्थिति और स्पष्ट होगी.

महिला पहलवानों ने लगाए थे गंभीर आरोप

यह मामला 2023 में उस समय देशभर में चर्चा में आया था, जब देश की कई नामचीन महिला पहलवानों ने भारतीय कुश्ती महासंघ के अध्यक्ष पद पर रहते हुए बृजभूषण शरण सिंह पर यौन उत्पीड़न के गंभीर आरोप लगाए थे. पहलवानों ने दिल्ली के जंतर-मंतर पर प्रदर्शन किया था. इसके बाद दिल्ली पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच की और चार्जशीट दाखिल की. मामले में अदालत ने आगे की सुनवाई के दौरान अभियोजन और बचाव पक्ष की दलीलें सुनीं. बृजभूषण सिंह ने आरोपों से इनकार करते हुए खुद को निर्दोष बताया था.

2024 के लोकसभा चुनाव में नहीं मिला था टिकट

आरोपों के बीच बीजेपी ने 2024 के लोकसभा चुनाव में बृजभूषण शरण सिंह को टिकट नहीं दिया था. उनकी जगह उनके बेटे करण भूषण सिंह को चुनाव मैदान में उतारा गया था. अब लंबे समय तक चली कानूनी प्रक्रिया के बाद राउज एवेन्यू कोर्ट ने बृजभूषण शरण सिंह और विनोद तोमर को बरी कर दिया है. फैसले के बाद बृजभूषण सिंह ने इसे अपने और समर्थकों के लिए खुशी का दिन बताया.