Gorakhpur Primary Schools: समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने योगी सरकार पर निशाना साधते हुए बड़ा दावा किया है. उन्होंने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के गृह जनपद गोरखपुर का हवाला देते हुए कहा कि वहां पिछले कुछ समय में लगभग 500 प्राइमरी स्कूल बंद कर दिए गए हैं.
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अखिलेश यादव के मुताबिक, स्कूलों के बंद होने से करीब 1500 लोगों की सरकारी नौकरी पर सीधा असर पड़ा है.
"गरीबों से पढ़ाई की पहली सीढ़ी छीनी जा रही"
सपा प्रमुख ने कहा कि एक तरफ मुख्यमंत्री अपनी यूनिवर्सिटी बना रहे हैं, तो दूसरी तरफ गांव के सबसे गरीब और पीडीए (पिछड़े, दलित, अल्पसंख्यक) समाज के बच्चों से पढ़ाई का मौका छीना जा रहा है. उन्होंने कहा, "प्राइमरी स्कूल ही गरीब जनता के बच्चों के लिए पढ़ाई की पहली सीढ़ी होते हैं, और सरकार इसी सीढ़ी को हटाने का काम कर रही है."
नौकरी जाने का दिया गणित
अखिलेश यादव ने सरकारी नौकरियों के नुकसान को लेकर एक सीधा हिसाब सामने रखा...
- बंद हुए स्कूल: लगभग 500 प्राइमरी स्कूल.
- प्रति स्कूल स्टाफ (औसत): 2 शिक्षक और 1 कर्मचारी.
- कुल प्रभावित लोग: इस हिसाब से लगभग 1500 लोगों की सरकारी नौकरी सीधे तौर पर छिन गई.
अपने गृह जनपद और चुनावी क्षेत्र में 500 प्राइमरी स्कूल बंद कर देना, यह सरकार की बड़ी नाकामी है. यह इनके पिछले सालों के कामकाज का असली रिपोर्ट कार्ड है.
आंकड़ों पर उठाई बात
सपा प्रमुख ने गोरखपुर में प्राइमरी स्कूलों की घटती संख्या पर भी बात की. उन्होंने 2017 और 2026 के आंकड़ों का अंतर बताते हुए कहा कि स्कूलों की संख्या में भारी कमी आई है. इसके साथ ही उन्होंने मीडिया से भी अपील की कि अगर इन आंकड़ों में कोई सुधार की गुंजाइश हो, तो वे इसे जरूर सामने लाएं.
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