कौन हैं यूपी की सबसे ज्यादा केस वाली टॉप 5 महिला विधायक? जानिए कांग्रेस से लेकर भाजपा और सपा तक की पूरी लिस्ट

UP Politics: यूपी में अगले विधानसभा चुनाव की तैयारियों की चर्चा धीरे-धीरे तेज होने लगी है. ऐसे में लोग एक बार फिर अपने नेताओं के पुराने रिकॉर्ड पर नजर डाल रहे हैं.

Top 5 Women MLAs in UP With The Highest Number Of Cases

Top 5 Women MLAs in UP With The Highest Number Of Cases (Photo: AI Generated)

आशुतोष चौबे

13 Jun 2026 (अपडेटेड: 13 Jun 2026, 01:53 PM)

follow google news

UP Women MLA Cases: यूपी में अगले विधानसभा चुनाव की तैयारियों की चर्चा धीरे-धीरे तेज होने लगी है. ऐसे में लोग एक बार फिर अपने नेताओं के पुराने रिकॉर्ड पर नजर डाल रहे हैं. अब सिर्फ चुनावी वादों और राजनीतिक बयानबाजी की बात नहीं हो रही, बल्कि उम्मीदवारों की पढ़ाई, संपत्ति, देनदारियों और उनके खिलाफ दर्ज मामलों की भी चर्चा हो रही है. माय नेता. इन्फो के मुताबिक साल 2022 के चुनावी हलफनामों में कांग्रेस, भाजपा और समाजवादी पार्टी की कई महिला विधायकों के खिलाफ भी मामले दर्ज थे. ऐसे में आइए जानते हैं कि यूपी की टॉप 5 महिला विधायक कौन हैं, जिनके खिलाफ सबसे ज्यादा मामले दर्ज हैं और उनके हलफनामे क्या बताते हैं.

यह भी पढ़ें...

टॉप 5 में तीन भाजपा महिला विधायक

इन टॉप 5 महिला विधायकों की सूची में सबसे दिलचस्प बात यह है कि इसमें तीन विधायक भाजपा से, एक कांग्रेस से और एक समाजवादी पार्टी से हैं। यानी सबसे ज्यादा मामले दर्ज होने के मामले में यह सूची किसी एक दल तक सीमित नहीं है, बल्कि अलग-अलग राजनीतिक दलों की महिला नेताओं के नाम इसमें शामिल हैं।

1. अराधना मिश्रा 'मोना' (रामपुर खास, प्रतापगढ़) - 6 आपराधिक मामले

रामपुर खास सीट से कांग्रेस विधायक अराधना मिश्रा 'मोना' के खिलाफ कुल 6 आपराधिक मामले दर्ज हैं, जो इस सूची में कांग्रेस नेताओं के बीच सबसे अधिक हैं. चुनावी हलफनामे के अनुसार वह ग्रेजुएट हैं और उनकी घोषित कुल संपत्ति ₹34.06 करोड़ से ज्यादा है, जबकि उन पर किसी भी तरह की देनदारी (देनदारियां यानि Liabilities का मतलब किसी व्यक्ति पर कितना कर्ज या बकाया से है.) दर्ज नहीं है. अराधना मिश्रा 'मोना' प्रदेश की सक्रिय महिला नेताओं में गिनी जाती हैं और लंबे समय से रामपुर खास की राजनीति में प्रभावशाली भूमिका निभाती रही हैं.

2. मनीषा (राठ, हमीरपुर) - 3 आपराधिक मामले

राठ (एससी) विधानसभा सीट से भाजपा विधायक मनीषा के खिलाफ कुल 3 आपराधिक मामले दर्ज हैं. चुनावी हलफनामे के अनुसार वह पोस्ट ग्रेजुएट हैं और उनकी घोषित कुल संपत्ति ₹22.94 लाख से अधिक है. उन पर किसी प्रकार की देनदारी दर्ज नहीं है. मनीषा भाजपा की सक्रिय महिला नेताओं में शामिल हैं और साल 2022 के विधानसभा चुनाव में जीत दर्ज कर सदन पहुंची थीं.


3. केतकी सिंह (बांसडीह, बलिया) - 3 आपराधिक मामले

बांसडीह विधानसभा सीट से भाजपा विधायक केतकी सिंह के खिलाफ कुल 3 आपराधिक मामले दर्ज हैं. चुनावी हलफनामे के अनुसार वह ग्रेजुएट हैं और उनकी घोषित कुल संपत्ति ₹2.03 करोड़ से अधिक है. उन पर किसी भी तरह की देनदारी दर्ज नहीं है. केतकी सिंह पूर्वांचल की राजनीति में एक चर्चित चेहरा मानी जाती हैं और साल 2022 के विधानसभा चुनाव में जीत हासिल कर विधानसभा पहुंची थीं.


4. पूजा पाल (चायल, कौशाम्बी) - 3 आपराधिक मामले

चायल विधानसभा सीट से समाजवादी पार्टी की विधायक पूजा पाल के खिलाफ कुल 3 आपराधिक मामले दर्ज हैं. चुनावी हलफनामे के अनुसार वह ग्रेजुएट हैं और उनकी घोषित कुल संपत्ति ₹17.28 करोड़ से अधिक है. वहीं, उन पर ₹1.49 करोड़ से ज्यादा की देनदारियां भी दर्ज हैं. पूजा पाल प्रदेश की चर्चित महिला नेताओं में गिनी जाती हैं और लंबे समय से सक्रिय राजनीति में अपनी मजबूत मौजूदगी बनाए हुए हैं.

5. आशा मौर्य (महमूदाबाद, सीतापुर) - 3 आपराधिक मामले

महमूदाबाद विधानसभा सीट से भाजपा विधायक आशा मौर्य के खिलाफ कुल 3 आपराधिक मामले दर्ज हैं. चुनावी हलफनामे के मुताबिक वह ग्रेजुएट हैं और उनकी घोषित कुल संपत्ति ₹5.59 करोड़ से अधिक है. वहीं, उन पर ₹25 लाख की देनदारियां भी दर्ज हैं. आशा मौर्य भाजपा की सक्रिय महिला नेताओं में शामिल हैं और साल 2022 के विधानसभा चुनाव में जीत दर्ज कर विधानसभा पहुंची थीं.


इन आंकड़ों से यह साफ होता है कि चुनावी हलफनामे सिर्फ एक औपचारिक दस्तावेज नहीं हैं, बल्कि वे मतदाताओं को अपने जनप्रतिनिधियों के बारे में महत्वपूर्ण जानकारी भी देते हैं. यूपी चुनाव से पहले जनता के लिए यह जानना जरूरी है कि उनके नेता की शैक्षणिक योग्यता, आर्थिक स्थिति और कानूनी रिकॉर्ड क्या है.