Satyam Pandit Statement: दिल्ली के जंतर-मंतर पर छात्र आंदोलन में शामिल होने जा रहे दो छात्रों के साथ मारपीट के वायरल वीडियो को लेकर विवाद लगातार गहराता जा रहा है. इस बीच गाजियाबाद निवासी सत्यम पंडित ने यूपी Tak से बातचीत में अपने खिलाफ उठ रही कार्रवाई की मांगों पर खुलकर प्रतिक्रिया दी है. बातचीत में उसने सपा प्रमुख अखिलेश यादव का जिक्र करते हुए तीखा बयान दिया है.
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सत्यम ने कहा, "मेरे खिलाफ विपक्षी नेताओं ने सोशल मीडिया पर वीडियो पोस्ट किए हैं, लेकिन मुझे न एफआईआर का डर है और न ही जेल जाने का. वायरल वीडियो सामने आने के बाद यह मामला लगातार चर्चा का विषय बना हुआ है.'
सत्यम ने अखिलेश यादव का नाम लेते हुए क्या कहा?
सत्यम पंडित ने कहा कि 'देश के सारे विपक्ष नेताओं ने वीडियो शेयर किया है, मैं देख चुका हूं. चाहे वो अखिलेश यादव हों, चाहे वो राहुल गांधी हों, चाहे वो अरविंद केजरीवाल हों, चाहे वो सौरव भारद्वाज हों. मेरे पे फर्क नहीं पड़ता. मैं आपको बता दूं अगर देश विरोधी गतिविधि कहीं भी हम होते देखेंगे तो हम तैयार हैं, हम हर चीज के लिए तैयार हैं. हम उसको सहने का काम नहीं करेंगे. वीडियो किसी साथी ने मेरा बनाया था और उससे किसी पेज पर गलती से डल गया था, उसके बाद ये वायरल हो गया है. मुझे कोई अफसोस नहीं है.'
सत्यम पंडित ने पहले छात्रों से क्या कहा था?
सत्यम पंडित ने घटना की वजह बताते हुए अपने बयान में कहा 'परसों हम जंतर-मंतर पर किसी काम से गए थे तो देखा था वहां पर कुछ लोग श्री राम जी को लेकर उल्टे सीधे नारे लगा रहे थे. तो जैसे ही हम सब ने वापस आकर वहां पर एक राउंड सीपी सर्कल का घुमाया तो वापस आकर मैंने इनसे पूछना समझा कि मैंने भाई आप लोग क्यों कर रहे हो ऐसा? अगर आपकी मांग नीट की थी, आप नीट पे रहते. आप नरेंद्र मोदी मुर्दाबाद, सीता माता के बारे में बोल रहे हो, श्री राम के पोस्टरों पे चप्पल लगा रहे हो... यह लोग स्टूडेंट है आपकी नजर में? मेरी नजर में तो कहीं से स्टूडेंट नहीं है. क्योंकि स्टूडेंट तो वो होता है जो किताबों में भरोसा रखे, हथियारों पे नहीं.'
सत्यम पंडित ने प्रदर्शनकारियों पर क्या कहा?
सत्यम पंडित ने आगे कहा कि 'ये यही वो लोग हैं जो सीता माता पर बोल रहे हैं कि श्री राम ने स्वीकार नहीं करा. ये वही वो लोग हैं जो नरेंद्र मोदी की वहां पर अर्थी निकालने की बात कर रहे हैं. यही वो लोग हैं जो कांस्टेबल को और आईपीएस को पीट रहे हैं. पुलिस के साथ मारपीट तो हुई है. ब्राह्मणवाद मुर्दाबाद के नारे तो लगे हैं. इस पूरे प्रकरण में ब्राह्मणों को क्या मतलब है अब इनके नए पापा एजुकेशन मिनिस्टर बन गए हैं, वो भी तो एक ब्राह्मण ही है. क्या उनका भी विरोध करेंगे अब ये लोग?"
एफआईआर दर्ज होने के पर सत्यम ने क्या कहा?
सत्यम पंडित ने आगे बताया कि 'हमारे बस की ना चाटे खाकर बैठना नहीं है. हमारे आदर्श भगत सिंह हैं, हमारा आदर्श गांधी जी नहीं हैं. कानून अगर इस पे कोई मुकदमा बनता है तो हम स्वागत करते हैं, हम पर पूरा मुकदमा लगाया जाए. एक मारपीट का, गाली गलौज का, जो भी धाराएं बनती हैं वो कारवाई करी जाए. अच्छी बात है जाएंगे तो, अपने आप को शीशे में तो बात कर सकेंगे कि हां हमारे ईश्वर को कोई गाली बक रहा था और हमने उसका जवाब दिया.'
तेज हुई कार्रवाई की मांग
इससे पहले सोशल मीडिया पर वायरल हुए वीडियो में सत्यम पंडित दो छात्रों से बहस करते और उन्हें थप्पड़ मारते दिखाई दिए थे. दावा किया गया था कि यह वीडियो उसने खुद अपने फेसबुक अकाउंट पर साझा किया था. वीडियो सामने आने के बाद सोशल मीडिया पर उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग उठने लगी. इस मामले में पीड़ित छात्र आयुष भी यूपी Tak से बातचीत में अपनी आपबीती बता चुके हैं और घटना के दौरान अपने साथ हुई कथित मारपीट और धमकी का जिक्र कर चुके हैं.
मामले पर जारी है बहस
छात्रों के साथ कथित मारपीट के इस मामले में अब दोनों पक्षों के बयान सामने आ चुके हैं. एक ओर पीड़ित छात्र अपनी बात रख चुके हैं, वहीं दूसरी ओर सत्यम पंडित ने भी अपना पक्ष सार्वजनिक किया है. सोशल मीडिया पर इस पूरे विवाद को लेकर लगातार प्रतिक्रियाएं सामने आ रही हैं और सत्यम पंडित के खिलाफ कार्रवाई की मांग भी जारी है. फिलहाल, यह मामला चर्चा का विषय बना हुआ है.
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