UP Election News: UP Tak का खास शो 'आज का यूपी' है, जिसमें हम उत्तर प्रदेश की राजनीति और शासन से जुड़ी तीन बड़ी और महत्वपूर्ण खबरों का विश्लेषण करते हैं. आज के इस अंक में पहली बड़ी खबर समाजवादी पार्टी कार्यालय में होने वाली ब्राह्मण नेताओं की अहम बैठक और अखिलेश यादव के 'पैरेलल ब्राह्मण प्लान' को लेकर है, जिसमें जनेश्वर मिश्र की जयंती के बहाने 2027 के लिए रणनीति तैयार की जा रही है. दूसरी बड़ी खबर पार्टी के भीतर ब्राह्मण समाज को लेकर उपजे विवादों के बाद अखिलेश यादव द्वारा खुद को 'उदार हिंदू चेहरा' और 'सॉफ्ट हिंदुत्व' के रूप में स्थापित करने की कोशिशों के विश्लेषण पर आधारित है. वहीं, तीसरी बड़ी खबर बलिया से सपा सांसद सनातन पांडे के उस विशेष बयान पर है जिसमें उन्होंने जनेश्वर मिश्र की जयंती पर होने वाले इस बड़े कार्यक्रम और पार्टी की आगामी भागीदारी की रूपरेखा को सामने रखा है.
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जनेश्वर मिश्र जयंती के बहाने सपा की बड़ी बैठक, क्या है अखिलेश यादव का 'पैरेलल ब्राह्मण प्लान'?
लखनऊ स्थित समाजवादी पार्टी के राज्य मुख्यालय पर एक बेहद महत्वपूर्ण बैठक होने जा रही है. इस बैठक में प्रदेशभर से समाजवादी पार्टी से जुड़े तमाम बड़े ब्राह्मण नेता, विधायक, पूर्व विधायक, सांसद, पूर्व सांसद और पदाधिकारी जुटने वाले हैं. हालांकि, आधिकारिक तौर पर यह बैठक 5 अगस्त को होने वाली समाजवाद के सबसे बड़े विचारक पंडित जनेश्वर मिश्र की जयंती के कार्यक्रमों की रूपरेखा तय करने के लिए बुलाई गई है, लेकिन इसके राजनीतिक मायने बहुत गहरे हैं.
अखिलेश यादव भले ही खुलकर 'PDA' (पिछड़ा, दलित, अल्पसंख्यक) के फॉर्मूले पर चल रहे हों, लेकिन अंदरखाने सपा अब एक पैरेलल (समानांतर) 'ब्राह्मण प्लान' लेकर भी चल रही है. 2027 के विधानसभा चुनाव के मद्देनजर सपा इस बैठक के जरिए यह संदेश देना चाहती है कि वह ब्राह्मणों को अपने साथ जोड़ने और उन्हें सत्ता में उचित भागीदारी देने के लिए पूरी तरह गंभीर है. मायावती की दलित-ब्राह्मण सोशल इंजीनियरिंग और कांग्रेस के पारंपरिक जुड़ाव को देखते हुए अखिलेश यादव किसी भी कीमत पर ब्राह्मण समाज को नाराज नहीं रखना चाहते.
'सॉफ्ट हिंदुत्व' और उदार हिंदू चेहरा, राजकुमार भाटी विवाद के बाद बैकफुट से फ्रंटफुट पर आए अखिलेश
हाल के दिनों में समाजवादी पार्टी के भीतर ब्राह्मण समाज को लेकर एक बड़ा विवाद खड़ा हो गया था, जब पार्टी के प्रवक्ता राजकुमार भाटी ने ब्राह्मणों को लेकर एक विवादित टिप्पणी कर दी थी. इस बयान के बाद सपा के ब्राह्मण चेहरों ने अखिलेश यादव से मिलकर कड़ी नाराजगी जताई थी, जिसके बाद अखिलेश यादव ने खुद भाटी को बुलाकर उनकी क्लास लगाई और कड़ी नसीहत दी. इस विवाद के बाद डैमेज कंट्रोल के लिए अखिलेश यादव लगातार 'उदार हिंदू चेहरा' पेश कर रहे हैं.
चाहे शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद के प्रकरण में मजबूती से उनके साथ खड़ा होना हो, डिंपल यादव द्वारा सार्वजनिक मंच पर शंकराचार्य के पैर छूना हो, या फिर केदारेश्वर मंदिर में पूजा-पाठ करते हुए तस्वीरें और वीडियो साझा करना हो अखिलेश यादव खुद को सॉफ्ट हिंदुत्व की ओर ले जाते दिख रहे हैं. बड़े मंगल पर भंडारा खिलाने से लेकर ज्योतिष की सलाह पर अपनी दिनचर्या तय करने तक, अखिलेश के हाव-भाव पूरी तरह बदले हुए हैं. पश्चिम बंगाल में ममता बनर्जी के हश्र को देखने के बाद अखिलेश यादव उत्तर प्रदेश में 'मुस्लिम परस्त' राजनीति के ठप्पे को पूरी तरह धोकर ब्राह्मणों के बीच अपनी पैठ मजबूत करना चाहते हैं.
बलिया सांसद सनातन पांडे का बड़ा बयान, 'छोटे लोहिया' को नमन कर दिया एकजुटता का संदेश
इस बड़ी बैठक और जनेश्वर मिश्र जयंती के आयोजन को लेकर बलिया से समाजवादी पार्टी के नवनिर्वाचित सांसद सनातन पांडे ने 'आज का यूपी' शो में अपनी बात रखी. उन्होंने कहा कि पंडित जनेश्वर मिश्र (जिन्हें छोटे लोहिया भी कहा जाता है) एक महान समाजवादी नेता थे, जो जाति और धर्म की राजनीति से कोसों ऊपर थे. चार बार देश के कैबिनेट मंत्री रहने के बावजूद उनके पास अपने रहने के लिए एक मकान तक नहीं था और उन्होंने अपने परिवार के किसी सदस्य की राजनीति में एंट्री नहीं कराई.
सांसद सनातन पांडे ने बताया कि पिछले साल ही उन्होंने राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव से अनुरोध किया था कि पंडित जनेश्वर मिश्र की जयंती का कार्यक्रम इस बार बहुत भव्य स्तर पर पार्टी कार्यालय में आयोजित होना चाहिए, जिस पर राष्ट्रीय अध्यक्ष ने सहमति जताई थी. पार्टी में पवन पांडे, संतोष पांडे, विनय शंकर तिवारी जैसे कई बड़े ब्राह्मण चेहरे हैं जो इस बैठक का हिस्सा बनेंगे. इस आयोजन के जरिए सपा यह आश्वस्त करना चाहती है कि भले ही 'PDA' उनका जीत का मूल मंत्र हो, लेकिन 'पी' का मतलब समय-समय पर 'पंडित' भी होगा और 2027 में उनकी टिकट और सत्ता की भागीदारी सुनिश्चित की जाएगी.
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