Akhilesh Yadav Reaction on Aditi: कासगंज में एक निजी कार्यक्रम में शिरकत करने के बाद एटा पहुंचे समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव का सियासी पारा सातवें आसमान पर नजर आया. अपनी बेटी अदिति यादव के खिलाफ सोशल मीडिया पर की गई अभद्र और अमर्यादित टिप्पणी से नाराज अखिलेश यादव ने सीधे देश के प्रधानमंत्री और सूबे के मुख्यमंत्री पर तीखा व्यक्तिगत हमला बोला. एटा में मीडिया से बात करते हुए सपा प्रमुख ने कहा कि 'जिन लोगों का खुद का परिवार नहीं है वे दूसरों के परिवारों का दर्द और सम्मान कभी नहीं समझ सकते.
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जिनका परिवार नहीं वे परिवार की पीड़ा क्या जानेंगे- अखिलेश यादव
अदिति यादव के खिलाफ हुए भ्रामक और गंदे पोस्ट के विवाद पर अखिलेश यादव ने सीधे सत्ताधीशों को निशाने पर लिया. उन्होंने बेहद तल्ख लहजे में कहा 'जो लोग आज सत्ता के शीर्ष पर बैठे हैं, उनका अपना कोई परिवार नहीं है. यही वजह है कि वे परिवारों का दर्द, उनकी चिंता और उनके सम्मान की कीमत को नहीं समझ सकते. एक परिवार वाला व्यक्ति ही अपनी बेटी और परिवार पर आने वाली पीड़ा और उनके सम्मान को गहराई से महसूस कर सकता है.'
ईरान-इजराइल युद्ध पर कही ये बात
अंतरराष्ट्रीय मुद्दों पर केंद्र की विदेश नीति को घेरते हुए अखिलेश यादव ने इजराइल और ईरान के बीच चल रहे भयंकर सैन्य तनाव का भी जिक्र किया. उन्होंने पीएम नरेंद्र मोदी को लेकर कहा कि 'प्रधानमंत्री इजराइल के दौरे पर तो गए थे, लेकिन यदि वे समय रहते ईरान भी चले जाते तो शायद खुद को सच में विश्वगुरु साबित कर पाते.'
पेट्रोल में एथेनॉल और महंगाई पर सरकार को घेरा
महंगाई के मोर्चे पर घेरते हुए सपा प्रमुख ने देश के तेल गणित पर भी सवाल उठाए. उन्होंने कहा कि आज देश की जनता को जो पेट्रोल मिल रहा है, उसमें सरकार चालाकी से 20 प्रतिशत एथेनॉल मिला रही है. अगर पेट्रोल में यह एथेनॉल न मिलाया जाए तो देश में पेट्रोल की कीमतें आम जनता की पहुंच से बिल्कुल बाहर हो जाएंगी और महंगाई का एक नया रिकॉर्ड बन जाएगा. सरकार अपनी नाकामियों को छुपाने के लिए ऐसे हथकंडे अपना रही है.
'योगी सरकार में शंकराचार्य भी पीड़ित, अब चलेगा PDA का सिक्का'
उत्तर प्रदेश की कानून-व्यवस्था और धार्मिक माहौल पर बरसते हुए अखिलेश यादव ने दावा किया कि आज सूबे में कोई भी सुरक्षित या खुश नहीं है. उन्होंने कहा कि स्थिति इतनी बदतर है कि खुद पूज्य शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती भी इस सरकार के रवैये से पीड़ित और असहज महसूस कर रहे हैं. अखिलेश यादव ने आगामी राजनीतिक समीकरणों को साफ करते हुए कहा 'अब उत्तर प्रदेश और देश में 'पीडीए' (पिछड़ा, दलित, अल्पसंख्यक) की आवाज बेहद मजबूत हो चुकी है. आने वाले समय में सत्ता और शासन में पीडीए की भागीदारी बहुत बड़े स्तर पर बढ़ने जा रही है. इसके साथ ही देश की आधी आबादी यानी महिलाओं की राजनीतिक और सामाजिक हिस्सेदारी भी इतनी मजबूत होकर सामने आएगी कि विरोधी दल चारों खाने चित हो जाएंगे.
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