चंदौली में गार्गी पटेल के इस्तीफे से बढ़ जाएगी अखिलेश यादव की टेंशन?

रजत सिंह

04 Aug 2026 (अपडेटेड: 04 Aug 2026, 11:55 AM)

चंदौली में सपा की महिला सभा जिलाध्यक्ष गार्गी पटेल ने दिया इस्तीफा. घर में मारपीट के बाद अखिलेश यादव को लिखा भावुक पत्र, पूर्वांचल में पटेल सियासत गरमाई.

Gargi Patel Resignation

Gargi Patel Resignation

Google CTA

उत्तर प्रदेश में 2027 के विधानसभा चुनावों से पहले पूर्वांचल की राजनीति से समाजवादी पार्टी के लिए एक बड़ी और झटकेदार खबर सामने आई है. चंदौली जिले में पटेल बनाम यादव के सियासी विवाद के बीच समाजवादी पार्टी की महिला सभा की जिलाध्यक्ष गार्गी पटेल ने अपने पद और पार्टी की प्राथमिक सदस्यता से इस्तीफा दे दिया है. गार्गी पटेल का यह इस्तीफा सोशल मीडिया (फेसबुक) पर वायरल हो रहा है जिसमें उन्होंने सीधे सपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव को संबोधित करते हुए पार्टी नेतृत्व पर कठिन समय में साथ न देने और उपेक्षा करने का गंभीर आरोप लगाया है.

यह भी पढ़ें...

घर में घुसकर हुई थी मारपीट

दरअसल बीते दिनों चंदौली में सपा महिला सभा की जिलाध्यक्ष गार्गी पटेल के घर में घुसकर लात-घूसों, रोड और टेबल से बेरहमी से मारपीट की गई थी जिसका सीसीटीवी फुटेज भी सामने आया था. गार्गी पटेल ने पूर्व ब्लॉक प्रमुख प्यारेलाल यादव, उनकी पत्नी उर्मिला यादव, बेटों और सपा नेता सिद्धार्थ जायसवाल समेत अन्य लोगों पर जमीन के कारोबार में धोखाधड़ी और घर में घुसकर जानलेवा हमले का आरोप लगाया था.

अपने इस्तीफे में गार्गी पटेल ने यह दर्दनाक खुलासा भी किया कि पार्टी से जुड़े कुछ नेता षड्यंत्र रचकर अब उल्टा उन्हीं के खिलाफ धारा 307 (हत्या के प्रयास का मुकदमा) में केस दर्ज कराकर जेल भेजने की तैयारी कर रहे हैं.

मंच पर भाषण अलग हैं और मुसीबत में साथ खड़े होना अलग- गार्गी पटेल

अखिलेश यादव को भेजे अपने इस्तीफे में गार्गी पटेल ने लिखा कि उन्होंने सड़क से लेकर संगठन तक पार्टी के लिए पूरी निष्ठा से संघर्ष किया. लेकिन जब उन पर अन्याय हुआ तो पार्टी के लोग खामोश रहे. उन्होंने कहा 'मैंने बहुत कुछ सह लिया क्योंकि मुझे लगता था कि संगठन परिवार की तरह होता है. लेकिन जब मेरे जीवन में सबसे कठिन समय आया, तब मुझे एहसास हुआ कि राजनीति में मंच से दिए भाषण अलग होते हैं और किसी कार्यकर्ता के बुरे वक्त में उसके साथ खड़ा होना बिल्कुल अलग... यह मेरे आत्मसम्मान का निर्णय है. पद छीन सकते हैं लेकिन एक महिला के लड़ने की इच्छाशक्ति को खत्म नहीं कर सकते.'

अखिलेश यादव के PDA फॉर्मूले को पूर्वांचल में झटका!

गार्गी पटेल का यह इस्तीफा पूर्वांचल में समाजवादी पार्टी के 'पीडीए' (पिछड़ा, दलित, अल्पसंख्यक) और गैर-यादव ओबीसी (कुर्मी/पटेल) कार्ड के लिए बड़ा झटका माना जा रहा है. पूर्वांचल और चंदौली के इलाके में पटेल (कुर्मी) वोट बैंक निर्णायक भूमिका निभाता है. हालिया लोकसभा चुनाव में पटेल समाज ने सपा का खुलकर साथ दिया था.

घटना के वक्त ही बीजेपी नेताओं ने गार्गी पटेल से मुलाकात कर सपा पर निशाना साधना शुरू कर दिया था. अब इस इस्तीफे को बीजेपी पूर्वांचल की राजनीति में सपा के खिलाफ भुनाती नजर आ सकती है.

हालांकि बाद में सपा प्रदेश अध्यक्ष श्यामलाल पाल और सीमा राजभर ने भी गार्गी से मुलाकात की थी. लेकिन तब तक बात बिगड़ चुकी थी. अब देखना यह होगा कि गार्गी पटेल के इस तीखे इस्तीफे और आरोपों को अखिलेश यादव कैसे संभालते हैं.

ये भी पढ़ें: दतिया उपचुनाव में चंद्रशेखर आजाद ने ऐसा क्या कर दिया जिससे यूपी में मायावती और बीजेपी को हो सकती है परेशानी?