लखनऊ पहुंचे कॉकरोच पार्टी चीफ अभिजीत दीपके को अखिलेश यादव ने दिया कोई बड़ा मैसेज? ये बात अब निकालकर सामने आई

यूपी Tak के खास शो 'आज का यूपी' में देखें लखनऊ के इको गार्डन में छात्रों का महाआंदोलन, कासगंज में अखिलेश यादव का बड़ा यादव दांव और कैबिनेट मंत्री मनोज पांडे द्वारा बटुकों का पूजन कर सपा के सनातन विरोधी चेहरे पर किया गया तीखा पलटवार.

Akhilesh Yadav (File Photo)

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सुषमा पांडेय

13 Jun 2026 (अपडेटेड: 13 Jun 2026, 11:55 AM)

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यूपी Tak के खास शो 'आज का यूपी' राज्य की राजनीतिक और सामाजिक हलचलों का सबसे सटीक विश्लेषण लेकर हाजिर है.आज हम सूबे की कुछ बड़ी और बेहद महत्वपूर्ण खबरों का विश्लेषण करेंगे. 'आज का यूपी' शो की पहली बड़ी खबर राजधानी लखनऊ के इको गार्डन से है जहां प्रतियोगी परीक्षाओं में धांधली और पेपर लीक के खिलाफ हजारों छात्रों ने हल्ला बोल दिया है और विपक्ष इसे लेकर सरकार पर हमलावर है. दूसरी बड़ी खबर कासगंज से है जहां समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने पूर्व सांसद कुंवर देवेंद्र सिंह यादव की घर वापसी कराकर पश्चिमी यूपी में अपना बड़ा 'यादव और पीडीए कार्ड' खेला है. वहीं तीसरी बड़ी और दिलचस्प खबर राजनीतिक पलटवार से जुड़ी है जहां योगी कैबिनेट के मंत्री मनोज पांडे ने सैकड़ों बटुकों और आचार्यों का पूजन कर अखिलेश यादव के ब्राह्मण प्रेम को ढोंग बताते हुए उन्हें सनातन विरोधी नैरेटिव पर करारी शिकनी दी है.

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1. लखनऊ के इको गार्डन में छात्रों का महाआंदोलन, अखिलेश बोले—'यह लीकेज वाली सरकार है'

उत्तर प्रदेश में प्रतियोगी परीक्षाओं में कथित धांधली, भ्रष्टाचार और पेपर लीक के मुद्दों को लेकर युवाओं का गुस्सा एक बार फिर सड़कों पर फूट पड़ा है. लखनऊ के इको गार्डन में हजारों की संख्या में छात्र अपनी मांगों को लेकर धरने पर बैठ गए हैं. इस छात्र आंदोलन में कॉकरोच जनता पार्टी के नेता अभिजीत दीपके भी छात्रों की आवाज बुलंद करने पहुंचे जिसकी गूंज पूरे प्रदेश में सुनाई दे रही है.

इस मुद्दे को लेकर कासगंज पहुंचे सपा प्रमुख अखिलेश यादव ने योगी सरकार पर तीखा हमला बोला. अखिलेश यादव ने कहा 'यह सरकार पूरी तरह से लीक वाली सरकार है. ये लीकेज वाले लोग हैं और इनके सिस्टम में बहुत सारे लीकेज हैं जिसे अब उत्तर प्रदेश की जनता ही स्थायी रूप से बंद करेगी. भारतीय जनता पार्टी को अपना विरोध बिल्कुल भी स्वीकार नहीं है. अगर कोई लोकतांत्रिक तरीके से विरोध करता है तो सरकार उसका एनकाउंटर कर देती है, उसे जेल भेज देती है या उस पर झूठे मुकदमे दर्ज कर देती है.'

2. कासगंज में अखिलेश यादव का बड़ा दांव

पश्चिमी उत्तर प्रदेश की राजनीति और अखिलेश यादव के पीडीए (पिछड़ा, दलित, अल्पसंख्यक) समीकरण के लिहाज से कासगंज में एक बहुत बड़ा राजनीतिक घटनाक्रम देखने को मिला. अखिलेश यादव ने कासगंज पहुंचकर पूर्व सांसद कुंवर देवेंद्र सिंह यादव के एक ग्राउंड का उद्घाटन किया और इसके साथ ही देवेंद्र सिंह की समाजवादी पार्टी में आधिकारिक तौर पर घर वापसी कराई.

कुंवर देवेंद्र सिंह यादव पश्चिमी यूपी के एक कद्दावर नेता माने जाते हैं जिनका कई जिलों में मजबूत राजनीतिक प्रभाव है. 2024 के लोकसभा चुनाव से ठीक पहले वे पाला बदलकर बीजेपी में शामिल हो गए थे. लेकिन वहां तकरीबन दो साल रहने के बाद उनकी अनदेखी हुई और उन्हें वह कद नहीं मिला जिसके वे हकदार थे. अब उनके दोबारा सपा में आने से पार्टी का यादव और पिछड़ा वोट बैंक बेहद मजबूत माना जा रहा है. दिलचस्प बात यह रही कि मंच पर एक भगवाधारी बाबा ने मुकुट पहनाकर अखिलेश यादव का स्वागत किया जिसे सपा के सॉफ्ट हिंदुत्व के तौर पर भी देखा जा रहा है.

3. मनोज पांडे का अखिलेश के 'ब्राह्मण प्रेम' पर करारा पलटवार

एक तरफ जहां अखिलेश यादव गाहे-बगाहे शोषितों, पीड़ितों और ब्राह्मणों के हक में बयान देकर बीजेपी के पारंपरिक वोट बैंक में सेंध लगाने की कोशिश कर रहे हैं. वहीं दूसरी तरफ योगी सरकार के खाद्य एवं रसद मंत्री मनोज पांडे ने अवध और प्रदेश के ब्राह्मणों को एकजुट कर अखिलेश के इस नैरेटिव को पूरी तरह ध्वस्त कर दिया है.

डिप्टी सीएम ब्रजेश पाठक के बाद अब मनोज पांडे ने लखनऊ में सैकड़ों बटुकों और कर्मकांडी आचार्यों को बुलाकर बकायदा उनका पूजन किया और उन्हें सम्मानित किया. इस दौरान मनोज पांडे ने समाजवादी पार्टी और अखिलेश यादव पर सीधा हमला बोलते हुए कहा 'समाजवादी पार्टी का ब्राह्मण प्रेम सिर्फ और सिर्फ वोटों की फसल काटने के लिए एक ढोंग है. यह वही समाजवादी पार्टी है जिसके राज में और जिसके लोगों ने पवित्र रामचरितमानस के पन्नों को सरेआम फड़वाया और जलवाया. जो लोग प्रभु श्री राम के अस्तित्व पर सवाल उठाते थे, मां सीता के लिए गलत शब्दों का इस्तेमाल करते थे और हिंदू देवी-देवताओं का अपमान करने वाले नेताओं को बढ़ावा देते थे, आज वो रामचरितमानस बांटने और सनातन की बात करने का ढोंग कर रहे हैं. इन लोगों को हमारी महान संस्कृति और विराट हिंदू धर्म पर सवाल उठाने का कोई अधिकार नहीं है. मोदी और योगी सरकार में सनातन और आचार्यों का सम्मान सर्वश्रेष्ठ है और हमेशा रहेगा.'